BTH (Behind The Hill) - 16 in Hindi Thriller by Aisha Diwan Naaz books and stories PDF | BTH (Behind The Hill) - 16

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BTH (Behind The Hill) - 16

बेला अपनी आप बीती बता रही थी। बताते हुए कई बार उसकी सांसे सीने में अटक अटक जाती और वह खुद को संभालते हुए और नज़रे झुकाए हुए कहती जा रही थी। उसने कहा के "जब मैने उन लोगों को शराब के नशे में मस्त देखा तो अंदर घुस गई। टेबल पर ही कई सारी छोटी बड़ी बंदूकें रखी हुई थी। मैने वहां दौड़ लगाई और फौरन बंदूक उठा कर बेतहाशा गोलियां चलाने लगी। मुझे इस बात का अंदाज़ा नहीं के किस के बदन में कितनी गोलियां लगी है। मोगरा देख रहा था के कौन ज़िंदा है और कौन मर गया। जब मैने सभी को खून से नहला दिया तब मेरे दिल को कहीं जा कर थोड़ा सा सुकून मिला। किले के पीछे मै ने और मोगरा ने मिल कर एक गढ़ा खोदा और एक पर एक लाशे चढ़ा कर मिट्टी से दाब दिया लेकिन गढ़ा खोदने के दरमिया शायद गिल क्रिस्ट भाग निकला था और मैने लाशों की गिनती भी नहीं की, मुझे नहीं मालूम के वह किस तरह हॉस्पिटल पहुंचा शायद रोड पर आ कर मदद मांगी थी फिर तो वह पैरालाइज्ड हो कर पड़ गया था इस लिए मेरे बारे में कुछ बोल नहीं पाया। मैं रात को किले में आई, हर जगह देखा और इतनी सारी दौलत देख कर मैं समझ गई के इस जगह की खबर बाहर वालों को या आर्मी के बाकी लोगों को नहीं होगी फिर भी मैं चौकन्ना रही। मोगरा भी पहरा देता और मैं हमेशा बंदूक अपने पास रखती ये सोच कर के शायद कोई यहां उन लोगों को ढूंढते हुए आएं पर कई दिन बीत गए कोई नहीं आया। यहां के एजेंसी को लगा के जो बम ब्लास्ट मेरे घर में हुआ था उसी में वे सब मारे गए होंगे। जब बहुत दिनों तक कोई मुझे परेशान करने नहीं आया तो मैं ने अपनी एक नई पहचान बनाई!...बेला के नाम से। अब मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं थी और जब पैसे हो तो कोई काम मुश्किल नहीं होता। मैने बेला टून के नाम से प्रोफाइल बनाया और वेबटून बनाने लगी। दो सालों में मैं वेबटून के ज़रिए मशहूर हो गई। लोग मुझे ऑनलाइन ही जानते थे पर मै कभी किसी से नहीं मिली। आठ साल तक मैने यही किया। सोलह साल की उम्र से चौबीस साल की उम्र तक मैं बिल्कुल तनहा थी। इस देश से परिंदे भी उड़ कर जाते तो लगता मेरा कोई अपना आया है। दौलत थी मेरे पास फिर भी ज़िंदगी मुर्दे जैसी मालूम होती थी। जब मैने तुम्हें कैद में देखा और उन लोगों को बातें करते सुना के तुम उस पार से आए हो तो लगा के अगर मैने तुम्हें नहीं बचाया तो इन लोगों की जीत हो जाएगी और फिर से मुझे अफसोस में जीना पड़ेगा के मैं बचा सकती थी पर बचा नहीं पाई! दुनिया में किसी पर भरोसा तो नहीं था पर फिर भी मेरे क़दम तुम्हें कैद से आज़ाद करने के लिए चल पड़े। इस सफर में मोगरा ही मेरा साथी था अब मैने उसे भी खो दिया यहां तक के अपना पैर भी!...अब तुम बताओ शिजिन! क्या मैने उस व्हील चेयर पर बैठे आदमी को मार कर गलत किया? 

शिजिन ने रिकॉडर की रिकॉर्डिंग बंद करते हुए कहा :" तुम्हें उसे सिर्फ मारना ही नहीं चाहिए था। टुकड़े टुकड़े कर के जला कर राख कर देना चाहिए था। मैं तुम्हारी जगह होता तो इतनी आसान मौत दे कर रहम नहीं करता। मैं ने हमेशा बचाने का काम किया है पर ऐसे लोगों के लिए हैवान बनने में देर नहीं लगती मुझे! मैने भी जंग में सब को खो दिया था! हालांकि मेरा परिवार ज़्यादा बड़ा नहीं था। मां बाबा और बस मैं! मैं बच गया और मां बाबा को खो दिया। चची नूरान के साए में परवान चढ़ा और फिर आर्मी में चला गया।"

वे दोनों कुछ और बाते करते की चची नूरान की आवाज़ आई " बेटा जानी!"
आवाज़ लगाती हुई वह बेला के कमरे में आई। उनके साथ वफ़ा भी थी। वह एक खूबसूरत औरत थी जिसका चहरा खिला हुआ कमल जैसा था। नीले आंखों वाली और कोमल मन वाली दिख रही थी। वह प्रेगनेंट थी। थोड़ा सा पेट बाहर निकल आया है। मुस्कुराते हुए शिजिन की ओर देख कर बोली :" कितने बदल गए हैं आप! खैरियत से तो है न आप? 

शिजिन के जवाब देने से पहले चची नूरान ने कहा :" तुम्हारे आने की खबर सुन कर वफ़ा तुम से मिलने चली आई!....वफ़ा बेटी यह बेला है शिजिन की साथी। बेचारी बहुत गम में मुबतला है।"

वफ़ा की आंखें शिजिन पर ही टिकी थी। उसकी नज़रे जैसे हटना ही नहीं चाहती हो और शिजिन की नज़रे हिचकिचाई हुई सी कभी नीचे कभी ऊपर हो रही थी। उसने नर्म लहज़े में कहा :" कैसी हो तुम? तुम्हारा हसबैंड कैसा है वह नहीं आए?

जिस तरह वफ़ा की नज़रे शिजिन पर ठहरी थी उसी तरह बेला की नज़रे वफ़ा को टकटकी लगाए देख रही थी। बेला के दिल ने कुछ देर के लिए अपने ग़म को दरकिनार कर दिया था और बस वफ़ा की जासूसी करने लगी थी। उसे वफ़ा का शिजिन को इस तरह देखना जैसे मरे हुए ने ज़िंदगी को देख लिया हो बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था। 
वफ़ा ने बड़ी ही खुशगवार हो कर जवाब दिया :" मैं ठीक हूं। वह घर पर नहीं है। कारोबार के सिलसिले में बाहर गए हैं इस लिए मैं अकेली ही आई हूं। मेरा घर ज़्यादा दूर नहीं है आप प्लीज़ एक दफा मेरे घर में ज़रूर आइएगा मुझे खुशी होगी!"

बेला उन्हें ऐसे देख रही थी जैसे अब वफ़ा को भी गोली मार देगी।

  To be continued.....