Shoharat ka Ghamand - 124 in Hindi Women Focused by shama parveen books and stories PDF | शोहरत का घमंड - 124

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शोहरत का घमंड - 124

आलिया होटल में काम कर रही होती है।

उधर आर्यन बैठा बैठा सिगरेट पी रहा होता है और काफी गुस्से में होता है। तभी अरुण उसके पास आता है और बोलता है, "और भाई कहा पार्टी दे रहा है इस बार"।

आर्यन कुछ नहीं बोलता है, बस चुप चाप बैठ कर सिगरेट पी रहा होता है।

तब अरुण बोलता है, "ओह हेलो मैं तुझ से बात कर रहा हूं, कुछ बोल क्यों नहीं रहा है"।

तब आर्यन बोलता है, "यार सही नहीं किया उसने "।

अरुण आर्यन की तरफ अजीबो गरीब नजरों से देख कर बोलता है, "अभी तक तेरा नशा उतरा नहीं है क्या, तू क्या बड़बड़ा रहा है, मैं तुझ से तेरे बर्थडे पार्टी के बारे में पूछ रहा हूं और तू किस की बात कर रहा है"।

तब आर्यन बोलता है, "मैं आलिया की बात कर रहा हूं, मैने उसे कल बोल दिया था कि वो कबीर शेखावत के यहां से जॉब छोड़ दे, मगर उसने मेरी बात नहीं मानी "।

तब अरुण बोलता है, "यार तुझे क्या हो गया है, तू क्यों उस मामूली सी लड़की के पीछे हाथ धो कर पड़ गया है, देख तुझे उससे शादी करनी थी, तूने कर ली, और तेरा काम भी हो गया, तो अब वो जो भी करे तुझे उससे क्या "।

तब आर्यन बोलता है, "बीवी है वो मेरी "।

ये सुनते ही अरुण जोर जोर से हंसने लगता है और बोलता है, "सच में तू अभी भी नशे में ही है, तू रुक मैं अभी तेरे लिए नींबू पानी ले कर आता हूं"।

आर्यन गुस्से में होता है और वो गुस्से में कांच का गिलास उठा कर फेक देता है और बोलता है, "मैं नशे में नहीं बल्कि पूरे होशो हवाश में बोल रहा हूं "। 

ये सुनते ही अरुण आर्यन की तरफ देखता है और बोलता है, "यार देख पहले तो तू मुझे ये बता की तेरे दिमाग में चल क्या रहा है, क्योंकि मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है, और तू उस मामूली सी लड़की के लिए इतना गुस्सा क्यों हो रहा है, वैसे भी तो तू उसे पसंद नहीं करता है "।

तब आर्यन बोलता है, "उसकी औकात भी है कि मैं उसे पसंद करु, मुझे बस उसके कबीर शेखावत के यहां पर काम करने से परेशानी है "।

तब अरुण बोलता है, "यार छोड़ दे ना उसे, गरीब लड़की है, और अब तो उसका बाप भी नहीं है, उसे अपने परिवार वालों को खिलाने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा ना "।

तब आर्यन बोलता है, "तो क्या पूरी दुनिया में उसे वही कबीर शेखावत का होटल ही नजर आया, यार पता नहीं मगर जब भी मैं उसको उस कबीर शेखावत के साथ देखता हूं, मेरा खून खोलने लगाता है।

तब अरुण बोलता है, "अच्छा ठीक है तू परेशान मत हो मैं बात करता हूं उससे"।

शाम होती है...........

आर्यन और अरुण कबीर शेखावत के होटल के बाहर खड़े हो कर आलिया का इंतजार कर रहे होते हैं। मगर आलिया बाहर नहीं आती है।

एक घंटे से ज्यादा हो जाता है। आर्यन को बहुत ही गुस्सा आता है तब वो बोलता है, "मर गई है क्या आज ये अंदर ही जो बाहर नहीं आ रही है"।

तब अरुण बोलता है, "तू रुक मैं पता लगाता हूं"।

थोड़ी देर बाद......

अरुण आर्यन के पास आता है और बोलता है, "वो अंदर पार्टी चल रही है, इसलिए वो लेट आयेगी आज"।

तब आर्यन बोलता है, "और वो क्या कर रही है पार्टी में "।

तब अरुण बोलता है, "काम करती है वो यहां"।

तब आर्यन गुस्से में बोलता है, "हा तो काम करे पार्टियों से उसे क्या मतलब है"।

तभी वहां पर माया आती है और हंसते हुए आर्यन से बोलती है, "स्वीट हार्ट तुम यहां पर खड़े हो कर अपनी बीवी का इंतजार कर रहे हो...........