Tere Mere Darmiyaan - 12 in Hindi Love Stories by Neetu Suthar books and stories PDF | तेरे मेरे दरमियाँ - 12

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तेरे मेरे दरमियाँ - 12


🌸 तेरे मेरे दरमियाँ – एपिसोड 12

"शादी की तारीख़... और एक अनजाना साया"




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“जब दिल तय कर चुका हो साथ चलना,
तो वक़्त और दुनिया की उलझनों को भी झुकना पड़ता है।”


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🏠 सीन 1: संजना का घर – सुबह 10 बजे

साल के पहले दिन की शुरुआत थी।
माँ पूजा की थाली लेकर आईं और संजना के माथे पर तिलक लगाते हुए बोलीं —

"इस साल हमारी बिटिया की शादी हो जाएगी…"

संजना मुस्कुरा तो दी, लेकिन मन में हल्की सी झिझक थी।

"पापा से बात करनी है न… तारीख़ तय करनी है।
क्या वो मान जाएंगे?"

"वो मान चुके हैं… पर वो चाहते हैं कि पहले आरव की जॉब,
उसकी पोस्टिंग और घर की स्थिति को साफ़ देखा जाए।"


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📱 सीन 2: वीडियो कॉल – आरव और संजना

आरव ऑफिस की मीटिंग के बाद बाहर आया,
फोन पर संजना को कॉल किया।

"क्या सोच रही हो?"

"तुम्हारी मम्मी कैसी हैं अब?"

"ठीक हैं, दवाइयाँ चल रही हैं… लेकिन उन्हें अब भी चिंता है —
हमारी शादी इतनी जल्दी क्यों?"

"क्या हम जल्दी कर रहे हैं, आरव?"

आरव रुका, फिर बोला —

"नहीं… लेकिन हम बिना तैयारी के भी नहीं बढ़ सकते।
शायद अब हमें एक तय तारीख़ की जरूरत है —
जिससे दोनों परिवार तैयार हो सकें।"


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📆 सीन 3: दोनों परिवारों की मीटिंग – शनिवार दोपहर

आरव की माँ, संजना के पापा और माँ — तीनों एक ही टेबल पर बैठे थे।

संजना और आरव थोड़ा दूर खड़े, जैसे बच्चों की तरह इंतज़ार कर रहे थे।

आरव की माँ:
"मैं चाहती हूँ कि शादी इस साल के मध्य में हो…
ताकि आरव थोड़ा और आर्थिक रूप से स्थिर हो सके।"

संजना के पापा:
"हम भी यही चाहते हैं।
हमारे लिए तारीख़ मायने नहीं रखती,
बस शादी सादगी से हो और दोनों की ज़िंदगी आसान हो।"

संजना की माँ:
"तो फिर जुलाई की पहली तारीख़ को तय कर लेते हैं?"

आरव की माँ ने मुस्कराकर सिर हिलाया।
"मंज़ूर है।"


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🥳 सीन 4: शादी की तारीख़ तय होने की खुशी – दोनों के बीच वीडियो कॉल

"तो अब ऑफिशियली कह सकते हैं — मिसेज आरव अग्रवाल इन द मेकिंग!"

"और तुम — मिस्टर पति!"

दोनों हँस पड़े।
संजना ने कहा —

"अब सिर्फ छह महीने बाकी हैं…
और बहुत कुछ करना है!"


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🛍️ सीन 5: प्री-वेडिंग प्लानिंग – कॉल पर एक्साइटमेंट

संजना ने एक वॉयस नोट भेजा:

> "हमारा प्री-वेडिंग शूट कहाँ होगा?
क्या हम ट्रेडिशनल थीम रखें या कुछ मॉडर्न?"

और मेरी शादी की ड्रेस… लाल या मरून?"



आरव ने रिप्लाई किया:

> "तुम जो भी पहनोगी, तुम्हें देखकर सब कुछ फीका लगेगा।
लेकिन हाँ, प्री-वेडिंग शूट हम उसी जगह करेंगे जहाँ पहली बार तुमने मुझे कॉफी पिलाई थी।"




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🧳 सीन 6: एक पुराना नाम लौटता है – तन्वी की वापसी

कॉलेज की पुरानी फ्रेंड तन्वी, जो कभी आरव के करीब थी —
अचानक इंस्टाग्राम पर दोनों की सगाई की तस्वीरों पर कमेंट करने लगी:

> "Finally… तुमने उसे ही चुना?"
"I thought you were smarter, Aarav."



संजना ने देखा और चौंक गई।

"ये वही तन्वी है न, जो तुमसे पहले जुड़ी थी?"

आरव ने कहा —
"हाँ, लेकिन बहुत पहले की बात है… अब उसका कोई मतलब नहीं।"

"पर उसका लहजा… ऐसा क्यों है?"

आरव चुप हो गया।


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🧠 सीन 7: शक और विश्वास के बीच

उस रात संजना ने डायरी में लिखा:

> "मैं जानती हूँ, आरव मुझसे प्यार करता है…
लेकिन किसी के बीते रिश्ते का साया,
कभी-कभी आज के भरोसे पर भी सवाल उठा देता है।
क्या मैं बेवजह सोच रही हूँ?
या कोई बात है जो अनकही रह गई है?"




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📞 सीन 8: तन्वी का कॉल – आरव को

"आरव, मुझे तुमसे मिलना है…
एक बार। सिर्फ एक बार।"

"अब क्या बात रह गई है तन्वी?"

"तुमसे कुछ कहना है…
जो मैंने आज तक किसी को नहीं बताया।
तुम्हें जानना चाहिए इससे पहले कि तुम शादी करो।"


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😨 सीन 9: झूठ, सच और अतीत

आरव तन्वी से मिलने पहुंचा।

एक पुराना कैफ़े… वही जहाँ कभी वो मिलते थे।

तन्वी:
"क्या तुम आज भी सोचते हो कि मैंने तुम्हें छोड़ा था?"

आरव:
"क्या फर्क पड़ता है अब?"

तन्वी:
"फर्क पड़ता है आरव…
क्योंकि मैं तुम्हें मजबूरी में छोड़कर गई थी,
क्योंकि मेरे पापा को कैंसर था और मैं विदेश शिफ्ट हुई थी।
मैंने तुम्हें कोई जवाब नहीं दिया, क्योंकि मेरे पास वक्त नहीं था…"

आरव सन्न था।

"अब तुम ये सब क्यों बता रही हो?"

"क्योंकि तुम्हारी आँखों में अब भी वही मासूमियत है…
और मैं नहीं चाहती कि तुम उस अधूरे सच के साथ शादी करो।"


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💔 सीन 10: संजना को पता चलता है

संजना को तन्वी और आरव की मुलाकात का पता लग गया।
किसी दोस्त ने उन्हें कैफ़े में साथ देखा था।

"क्या अब भी तुम्हारा अतीत तुम्हारे आज से बड़ा है आरव?"

"नहीं, बिल्कुल नहीं… मैंने सिर्फ जवाब जानने के लिए उससे बात की थी।
लेकिन जो सच है, वो सिर्फ तुम हो।"

"तो फिर क्यों छुपाया तुमने मुझसे?"

"मैं डर गया था…
डर कि कहीं तुम इस सच्चाई से टूट न जाओ।"


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📖 सीन 11: संजना की डायरी – रात को

> "*मैं जानती हूँ प्यार में गुज़रे हुए लम्हे भी हिस्सेदार होते हैं,
पर जब वो आज की बातों में दाखिल होने लगें,
तो दिल थोड़ा डरने लगता है।

पर आरव ने मुझे सिर्फ अपना नहीं समझा,
मुझे सच्चाई का हकदार भी माना।

और शायद यही असली रिश्ता होता है —
जहाँ झूठ नहीं, सच निभाया जाता है।*"




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🌹 सीन 12: अगले दिन – कॉल पर एक नई शुरुआत

संजना:
"मैंने तय किया है, मैं तुम्हें माफ करती हूँ।
क्योंकि तुमने मुझसे कुछ नहीं छिपाया — वो भी जब सबसे आसान यही होता।
पर अगली बार, पहले मुझे बताना…"

आरव:
"वादा करता हूँ — अगली बार कोई भी सवाल हो,
तुम्हें सबसे पहले बताऊँगा।
तुम ही मेरी सच्चाई हो संजना… बाकी सब बीती बातें हैं।"


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🔚 एपिसोड 12 समाप्त


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🔔 एपिसोड 13 में:

💥 तन्वी की आखिरी चिट्ठी
💍 शादी की तैयारियाँ
👗 हल्दी, मेहंदी, संगीत की हलचल
और एक खूबसूरत मोड़,
जो इस प्रेम कहानी को अगले रंग में ढालेगा।