Devil, You Are Mine - 1 in Hindi Love Stories by Miss Anonymous books and stories PDF | Devil, You Are Mine - 1

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Devil, You Are Mine - 1

JLU University,

            बहुत से स्टूडेंट्स एक बोर्ड  के सामने खड़े अपना -अपना रिजल्ट देख रहे थे। स्टूडेंट का एक बड़ा ग्रुप धक्का -मुक्की करते हुए अपने रिजल्ट पहले देखने ही होड़ में लगा हुआ था। वहीं कुछ दूर पर पोल से टिककर एक लड़की जिसने ब्लैक ऑफ सोल्डर टॉप और स्काई ब्लू जिंस पहनी हुए थी खड़ी थी। उसके बाल जो कंधे से कुछ निचे तक आते थे। चेहरे पर आते बालों को एक साइड क्लिप लगाया हुआ था जो उसे बहुत क्यूट बना रहा था। दूध सा गोरा रंग.. छोटा गोल चेहरा ,बड़ी-बड़ी काली आंखें,पतले गुलाबी होंठ जिनपर एक एटिट्यूड भरी मुस्कान थी।

चुइंगम चबाते हुए वो‌ बेफ्रिरी से उस भिड़ की तरफ़ देख रही थी। तभी उसके जस्ट बगल में एक खूबसूरत लड़की जो की उसी की हम उम्र की थी और एक मंहगी शोर्ट ड्रेस पहनी थी आकर उसके पास रूकी और अपने बगल में खड़ी अपनी चमची से बोली- ये देखो गर्ल्स हमारे यूनिवर्सिटी की सबसे खूबसूरत लड़की यहां अकेली कोने में खड़ी हैं लगता है मैडम फेल हो गई हैं।

वो लड़की चुइंगम फूलाकर फोड़ती है फिर उस दूसरी लड़की को देखकर बोली- डार्लिंग श्रुति कपूर के डिकस्नरी में फेल शब्द एगजिस्सट ही नहीं करता.... फिर उसे ऊपर से नीचे देखते हुए- बाई द वे.... अपना प्रॉमिस तो याद है न...?

वो लड़की उसे हिकारत भरी नजरों से देखकर- प्रॉमिस मुझे याद है मगर उसके लिए तुम्हें फस्ट रैंक लाना होगा और मुझे लगता नहीं की तुम ये कर पाओगी...!

Then go and have a look.... कहकर वो लड़की एक तरफ हो गई।

खुद पर इतना भरोसा...? नॉट बैंड पर इतनी अकड़ भी ठीक नहीं... पता नहीं कब मुंह की खानी पड़े।

श्रुति अपने जिंस के पॉकेट में दोनों हाथ डालकर- ये अकड़ मेरे खून में है..... छुपाए नहीं छुपेगा....!

दूसरी लड़की कुछ कहती तभी एक लड़की जिसने पटियाला सूट पहना हुआ था उछलते कूदते आई और श्रुति के गले लगते हुए बोली- वाह मेरी जान तू तो छा गई...पूरे कॉलेज में टॉप मारा है।

श्रुति उस लड़की को वापस गले लगा कर- मेरा छोड़ अपना बता...तेरा क्या हुआ...?

श्रेया उसके तरफ़ देखकर मुस्कुराई और बोली- मैं थर्ड आई..!

तभी वो दूसरी लड़की जो वहीं खड़ी थी बोली- क्या हुआ अगर तुम फस्ट आई शर्त के मुताबिक मेरा टॉप थ्री में नाम होना चाहिए...!

श्रुति वहां से जाने से पहले बोली- मुझे तुम्हारी हार का इंतजार रहेगा मिस स्वेता..!

स्वेता चिढ़कर- ये अकड़ तुम्हें ले डूबेगी और जल्दी ही तुम्हें अपने शब्दों पर पछ्तावा होगा।

श्रुति तिरछी मुस्कान लिए- We'll see 😏 अगर तुम टॉप 10 में भी आ गई तो तुम्हें शर्त पूरा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और  उस सूट वाली लड़की का हाथ पकड़ कर वहां से निकल गई।

अभी वो थोड़ा ही आगे बढ़े थे की उनके कानों में एक शॉक्ड आवाज पड़ी- वॉट..??

दूसरी तरफ,
            एक बड़ी सी इमारत के छत पर कुछ काले कपड़े पहने  आदमी के घेरे के बीच में दो चेयर लगी हुई। एक कुर्सी पर एक बेहद हैंडसम और शांत सा लड़का बैठा हुआ था जीसकी उम्र यही कोई 26,27 साल‌ होगी। सावला मगर आकर्षक चेहरा... आंखों पर स्पेक्स... जिससे उसकी वो निली आंखें छिपी हुई थी, हल्की बियर्ड और उसकी पर्फेक्ट फिजिक जो किसी मॉडल की तरह थी।

अपने हाथों में पकड़े फाइल को पढ़ते हुए वो बहुत शांत लग रहा था। पूरे वातावरण में सन्नाटा पसरा हुआ तभी सामने की चेयर पर बैठा आदमी अपने जगह से उठ गया और बोला- मिस्टर मलिक.. अगर कोई काम नहीं है तो मुझे चलना चाहिए।

वो लड़का मुस्कराया और अपने हाथ में उसे बैठने का इशारा किया और अपनी मैगनेटिक वॉइज में बोला- अरे वर्मा जी...आप भी कैसी बातें कर रहे हैं...? आपसे काम नहीं होता तो‌ आपको तकलीफ देकर बुलाते ही नहीं...!

मिस्टर वर्मा माथे पर आया पसीना पोछते हुए- क्या... क्या बात है..?

मिस्टर मलिक- अरे वर्मा जी... ऐसे ठंडे मौसम में आपको पसीना आ रहा है...? कहीं आपकी तबियत तो ख़राब नहीं है..?

मिस्टर वर्मा चेयर से खड़े होते हुए- सही कहा आपने... तबियत कुछ नासाज है। अब हमें जाना चाहिए कहकर जैसे अपनी जगह उठा... मिस्टर मलिक ने अपने हाथ में पकड़ी फाइल उसके हाथ में देते हुए बोला- आपके कामों को देखकर लगता है अब मुझे आपका प्रमोशन कर देना चाहिए..!!

मिस्टर वर्मा की चिंता अचानक गायब हो गई और होंठों पर मुस्कान आ गई। मिस्टर मलिक उसके तरफ़ देखकर मुस्कुराया और बोला- इस फ़ाइल में आपके कामों के बारे में लिखा है। जिसे देखकर आपका प्रमोशन हो रहा है..सो प्लीज़ हैव अ लुक... फिर अपने बगल में खड़े आदमी से कुछ कहता है और अपने सूट का बटन बंद करके वहां से निकल जाता है।

मिस्टर वर्मा उस फ़ाइल को जैसे ही खोलते हैं उनके हाथ कांपने लगते हैं।वो एक एक करके सबकुछ पढ़ते हैं और अचानक उनके हाथ से फाइल गिर जाती है। वो जैसे ही सर उठाते हैं अपने आपको उन काले कपड़े पहने आदमी से घिरा देखकर गिड़गिड़ाते हुए कहा- देखो मुझे जाने दो... मैं यहां से बहुत दूर चला जाऊंगा मिस्टर मलिक को कुछ पता भी नहीं चलेगा

उनका लिडर बोला- अच्छा और इससे हमें क्या फायदा है...? वो आदमी अपनी बातों का असर पड़ता देखकर बोला- मैं तुम्हें ढेर सारे पैसे दुंगा...! मगर प्लिज मुझे छोड़ दो..!

वो आदमी कुछ देर सोचता है फिर अपने बॉस को कॉल करके कहा- बॉस ये कह रहा है कि हम इसे छोड़ दें...?

मिस्टर मलिक- उसने जैसा कहा वैसा ही करो... कहकर उसने फोन काट दिया।

उन काले कपड़े पहने आदमी के लिडर ने अपने आदमियों से कहा- इसे छोड़ दो...! लिडर की बात सुनकर मिस्टर वर्मा मुस्कुराए।

वहीं लिडर के कहते ही चार गार्ड्स आगे आए और उस आदमी को उसके दोनों हाथ पैर से उठाकर उसके सोचने समझने से पहले ही उसको इमारत से निचें फेंक दिया।

मिस्टर मलिक ने जैसे ही पार्किंग में कदम रखा उनके पिछे कुछ गिरने की आवाज़ आई और अपनी होंठों पर तिरछी मुस्कान लिए वो अपनी कार में बैठा और उसके ड्राइवर जो की उसका पर्सनल बॉडीगार्ड भी था उसे चलने को कहा।

वो लड़का अपना चश्मा एडजस्ट कर बोला - मेरे विला ले चलो...!

जी बॉस... कहकर उस गार्ड ने रूट चेंज कर दिया।।

वो लड़का अपना फ़ोन निकाल कर कुछ टाइम करके एक नंबर पर मैसेज सेंड करता है। कुछ ही देर बाद उधर से एक मैसेज आता है जिसे देखते ही उस लड़के के चेहरे पर गुस्सा आ जाता है।

वहीं यूनिवर्सिटी के बाहर वो सूट वाली लड़की जिसका नाम राशि था बोली- तू इत्ती स्योर कैसे है की वो टॉप थ्री में नहीं आएगी?

श्रुति - क्योंकि उसने चिटिंग की है...! 

अच्छा और तुम्हें ये सब कैसे पता है..? राशि की इंस्पेक्टर की तरह इंटेरोगेट करते हुए बोली..!

श्रुति एक मिस्टिरियस स्माइल देते हुए बोली- कुछ बातें राज़ ही रहें तो बेहतर होता है... फिलहाल घर चलें... वरना तेरा खाना वो मोटा चट कर जाएगा और अपनी एक आई विंक करती है।

राशि मन मारकर कार में बैठ गई। श्रुति भी जाकर ड्राइविंग सीट पर बैठ गई और कुछ ही पलों में उनकी कार हवा से बातें कर रही थी।

To be continued....

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