Shoharat ka Ghamand - 153 in Hindi Women Focused by shama parveen books and stories PDF | शोहरत का घमंड - 153

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शोहरत का घमंड - 153

आलिया की बाते सुनने के बाद आर्यन के होशो हवाश उड़ जाते हैं। तभी अरुण आलिया से बोलता है, "आलिया तुमने कबीर शेखावत के साथ मिल कर ये सारी प्लानिंग की है ?????

तब आलिया बोलती है, "हा....... और मुझे इन सब के लिए आर्यन ने मजबूर किया"।

ये सुनते ही अरुण की गुस्सा आता है और वो बोलता है, "आलिया तुम पागल हो गई हो क्या जो इस कबीर शेखावत की बातो में आ रही हो, देखो ये अच्छा इंसान नहीं है और ये बस तुम्हे यूस कर रहा है आर्यन को फसाने के "।

तब आलिया बोलती है, "मैं पागल नहीं हूं जो यूं ही किसी की बातो में आ जाऊंगी, मैने जो भी किया है अपनी मर्जी से किया है "।

तब अरुण बोलता है, "तुमने अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं किया है, अगर तुम्हे कुछ भी अपनी मर्जी से करना होता तो कब का कर चुकी होती "।

तभी आर्यन आलिया के पास आता है और उसका हाथ पकड़ कर उसे खींच कर अपने पास कर लेता है आलिया जा कर उससे टकरा जाती है और आर्यन आलिया को कस की पकड़ लेता है और उसके कान में बोलता है, "स्वीट हार्ट तुम्हे क्या लगता है कि तुम मुझे कब तक जेल में रख सकती हो, देखो तुमने जो भी किया है अब इन सब का नुकसान अब तुम्हे ही होने वाला है "।

तब आलिया बोलती है, "क्या बकवास कर रहे हो तुम "।

तब आर्यन बोलता है, "मैं बकवास नहीं करता हूं स्वीट हार्ट क्योंकि मैं तुम्हारी तरह या कबीर शेखावत की तरह नहीं हूं जो पीठ पीछे छुरा घोपते है, मैं जो भी करता हूं सामने से करता हूं और बता कर करता हूं, इसलिए तुम्हे बता रहा हूं कि अब मेरे जेल से आने के बाद मैं वो सब करूंगा तुम्हारे साथ जो मैने अब तक नहीं किया था, और हा इन सब के लिए तुमने मुझे मजबूर किया है और मेरे साथ बेवफाई की है तो उस बेवफ़ाई की सजा तो तुम्हे मिलेगी ही न"।

ये सुनते ही आलिया कांप जाती है ।

तभी पुलिस वाला बोलता है, "सर हमारे पास ज्यादा टाइम नहीं है "।

उसके बाद आर्यन आलिया को छोड़ देता है। और पुलिस वाले के साथ जा रहा होता है तभी अरुण बोलता है, "ये पुलिस की कार में नहीं जाएगा मैं खुद इसे ले कर आ जाऊंगा"।

तब पुलिस वाला कुछ बोलना चाहता है तभी अरुण बोलता है, "अब ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है मैं जब बोल रहा हूं कि ये तुम्हारी कार में नहीं जाएगा मतलब नहीं जाएगा "।

उसके बाद पुलिस वाला सर हा में हिला देता है। कबीर आलिया का हाथ पकड़ लेता है और उसे अपने साथ अपनी कार के पास ले कर आता है और मूड कर आर्यन को देखता है और बोलता है, "बाय आर्यन "।

उसके बाद कबीर शेखावत आलिया को कार में बैठाता है और चला जाता है। ये सब देखने के बाद आर्यन को बहुत ही गुस्सा आता है और उसका मन कबीर शेखावत को मारने का करता है।

अरुण आर्यन को अपनी कार में ले कर चला जाता है।

उधर कार में कबीर शेखावत आलिया से बोलता है, "आलिया आप ठीक तो है न"।

तब आलिया हा मे सर हिला देती है।

तब कबीर शेखावत बोलता है, "देखो अब तुम्हे आर्यन से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अब मैं तुम्हारे साथ हु और वैसे तुम अब मेरे साथ सीधा होटल चल रही हो क्योंकि तुमने बहुत छुट्टी कर ली है और अब कोई छुट्टी नहीं मिलेगी "।

आलिया हा मे सर हिलाती है।

उधर अरुण आर्यन को ले कर जेल पहुंच जाता है और अरुण बोलता है, "यार तू परेशान मत हो मैं कोई बंदोबस्त करता हूं तेरे निकलने का "।

तब आर्यन बोलता है, "कोई फायदा नहीं है क्योंकि आज सैटरडे है और कल संडे, कोर्ट भी अब मंडे को ही खुलेगा तो तू कुछ भी नहीं कर सकता है "।

ये सुनते ही अरुण को बहुत गुस्सा आता है और वो बोलता है, "ये कबीर शेखावत ने बहुत सोच समझ कर किया है ताकि तू कुछ कर न पाए, मगर तू परेशान मत हो मैं हु तेरे साथ हु "।

उधर आर्यन के घर वालों को भी पता चल जाता है कि आर्यन जेल चला गया है ये सुनते ही उसके मॉम और डैड के पैरों तले जमीन खिसक जाती है और वो सर पकड़ कर बैठ जाते हैं...............