Adhuri Dhoon - 1 in Hindi Love Stories by Avinash books and stories PDF | अधूरी धुन - 1

The Author
Featured Books
Categories
Share

अधूरी धुन - 1

भाग 1: 'रिदम कैफे' और वो अधूरी शाम

शहर की शोर-शराबे वाली गलियों के बीच एक छोटा सा कोना ऐसा था, जहाँ वक्त जैसे ठहर सा जाता था। 'रिदम कैफे'—पुरानी ईंटों की दीवारें, पीली मद्धम रोशनी और हवा में तैरती ताज़ा पिसी हुई कॉफी की खुशबू। यहाँ आने वाले लोग अक्सर अपनी थकान छोड़ने आते थे, लेकिन आर्यन यहाँ अपनी रूह को ढूंढने आता था।
आर्यन पेशे से एक सफल आर्किटेक्ट था। वह कंक्रीट की इमारतों में जान फूंकने का हुनर रखता था, लेकिन उसका अपना दिल संगीत के तारों में बसता था। हर शाम, ऑफिस की फाइलों और ब्लू-प्रिंट्स से पीछा छुड़ाकर वह अपनी गिटार केस उठाए इस कैफे के एक अंधेरे कोने वाली मेज पर जा बैठता था। उसके लिए संगीत केवल शौक नहीं, बल्कि एक प्रार्थना थी।

उस दिन आसमान सुबह से ही उदास था। शाम होते-होते बादलों ने शहर को अपनी बाहों में भर लिया और झमाझम बारिश शुरू हो गई। कैफे के कांच के दरवाजों पर पानी की बूंदें एक अजीब सी लय बना रही थीं। आर्यन ने अपना गिटार निकाला और उंगलियों को तारों पर फेरा। एक गहरी, भारी और थोड़ी उदास धुन पूरे कैफे में गूँजने लगी। वह एक ऐसी धुन थी जिसे उसने सालों पहले लिखना शुरू किया था, लेकिन वह उसे कभी पूरा नहीं कर पाया। उसे हमेशा लगता था कि इसमें कुछ कमी है—जैसे किसी कहानी का आखिरी पन्ना गायब हो।
तभी, दरवाजे पर बंधी पीतल की घंटी बजी। ठंडी हवा का एक झोंका अंदर आया और उसके साथ ही एक लड़की अंदर दाखिल हुई।

उसने हल्के नीले रंग का कुर्ता पहना था, जो बारिश की बूंदों से जगह-जगह भीग गया था। उसके बिखरे हुए बाल चेहरे पर चिपके थे, जिन्हें वह अपनी उंगलियों से हटा रही थी। उसके एक हाथ में एक छाता था जिससे पानी टपक रहा था और दूसरे हाथ में एक चमड़े की जिल्द वाली पुरानी डायरी थी, जिसे उसने अपने सीने से ऐसे लगा रखा था जैसे वह कोई कीमती खजाना हो। उसका नाम इशानी था।

इशानी की आँखों में एक अजीब सी गहराई थी—ऐसी गहराई जो अक्सर उन लोगों में होती है जो दुनिया को शब्दों की जगह खामोशियों से देखते हैं। वह बिना किसी की ओर देखे, आर्यन की मेज से कुछ दूरी पर लगे सोफे पर जाकर बैठ गई। वेटर ने कॉफी रखी, लेकिन उसका ध्यान तो उस गिटार की धुन पर था जो आर्यन बजा रहा था।

आर्यन अपनी धुन के उस मोड़ पर पहुँचा जहाँ उसे हमेशा रुकना पड़ता था। उसने एक गहरी सांस ली और अपनी आँखें बंद कर लीं। गिटार के तार कांप कर शांत हो गए। कैफे में अचानक छाई उस शांति ने जैसे सबको बेचैन कर दिया।
"यह धुन यहाँ खत्म नहीं होनी चाहिए थी," एक कोमल लेकिन स्पष्ट आवाज़ ने सन्नाटे को तोड़ा।
आर्यन ने चौंककर अपनी आँखें खोलीं। सामने वही लड़की बैठी थी, जिसकी नज़रें अब भी उसकी डायरी पर थीं, लेकिन उसके शब्द आर्यन के लिए थे।
आर्यन थोड़ा मुस्कुराया और अपनी कुर्सी उसकी ओर घुमाई। "मैने इसे सैकड़ों बार कोशिश की है, पर हर बार यह यहीं आकर दम तोड़ देती है। शायद इस संगीत की किस्मत में अधूरा रहना ही लिखा है।"

इशानी ने पहली बार अपनी नज़रें उठाईं और सीधे आर्यन की आँखों में देखा। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। उसने धीरे से अपनी डायरी खोली और पन्ने पलटने लगी। "संगीत कभी अधूरा नहीं होता, बस उसे सही लफ्जों का इंतज़ार होता है। कभी-कभी सुर वो नहीं कह पाते जो जज्बात कह सकते हैं।"
वह उठी और आर्यन की मेज के पास आकर खड़ी हो गई। उसने अपनी डायरी आर्यन की तरफ बढ़ाई। पन्ने पर सुंदर लिखावट में कुछ पंक्तियाँ लिखी थीं:

"ठहरी हुई लहरों को किनारा मिल तो जाए,
खामोश धड़कनों को सहारा मिल तो जाए,
हवाओं में बहती इस अधूरी धुन को,
तेरे लफ्जों का कोई इशारा मिल तो जाए..."

आर्यन ने उन पंक्तियों को पढ़ा और फिर से गिटार उठाया। इस बार उसने जब तारों को छेड़ा, तो उसके दिमाग में वो शब्द तैर रहे थे। उसकी उंगलियां खुद-ब-खुद उस अधूरे मोड़ से आगे बढ़ गईं। संगीत और शब्दों का ऐसा मिलन हुआ कि कैफे में बैठा हर शख्स मंत्रमुग्ध हो गया। वह धुन जो सालों से अधूरी थी, आज अचानक मुकम्मल लगने लगी।

जब संगीत थमा, तो बाहर की बारिश भी धीमी हो चुकी थी। आर्यन और इशानी के बीच एक अनकहा रिश्ता उसी पल बन गया था। वह शाम सिर्फ दो अजनबियों की मुलाकात नहीं थी, बल्कि दो अधूरे कलाकारों के पूरा होने की शुरुआत थी।
"मेरा नाम आर्यन है," उसने गिटार रखते हुए कहा।
"इशानी," उसने अपनी डायरी समेटते हुए जवाब दिया। "तुम्हारी धुन खूबसूरत है आर्यन, बस इसे ज़रा सा यकीन चाहिए था।"
उस रात जब आर्यन घर लौटा, तो उसके कानों में बारिश की आवाज़ नहीं, बल्कि इशानी के कहे शब्द और उसकी डायरी की महक गूँज रही थी। उसे अहसास हुआ कि उसने सिर्फ अपनी धुन पूरी नहीं की थी, बल्कि उसने अपनी ज़िंदगी का एक ऐसा हिस्सा पा लिया था जिसका उसे पता तक नहीं था।

फॉलो करो और लाईक करो भाग -2 के लिए