Ishq da Mara - 13 in Hindi Love Stories by shama parveen books and stories PDF | इश्क दा मारा - 13

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इश्क दा मारा - 13

गीतिका के डैड और भाई घर पर आ जाते है तभी गीतिका के डैड बोलते हैं, "कहा है गीती ???????

तब गीतिका की मॉम बोलती है, "जब से आई है तब से अंदर ही बंद है दरवाजा खोल ही नहीं रही है "।

उसके बाद गीतिका के डैड गीतिका के कमरे के बाहर खडे हो कर बोलते है, "गीति बेटा दरवाजा खोलो "।

मगर गीतिका दरवाजा नही खोलती हैं। तब गीतिका के भाई बोलते हैं, "देखो गीतिका अगर तुम दरवाजा नही खोलोगी तो मै ये दरवाजा तोड़ दूंगा, इसलिए आराम से बोल रहा हूं कि दरवाजा खोल दो "।

तभी गीतिका दरवाजा खोल देती है और बोलती है, "मैने दरवाजा तो खोल दिया है मगर मैं किसी से कोई बात नही करना चाहती हूं "।

तब गीतिका के डैड बोलते, "बेटा इतने गुस्से में क्यो हो, एक बार आराम से बात तो करो "।

तब गीतिका बोलती है, "आप सब इस लायक है कि आप से प्यार से बात की जाए "।

तब गीतिका की मॉम बोलती है, "गीतिका तुम ये किस तरह से बात कर रही हो अपने डैड से "।

तब गीतिका के डैड उसकी मॉम से बोलते हैं, "आप चुप रहिए मैं बात कर रहा हू न, देखो बेटा मुझे बताओ की आखिर क्या बात है "।

तब गीतिका रोते हुए बोलती है, "मैने आपको कितनी बार बोला था की आप मेरा रिश्ता उस गुंडे से मत करिए, मगर आपने मेरी एक बात भी नही मानी, पता है आज सड़क पर वो मेरे साथ बदतमीजी कर रहा था तो एक लड़के मुझे बचाने के लिए आया तो उसने उसे गोली मार दी "।

तब गीतिका के डैड बोलते हैं, "राजीव ऐसा तो नही है "।

तब गीतिका बोलती है, "आपको अभी भी मेरी बात का विश्वास नही हो रहा है "।

तब गीतिका के डैड बोलते हैं, "मैं ये नही कह दिया हु की मुझे तुम्हारी बात का विश्वास नही हो रहा है, देखो तुम परेशान मत हो मै बात करता हूं MLA साहब से "।

तब गीतिका बोलती है, "डैड अब क्या बात करनी है उनसे "।

तब गीतिका के डैड बोलते हैं, "तुम दरवाजा बंद मत करना अब, और आज आराम करो घर पर "।

उधर डॉक्टर यूवी के पापा के पास आते है और बोलते है, "घबराने की अब कोई जरुरत नही है आपके बेटे को होश आ गया है, मगर हा जख्म बहुत ज्यादा है तो आपको उनका ध्यान रखना होगा "।

तब यूवी के पापा बोलते हैं, "क्या मै उससे मिल सकता हूं "।

तब डॉक्टर बोलता है, "हा बिल्कुल आप उनसे मिल सकते हैं "।

उसके बाद युवी के पापा युवी के पास जाते है और बोलते हैं, "ज्यादा दर्द हो रहा है "।

तब यूवी बोलता है, "नही..........

तब युवी के पापा बोलते हैं, "किसने मारी तुम्हे गोली ?????

तब यूवी बोलता है, "आगे से मारता तो बताता ना, अब मुझे क्या पता किसने मारी है गोली "।

तब युवी के पापा बोलते हैं, "तुम्हारा किसी से लडाई झगड़ा हुआ था "।

तब यूवी बोलता है, "हिम्मत है किसी की मुझ से लड़ने की "।

तब यूवी के पापा बोलते हैं, "तो फिर ये गोली किसने मारी "।

तब यूवी बोलता है, "मुझे नही पता और प्लीज अब आप CID की तरह मुझ से सवाल मत करिए, मुझे थोडा आराम करने दीजिए "।

उधर गीतिका बहुत ही परेशान रहती है और युवी के बारे में सोचती रहती हैं तभी वो ड्राइवर काका को कॉल करती है और बोलती है, "काका आप उस लड़के को कोन से हॉस्पिटल में ले कर गए थे और अब वो कैसा है ???????

तब काका बोलते हैं, "बेटा मै तो उसे हॉस्पिटल ले कर नही गया था वहा पर उसके पापा और भाई आ गए थे और वो खुद ही उसे ले कर गए थे"।

तब गीतिका बोलती है, "काका वो जिंदा भी है या फिर नही मुझे बहुत घबराहट हो रही है, आप पता तो लगवाइए जरा उसके बारे में"।

तब काका बोलते हैं, "अच्छा ठीक है बेटा तुम परेशान मत हो, मै पता लगाता हूं"।

उधर युवी की मां को पता चल जाता हैं कि यूवी को गोली लगी है और वो हॉस्पिटल में है.........