Humsafar - 3 in Hindi Love Stories by Seema Tanwar books and stories PDF | हमसफर - 3

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हमसफर - 3

एकांश की फैमिली ,,,

प्रताप रघुवंशी (दादा सा )
कौशल्य रघुवंशी ( बड़ी दादी सा )
शारदा रघुवंशी (छोटी दादी सा)
धनुष रघुवंशी ( बड़े बाबा सा )
मृणाल रघुवंशी (बड़ी मा )
आनंदी (एकांश की बड़ी बहन ) हर्ष और हर्षिका
अजिंक्य रघुवंशी ( बाबा सा )
समीक्षा रघुवंशी (मा)

एकांश रघुवंशी हमारा इस कहानी का वन एंड ओनली
हीरो ,,,

अखिलेश रघुवंशी ( बड़े काका सा )
अनीता बड़ी (काकी सा ) स्वप्न और ऐश्वर्या

मिथिलेश रघुवंशी ( छोटे काका सा )
सुनीता (छोटी काकी सा ) उतरा और रूद्र

रूद्र सबसे छोटा राजकुमार रघुवंशी ओ का ,,,
.................

आस्था की फैमिली

संजय देशमुख (पिता) वृंदा देशमुख ( मां )

आस्था देशमुख हमारी इस कहानी की हीरोइन ,,,

सरिता मैडम जिन्हें वह मासी मां कहती थी l

स्कूल की टीचर जो आस्था को अपनी बेटी मानते थे
वरद सरिता का बेटा जो आस्था को सगी बहन से भी
ज्यादा प्यार करता था ,,,, जो hostel में पढ़ाई करता l

______________________________________________

कुछ दिन बीत गए ,,, क्या हुआ गुरु जी आपकी बात हो
गई ,,,,

गुरु स्वामी नंद से दादा सा जी महाराज हो गई और
शायद उन्हें भी मिल गया है,,,, कुंवर सा की परेशानी का,,

गुरूजी शुक्र है भगवान का गुरु जी यहां कब तक
आएंगे ,,,,

बाबा सा कुछ कह नहीं सकते लेकिन उन्होंने कहा है
जल्द ही वह आपसे बात करेंगे ,,,, गुरु जी जी ठीक है
बाबा सा और कुछ जरूरी बातें भी करनी है जरूरी
बातें करने के बाद सभी अपने अपने काम पर निकल
गए ,,,,

अगली सुबह ,,,

गुड मॉर्निंग एवरीवन रुद्र ने डायनिंग रूम में आते हुए
कहा और अपनी बड़ी दादी सा को किस दे दी गुड
मॉर्निंग सब ने भी उसे कहकर गुड मॉर्निंग विश किया l

रूद्र आप आज फिर से लेट आए हैं कितनी बार कहा
है आपसे ब्रेकफास्ट के लिए टाइम पर आ जाया
कीजिए लेकिन नहीं मजाल है कि जनाब 1 दिन भी
वक्त पर आए हो छोटे काका सा यानी रूद्र के बाबा सा
ने कहा रुद्र ने सिर्फ अपनी बत्तीसी दिखाई ,,,,

इस वजह से वह और ज्यादा चिढ़ गए रोज रोज छोटे
काका सा आगे कुछ कह पाते तब तक एक रोबदार
आवाज सुनाई दे दी ,,,, मिथिलेश मत बोलिए हम सब यही
यही हैं आपको पता है ना हमें खाते वक्त बात करना
बिल्कुल भी पसंद नहीं है l

दादा सा सॉरी बाबा सा मिथिलेश और सब लोग
चुपचाप अपना नाश्ता खत्म करने लगे सभी अपने
अपने कामों में बिजी रहने की वजह से उन्हें आपस में
टाइम नहीं मिलता था ,,,, इसलिए दादा सा ने रुल बनाया
था कि भले ही लंच डिनर साथ में ना हो लेकिन
ब्रेकफास्ट सब साथ में ही करेंगे ,,, रूद्र के लेट आने की
वजह से और मिथलेश जी का उन्हें डांटने की वजह से
सभी का मूड थोड़ा खराब भी हो चुका था l

सब नाश्ता करके हॉल में आ गए थे ,,,, दादा सा को सभी
से बहुत जरूरी बात जो करनी थी l दादा सा इससे पहले
आप कुछ कहे हम कुछ कहना चाहते हैं l

एकांश कहिए ,,,.

दादा सा दादा सा हम सोच रहे थे कि क्यों ना हम सब
फैमिली पिकनिक पर जाए सब कुछ अब कुछ ही
महीनों में हर्षिका की शादी हो जानी हैं और उससे
हले सभी के एग्जाम भी हैं ,,, इन सब का मूड भी फ्रेश
हो जाएगा और हम सब भी साथ में टाइम स्पेंड कर
लेंगे क्या कहते हैं आप l

एकांश ठीक है दादा साहब सिर्फ दादा सा इतना अच्छा
तो प्लान बनाया है l एकांश भाई सा ने भाई सा यू आर द
बेस्ट द रूद्र ने एक्साइटिड होते हुए कहा रुद्र को हमेशा
घूमना होता है ,,, आपको कभी पढ़ाई पर भी ध्यान दे
दीजिए ,,, मिथलेश क्यों डा डाटते रहते हैं आप उसे हमेशा
अखिलेश भाई साहब उसकी हर हरकत ही ऐसी होती
मिथलेश बस कीजिए छोटे काका सा छोटे हैं ,,,, अभी वह
और सब के लाडले भी हैं l

वह सिर्फ इसी वजह से यह मस्ती करते हैं उन्हें भी समझ आ जाएगी एकांश ,,,,

एकांश कुंवर सा जब आप रूद्र की उम्र के थे तब तक
आप कितने समझदार थे आपने सारे ने जिम्मेदारी
कितने अच्छे से संभाल रखी थी लेकिन रूद्र कि
मिथलेश छोटे काका सा जरूरी तो नहीं कि हाथ की
सारी उंगलियां एक जैसी है और किसने कहा कि रूद्र
समझता नहीं है सबके इमोशंस का वह कितने अच्छे से
ख्याल रखते हैं और क्या चाहिए हमें l

एकांश लेकिन फिर भी एकांश मिथिलेश सही तो कह
रहे हैं एकांश मिथलेश अब छोड़ भी दीजिए ,,,, यह
नाराजगी और सभी इंपॉर्टेंट बात कर रहे करें दादा
साहब ठीक है मिथिलेश एकांश क्या सोचा आपने
पॉलिटिक्स ज्वाइन करने के बारे में दादा सा दादा सा
आप जानते हैं कि हमें पॉलिटिक्स में बिल्कुल भी
इंटरेस्ट नहीं है l

एकांश हमें पता है ,,, एकांश आपको यह सब पसंद नहीं
है लेकिन मत भूलिए कि आप यहां के भावी राजा हैं l

अगर आप पॉलिटिक्स ज्वाइन करेंगे तो यहां के लोगों
के लिए उनके डेवलपमेंट के लिए आप ज्यादा से
ज्यादा काम कर पाएंगे ,,, दादा साहब अगर ऐसी ही बात
है तो क्यों ना हमें हमारी जगह हर्ष पॉलिटिक्स ज्वाइन
कर ले वह भी तो राज परिवार का हिस्सा है l

एकांश लेकिन लोग आपको ज्यादा पसंद करते हैं
आपके किए गए कामों से सभी लोग इंप्रेस हो चुके हैं ,,,
आपसे अगर आप इलेक्शन में खड़े होते हैं तो हंड्रेड
परसेंट sure आप ही जीतेंगे l

दादा साहब यह काम अपनी खुशी के लिए करते हैं
और हमें लगता है कि यह पॉलिटिक्स हमारे बस में
नहीं है ,,, अगर हर्ष को इसमें इंटरेस्ट है तो हम उनका
साथ देंगे बट हम पॉलिटिक्स में नहीं उतर सकते l

एकांश हर्ष क्या आप क्या कहते हैं ¿¿ आप दादा सा जैसा
आप लोगों को ठीक लगे l हर्ष ठीक है ,,,, फिर आप तैयारी
शुरू कीजिए जल्दी ही आपको इलेक्शन के लिए तैयार
होना होगा l

दादा साहब फिर कुछ इधर उधर की बातें करने के बाद ,,,
सभी लोग अपने कामों के लिए चले गए l