BEWAFA - 6 in Hindi Love Stories by Mehul Pasaya books and stories PDF | बेवफा - 6

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बेवफा - 6

सलोनी ऑन कॉल = ' अब ये गलत बात है. हम भले ही तुम को ऐसे लगते है. पर एक्चुअल में ऐसे बिलकुल भी नहीं. अगर इस तरह हमे बदनाम और ताने मारने बुला रहे हो. तो फिर हम नही आयेंगे जाओ. क्यू की हमे भी अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट बहुत प्यारी है. चलो बाय फोन रखो. '

विजय = ' अरेरे रुको सॉरी सॉरी यार वो कुछ ज्यादा इमोशंस में बह गया था. इस लिए ऐसा हो गया. आई प्रोमिस आगे ऐसा कुछ भी नही करूंगा. और नाही कहूंगा जिससे आपकी सेक्स रिस्पेक्ट डाउन हो. प्लीज आई एम रियली वेरी वेरी सॉरी. '

सलोनी ऑन कॉल = ' हा ठीक है. अब बोलो कहा पर आना है. में और सौम्या आजाएंगे वहा पर. अच्छा ऐसा करो हम निकल रहे है. तुम एड्रेस एसएमएस कर देना ठीक है. '

विजय = ' ओके में अभी सेंड कर रहा हु एड्रेस तुम दोनो वहा पर आ जाओ ठीक है. हम वहा पर जाकर वेट करेंगे ठीक है. '


मार्केट वाली टाइमिंग. . .

सलोनी = ' तो अब बताओ क्या काम था. जो हमे इतनी जल्दी बुलाया. देखो अगर फालतू की बकवाशे करनी हो. तो में पहले से बता दू. की मेरे पास इन फालतू चीजों के लिए बिल्कुल भी वक्त नही है. सो प्लीज कुछ काम की बाते ही करना. उसके सिवा कोई और बात नही सुनूंगी में. पहले से बता दे रही हु. '

विजय = ' हा बाबा ठीक है. में सिर्फ काम की ही बात करूंगा. इसके अलावा और कोई फालतू की बात नही करूंगा. और नाही तुम्हारा ज्यादा वक्त लूंगा अब खुश. '

सलोनी = ' हा खुश. अब बोलो तुम्हारा वक्त शुरू होता है अब. चलो शुरू हो जाओ जो भी कहना है. फिर हम भी चले अपने काम पर ठीक है. '

बंटी = ' यार विजय भाई ऐसे कैसे चलेगा. ये तो बड़ी जल्दी में है. ऐसे में में इन से क्या बात करू. मुझे तो बोलने का मौका ही नही दे रही है. '

सौम्या = ' ओ हेलो तुम दोनो क्या फुशफुशा रहे हो. बोलो क्या काम था. हमे देरी हो रही है. जल्दी करो यार प्लीज. '

विजय = ' अरे प्लीज आप लोग थोड़ा सा सब्र रख कर हमे कुछ बोलने तो दो. हमे स्पेस ही नही मिलेगा तो हम बोलेंगे कब. जब तुम लोगो का वक्त खत्म हो जाए तब. '

बंटी = ' तो सुनो दोनो के दोनो अपने अपने दोनो के दोनो कान खोल कर. हम दोनो ये कहना चाहते है. की हम चारो एक ही कॉलेज में ही पढ़ते है. तो क्यू ना हम लोग एक ग्रुप बना ले. फ्रेंड्स बन कर और उसके चलते हमे एक दूसरे की मदद भी मिल जायेगी. '

विजय = ' और हमारे चारो के ग्रुप में और कोई नही आयेगा. सिर्फ हम चारों ठीक है. और ये जो हमारा ग्रुप है. वो एक अटूट ग्रुप रहेगा. कभी ना बंद होने वाला कभी नही छोड़ने वाला और नही इस हमारे ग्रुप में से कोई जायेगा ठीक है. '

सौम्या = ' आइडिया बुरा तो नहीं है. ये हो सकता है. मुझे ये आइडिया पसंद आया. माना की ये आइडिया ओल्ड है बट फिर भी नया लग रहा है. और फिर वो कहते है ना ओल्ड इस गोल्ड. सो अब हम चारो मिल कर एक ग्रुप बनाएंगे ठीक है. क्या कहती हो सलोनी कैसा है ये आइडिया. '

                                                          पढ़ना जारी रखे. . .