Khamosh Mohabbat - 4 in Hindi Love Stories by Adil Uddin books and stories PDF | ख़ामोश मोहब्बत - 4

Featured Books
  • ઇસ્લામિક સ્ટોરી - 18

    ઈસ્લામિક સ્ટોરી 18   હઝરત ઉમરની વફાત પછી ખિલાફત ની મસનદ એટલે...

  • સરકારી સારવાર

    રસિકલાલ એટલે 'સરકારી આત્મા'. ૩૫ વર્ષ સરકારી નોકરી કર...

  • 11 ટાસ્ક્સ - Chapter 11

    આશુતોષ કોઈ જ હેતુ વગર ફોન હાથમાં લઈ બેઠો હતો. રીલ્સ જોઈ સમય...

  • રઘુવંશ - ભાગ 8

    "એક ભાઈ જેણે પાતાળમાં જઈને અસુરોનો કાળ બન્યો, બીજો જેના રક્ષ...

  • પ્રેમ જીવન

    પ્રેમ જીવન: એક અધૂરી લાગણીઅમદાવાદના એક નાના વિસ્તારમાં રહેતી...

Categories
Share

ख़ामोश मोहब्बत - 4

 
तो,दरवाज़ा खोलने के बाद अर्सलान ने देखा की माही उसके सामने खड़ी है उसका मुंह खुला का खुला रह गया,लेकिन माही ने उसे नहीं देखा था, क्योंकि माही अपनी ड्रेस पर लगे कीचड़ के दाग साफ करने में लगी थी,इसी बात का फायदा उठाने के लिए अर्सलान ने हाथ में पकड़ी हुई किताब से अपना चेहरा ढक लिया कुछ ही सेकंड बाद माही ने भी अपना ध्यान कपड़ों से हटा कर सामने देखा और वो कहने लगी....
 
"आप कौन? और चेहरा क्यों ढाका हुआ है अपने? अनाबिया!अनाबिया!कहां हो तुम?अरे भई ये किताब को नीचे करो और बताओ कौन हो तुम"?
 
अर्सलान के पसीने छूट गए,वो बिना देरी किए अपना मुंह किताब से ढके हुए अपने कमरे की तरफ भागा,लेकिन चेहरा किताब से ढके होने की वजह से उसे रूम कहां है? ठीक से दिख ही नहीं रहा था,वो इधर उधर घूमता रहा और माही भी उसके पीछे पीछे घूमती रही और बार बार उससे पूछती रही की किताब हटा कर चेहरा क्यों नहीं दिखाते?
 
अर्सलान कमरा ढूंढते ढूंढते गलती से किचन में आ गया जहां अनाबिया और अयान ऑलरेडी थे अचानक ही अर्सलान का पैर आलू के छिलके पर पड़ा और उसकी किताब हवा में उछली और खुद सामने रखे आटें के कटोरे पर जा गिरा और उसका मुंह आटे से सन गया जब उसने कटोरे से मुंह बाहर निकला तो अयान और अनाबिय उसको देख कर हंसने लगे अर्सलान ने कुछ देर सबको देखा उसने माही को भी देखा और वो समझने की कोशिश करने लगा की माही ने उसे पहचाना या नहीं,लेकिन आटे से मुंह सन जाने के बाद माही उसे नहीं पहचान पाई फिर अर्सलान ने ज़मीन पर गिरी अपनी किताब को उठाया और सीधा अपने रूम में चला गया और रूम को लॉक कर लिया फिर माही ने अनाबिया से बात करना शुरू किया।
 
"अनाबिया ज़रा समझाओगी की क्या चल रहा है यहां?
ये दोनों कौन है?"
 
फिर अनाबिया ने जवाब दिया
 
"ये हमारे हाउस मैट्स है! मिस्टर गोयल ने इन दोनों को हमारे बगल वाला रूम किराए पर दिया है"।
 
इतने में अयान बीच में कूद पड़ा
 
"जी बिलकुल सही,हम हाउस मैट्स हैं हम आज से ये घर भी बाटेंगे और सुख दुख भी"।
 
उसने बड़े फिल्मी अंदाज़ में इस बात को कहा और अपनी बात जारी रखी...
 
"मेरा नाम अयान है! और वो मेरा दोस्त है उसका नाम है...."
 
अयान अर्सलान का नाम लेने ही वाला था तभी रूम के अंदर से अर्सलान ने अयान को एक ज़ोरदार आवाज़ दी और अयान बात करते करते रूक गया और रूम की तरफ चला गया।
 
उसके जाते ही माही ने अनाबिया को कोहनी पकड़ा और फुसफुसाते हुए कहा
 
"अनाबिया तू पागल हो गई है ये किन बंदरों को तूने घर में घुसेड़ लिया है अगर तेरे और मेरे मम्मी पापा को ये बात पता चली की हमारे साथ दो अनजान लड़के रह रहे हैं तो वो क्या सोचेंगे?हमें वापस लखनऊ बुला लेंगे"।
 
फिर अनाबिया ने धीरे से अपनी कोहनी छुड़ाई और जवाब में कहा
 
"देख माही! ये कोई हमारे बाप दादा की प्रॉपर्टी तो है नहीं इसके मालिक मिस्टर गोयल हैं वो जिसे चाहे अपनी प्रॉपर्टी किराए पर दे सकतें है और हम इस पूरे घर का किराया तो अफोर्ड कर नहीं सकते और ऊपर से तेरे पास अभी जॉब भी नहीं है,तो हमें एडजस्ट तो करना होगा"।
 
माही को अनाबिया की बात सही तो लगी लेकिन वो अंदर से कहीं सहमत नहीं थी इसलिए उसने अनाबिया से कहा
 
"ठीक है! लेकिन इन दोनों बंदरों को सिर्फ एक महीना ही बर्दाश्त कर सकती हूं,मिस्टर गोयल को अगले महीने इन्हे यहां से जाने के लिए कहना होगा और रही बात किराए की अगले महीने से हम इस पूरे घर का किराया अफोर्ड कर लेंगे क्योंकि मेरी जॉब लग गई है"।
 
ये सारी बातें सुनकर अनाबिया बोली
 
"अरे वाह! माही तेरी जॉब लग गई"।
 
और दोनों सहेलियां एक दूसरे के गले लग गईं,इधर अयान ने कमरे का दरवाज़ा खुलवाया और अर्सलान से मिलने कमरे में पहुंच गया और अर्सलान ने अयान को अंदर खींचा और अपना सिर बाहर निकलकर पहले दाएं देखा और फिर बाएं और फट से दरवाज़ा दोबारा बंद कर लिया और फिर इन दोनों की बातचीत शुरू हो गई...
 
"अर्सलान तूने अब तक अब अपना मुंह साफ नहीं किया"?
 
अर्सलान उसे चुप करते हुए अपनी कहना शुरू की...
 
 
"अबे मुंह को छोड़ अयान अभी तो सिर्फ गंदा हुआ है,हो सकता है थोड़ी देर बाद टूट भी जाए"।
 
अयान ने आंखे चौड़ी करते हुए पूछा।
 
"ये तू क्या कह रहा है"?
 
अर्सलान ने उसे अपने और माही के बारे में इंटरव्यू की पूरी दास्तान सुनाई,सुनने के बाद अयान ने कहा
 
"तू किसी दिन बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी करेगा,मुझे तुझसे ये उम्मीद नहीं थी तू एक मासूम लड़की की नौकरी खा गया तुझे तो अर्सलान बीच सड़क पर सौ कौड़े लगा कर इस देश से ही बाहर निकाल देना चाहिए"।
 
अयान ने जवाब में कहा
 
"अबे तू कैसा दोस्त है? ये सब मैंने तेरे लिए ही तो किया है यार तूने ही तो कहा नौकरी ढूंढ नौकरी ढूंढ वरना कर्ज़ा कैसे चुकेगा, सोँच अयान अगर ये जॉब नहीं मिलती तो बंटी भाई का कर्ज़ा हम कहां से चुकाते और अभी तो कर्ज़ा गया भी नहीं है यार और मैं नहीं चाहता मेरे दोस्त की बंटी भाई तुझे किडनैप कर ले और तेरी किडनी फेफड़े बेच कर अपना कर्ज़ा वसूल करे,तुझे कुछ हो जायेगा तो में क्या करूंगा ।
 
अयान ने ये बातें सुनकर कहा
 
"दोस्त मुझे माफ कर दे मैं बहुत बड़ी गलतफहमी का शिकार हो गया तुझे गलत समझ बैठा मैं,लेकिन तू फिकर मत कर हम इस घर में भी रहेंगे और तू जॉब पर भी जायेगा"।
 
अर्सलान ने अयान को गले से लगा लिया और कहा
 
"अयान तू पहले एक काम कर,बाहर हमारी जो गाड़ी खड़ी उसे कहीं दूर खड़ी करके आ क्योंकि वो गाड़ी माही ने देख रखी है अरे देख क्या रखी है वो उसमें बैठ चुकी है अगर उसकी निगाह गाड़ी पर पड़ गई तो वो पहचान जायेगी"।
 
अयान ने अर्सलान को अपने से अलग किया और उसके गांधों को ज़ोर से पकड़ कर कहा
 
"तू टेंशन मत ले, मैं गाड़ी को ठिकाने लगा कर आता हूं बस कमरे से बाहर मत निकालना ओके बी कॉम,लंबी लंबी सांसे ले,रिलैक्स"।
 
इतना कह कर अयान कमरे से बाहर निकल कर घर के लॉन से गुज़रता हुआ घर के बाहर आया तो उसने देखा माही और अनाबिया उसी कार के पास खड़े थे हो कर बातें कर रहे थे वो आगे बढ़ते बढ़ते रुका और कुछ सोंच कर धीरे धीरे कदमों से चलता हुआ उन दोनों के पास गया और उसने पूछा की बाहर क्यों खड़ी हो तो माही ने उससे सवाल किया।
 
"ये गाड़ी तुम्हारी है"?
 
अयान ने घबरा गया उसने हड़बड़ाते हुए कहा
 
"ये ये ये ये गाड़ी....गाड़ी गाड़ी गाड़ी रेल गाड़ी छुक छुक छुक...हमारी नहीं है नहीं,ये तो मेरे दोस्त की है"।
 
इतना सुनकर माही ने कहा
 
"कौन दोस्त? वहीं चेहरे पर आटा लगाकर कर घूमने वाला मेरा मतलब जो तुम्हारे साथ यहां रहने आया है"?
 
अयान के लिए एक पेचीदा सवाल था वो कुछ सेकंड रूक और बोला
 
"नहीं..नहीं,वो नहीं उसके खानदान में किसे ने कार नहीं देखी,मेरा एक और दोस्त है ये उसकी गाड़ी है जो मुझे वापस करके आनी है ज़रा मुझे साइड देंगी आप मैं उसे ये वापस कर आऊं"।
 
माही ने उसे रोकते हुए कहा
 
"नहीं रुको मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगी मुझे मार्केट भी जाना है थोड़ी खरीदारी करनी है कल मेरा ऑफिस का पहला दिन है उसके लिए और मैं तुम्हारे दोस्त से भी मिल लूंगी जिसकी ये गाड़ी है"।
 
अयान ने कन्फ्यूज्ड हो कर हवा में दोनों हाथ उठाकर कर कहा
 
"ओके! बस मुझे 5 मिनट दो मैं आता हूं और फिर चलते हैं बस 5 मिनट"।
 
इतना कह कर वो वापस घर के अंदर भागा,माही और अनाबिया उसको इस तरह से भागते हुए देखकर हैरान हो रहे थे और सोँच रहे थे आखिर ये इंसान है क्या?
 
अयान भागते हुए कमरे के अंदर आया और उसने सारी बात अर्सलान को बताई, अर्सलान और परेशान हो गया उसने कुछ सेकंड तक सोचा और फिर उसने कहा
 
"ठीक है! है इसका मतलब वो कार को पहचान चुकी है अगर तू उसे नहीं लेकर गया तो उसका शक यकीन में बदल जायेगा ,तू एक काम कर उसे साथ लेकर जा"।
 
फिर अयान ने हैरत से अर्सलान की तरफ देखा और कहा
 
"अबे,तू पागल हो गया है क्या,उसे किस दोस्त मिलाऊंगा"।
 
फिर अर्सलान ने अयान के कान में कुछ फुसफुसाते हुए कहा और वो समझ गया,अयान थोड़ी देर बाद घर के बाहर आया और उसने माही को कार के अंदर बैठने को कहा और वो दोनों वहां से निकल गए.....
 
लेकिन आगे क्या होगा अब?
अयान कौन से दोस्त से मिलाने ले जा रहा है माही को?
कब तक इनका झूठ नहीं पकड़ा जायेगा?
 
जानने के लिए पढ़ते रहिए साथ ही हमें फॉलो करके कहानी के अगले चैप्टर की नोटिफिकेशन हासिल करें
शुक्रिया