Saat fere Hum tere - Secound - 58 in Hindi Love Stories by RACHNA ROY books and stories PDF | सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५८

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सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ५८




पंडित जी ने सब कुछ समझाते हुए अपने पुर्वजों के नाम पर आहुति देते हुए हवन को करते गए।




कई पीढ़ियों के परिवारों द्वारा हवन करने के अनेक कारण हैं। एक साधारण हवन:

वातावरण को शुद्ध करता है - जड़ी-बूटियों का धुआं नकारात्मकता और विषाक्त पदार्थों को दूर करता है।

यह मन और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है - मंत्रों का जाप करने और लौ पर ध्यान केंद्रित करने से शांति मिलती है।

यह समृद्धि और शांति का आह्वान करता है – यह आपके घर में एक पवित्र ऊर्जा का संचार करता है।

आध्यात्मिक संबंध को मजबूत करता है - कृतज्ञता व्यक्त करने और इरादे निर्धारित करने में मदद करता है।


शुरुआती लोगों के लिए, यह प्रक्रिया बोझिल नहीं होनी चाहिए। आप छोटे स्तर से शुरू कर सकते हैं, और समय के साथ, आप स्वाभाविक रूप से अधिक जुड़ाव महसूस करेंगे।

साधारण हवन के लिए आवश्यक सामग्री
शुरू करने से पहले, निम्नलिखित सामग्री एकत्र कर लें:

हवन कुंड (आग जलाने के लिए तांबे, मिट्टी या इस्पात का एक छोटा बर्तन)

सामग्री (जड़ी-बूटियों, अनाज, लकड़ी और औषधीय जड़ों का मिश्रण)

शुद्ध घी (स्पष्ट मक्खन)

जलाने के लिए कपूर या रुई की बत्तियाँ

लकड़ी की छड़ें (यदि उपलब्ध हों तो आम या चंदन की)

पानी, फूल और अगरबत्ती

एक साफ-सुथरा स्थान, आदर्श रूप से पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख वाला।


सलाह: अगर आपके पास सभी पारंपरिक सामग्रियां उपलब्ध नहीं हैं, तो इसे सरल रखें। शुरुआती लोगों के लिए हवन बनाने के लिए एक छोटा सा स्टील का कटोरा, चावल और घी भी काफी हैं।

घर पर सरल हवन करने के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका
चरण 1: स्थान तैयार करें
एक शांत और हवादार जगह चुनें। हवन कुंड को एक सुरक्षित सतह पर रखें। सभी वस्तुओं को उसके चारों ओर करीने से व्यवस्थित करें।

चरण 2: शुद्धिकरण करें और अपना संकल्प निर्धारित करें
कुंड के चारों ओर जल छिड़ककर क्षेत्र को शुद्ध करें। आराम से बैठें, आंखें बंद करें और चुपचाप कोई मनोकामना करें—चाहे वह शांति, स्वास्थ्य या कृतज्ञता हो।

चरण 3: आग जलाएं
कुंड में छोटी-छोटी लकड़ियाँ रखें। कपूर या घी में डूबी हुई रुई की बाती से आग जलाएँ। ध्यान रखें कि आग स्थिर रहे, लेकिन बहुत बड़ी न हो।

चरण 4: मंत्रों के साथ आहुति
जब अग्नि स्थिर हो जाए, तो हवन सामग्री अर्पित करना शुरू करें । प्रत्येक अर्पण के साथ एक सरल मंत्र का जाप करें, जैसे:

“ ओम स्वाहा ” – शुरुआती लोगों के लिए सबसे आसान मंत्र।चरण 4: मंत्रों के साथ आहुति
जब अग्नि स्थिर हो जाए, तो हवन सामग्री अर्पित करना शुरू करें । प्रत्येक अर्पण के साथ एक सरल मंत्र का जाप करें, जैसे:

“ ओम स्वाहा ” – शुरुआती लोगों के लिए सबसे आसान मंत्र।

यदि आप परिचित हैं, तो आप गायत्री मंत्र का जाप कर सकते हैं ।

हर बार "स्वाहा" कहते समय, एक चुटकी सामग्री के साथ एक चम्मच घी अर्पित करें। इस प्रक्रिया को कई बार दोहराएं।

चरण 5: हवन का समापन
अर्पण करने के बाद, कुंड के चारों ओर कुछ बूँदें जल डालें। हाथ जोड़कर, सिर झुकाकर, ईश्वर को मौन धन्यवाद दें। प्रसाद (पवित्र अर्पण) परिवार के सदस्यों में बाँट दें।

सरल हवन के लिए शुरुआती लोगों के अनुकूल मंत्र
अगर आपको संस्कृत अच्छी तरह से नहीं आती है तो चिंता न करें। इन सरल मंत्रों से शुरुआत करें:

“ओम स्वाहा”

गायत्री मंत्र (शांति और ज्ञान के लिए)।।।हवन करते समय सुरक्षा संबंधी सुझाव
आग लगने की घटना को ध्यान में रखते हुए, इन सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें:

हमेशा हवादार जगह पर ही प्रयोग करें।

पास में पानी का एक कटोरा रखें।

एक बार में घी और सामग्री की थोड़ी मात्रा का ही प्रयोग करें।

आग को कभी भी बिना निगरानी के न छोड़ें।

आग को स्वाभाविक रूप से बुझने दें।


शुरुआती लोगों को किन सामान्य गलतियों से बचना चाहिए
एक साथ बहुत अधिक घी डालने से आग बुझ सकती है।

उचित इरादे की अनदेखी करना - हवन केवल अर्पण करने के बारे में नहीं है, बल्कि सचेत संकल्प स्थापित करने के बारे में भी है।

अपर्याप्त वेंटिलेशन – जड़ी-बूटियों का धुआं शुद्धिकरण कर सकता है, लेकिन इसे वायु प्रवाह के साथ संतुलित करना आवश्यक है।


नियमित रूप से साधारण हवन करने के लाभ
जब आप नियमित रूप से सरल हवन करते हैं , तो आपको यह बात ध्यान में आएगी:

आध्यात्मिक शुद्धि – नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करती है।

तनाव से राहत – लौ को देखना और मंत्रोच्चार करना मन को शांत करता है।

सकारात्मक ऊर्जा - घर में सामंजस्य स्थापित करती है।

बेहतर एकाग्रता और सजगता – ध्यान और कृतज्ञता को बढ़ाता है।

पर्यावरण संबंधी लाभ – जड़ी-बूटियों का धुआं प्राकृतिक कीटाणुनाशक के रूप में कार्य करता है।

निष्कर्ष
घर पर सरल हवन करने का तरीका सीखना परंपरा, आध्यात्मिकता और आंतरिक शांति से जुड़ने का एक अद्भुत तरीका है। इसके लिए किसी जटिल अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं है—बस ईमानदारी, बुनियादी सामग्री और सकारात्मकता को आमंत्रित करने की इच्छा होनी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
1. घर पर साधारण हवन करने का सबसे आसान तरीका क्या है?
सरल हवन करने के लिए, हवन कुंड या स्टील के कटोरे में छोटी सी अग्नि जलाएं, घी में भीगी हुई रुई से प्रज्वलित करें और सामग्री अर्पित करते हुए "ओम स्वाहा" का जाप करें। व्यवस्था को सरल रखें, अपने संकल्प पर ध्यान केंद्रित करें और कृतज्ञता की प्रार्थना के साथ हवन समाप्त करें। शुरुआती लोग केवल 20-30 मिनट में हवन पूरा कर सकते हैं।



अब हवन समापन हुआ।।


माया ने कहा अब सब चलते हैं लंच करने।।
पंडित जी को सिर्फ फल और मिठाई खाने को दिया है क्योंकि उनको और भी जगह जाना है।

विक्की ने कहा हां जी, चलिए अब।
माया दी ने कहा अरे नताशा को भी बुला लो। अच्छा नहीं लगता है वो अब तक नहीं खाई है।
विक्की ने फिर आश्चर्य होकर सोचने लगा कि यह क्या हो रहा है। नताशा भी अब तक खाई नहीं है पर ऐसा क्यों??
वो कौन है हमारी?
सारा ने देखते ही कहा---------- चलो भाई अब।
फिर सब टेरेस पर पहुंच गए।
माया वहां का अरेंजमेंट देख कर खुश हो गई।
वाह क्या बात है भाई।।
मजा आ गया।
विक्की ने मुस्कुराते हुए कहा हां सच ना दी,,
ये सब अनिक का आईडिया है।
अनिक ने सरमाते हुए कहा नहीं, नहीं मेरा नहीं किसी और का है।।
माया ने पूछा किसका?
अनिक ने कहा अरे नताशा जी का सब कुछ आइडिया था यार सी इज जिनियस।।

विक्की ने कहा ओह माय गॉड अमेजिंग नताशा।।
चलो अब जल्दी से खाना खा लें।
फिर सब ने प्लेट उठाया और फिर सब आइटम लेने के बाद विक्की ने सबसे पहला निवाला मुंह में डाल दिया और फिर वो बोल पड़ा लाजवाब,वाह क्या बात है यार।।
स्वाद काफी जाना पहचाना सा लग रहा है जैसे सालों बाद कुछ ऐसा खाने को मिला जिसके लिए तरह गया था।।
माया ने भी खाते हुए कहा हां बिल्कुल सही कहा भाई।।
क्या पनीर कोफ्ते बने है।
और छोले तो लज़ीज़।
क्या तड़का पड़ा है वाह।।
बिमल ने कहा भाई तू एक बार दम आलू खा बस।।
विक्की ने कहा हां बिल्कुल खाऊंगा।
दम आलू खाते ही विक्की ने कहा वाह वहीं मसाले की खुशबू अरे भाई क्या बात है।
मैं तो इतना खाता ही नहीं पर आज तो मन हो रहा है बस खाता जाऊं और बस।।

फिर सब इनजाय करने लगे।
लाइट मिऊजिग भी चल रहा था।
फिर सबसे लास्ट में चावल की खीर एक कटोरी भर कर लिया विक्की ने।
विक्की ने बड़े ही प्यार से खीर को खाने लगा और अब तो वो वापस पांच कटोरी खा चुका था।
फिर सब लोग नीचे आ गए।
अब विक्की के मन में बस एक बात आ गई कि नैना है और नताशा भी कहीं न कहीं इस से जुड़ सकती है।
पर कैसे सब पता करूं मैं??
तभी महाराज आकर बोलें सहाब अब हम चलते हैं जो,बच गया था सब किचन में रखवा दिया और हां माफी चाहतें हैं आपसे।।
विक्की ने कहा अरे किस बात की माफ़ी?
महाराज जी ने सर झुकाते हुए कहा कि वो आज तो हमारे साथी आ ही नहीं पाएं ना।।
विक्की ने फिर आश्चर्य से पूछा किसकी बात कर रहे हो?
महाराज जी ने फिर कहा आज तो वो मैडम से मेरी जान बचाई सहाब।।
विक्की ने गुस्से से कहा ओह अब कौन सी मैडम?साफ साफ बताओ क्या हुआ है?
महाराज ने कहा अरे आज तो मेरे दोनों खाना बनाने वाले ही गायब हो गए थे भला हो उस मैडम का जिन्होंने पांच सौ लोगों का खाना अकेले ही बनाया सहाब।
हम हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं।
विक्की एक दम चौंक गया और बोला आप क्या नताशा कि बात कर रहे हैं?
न्यारा कि नैनी।।
महाराज ने कहा हां बिल्कुल वही सहाब।
आज हम मर ही जाते , मैं तो उसी समय आपके पास यह बताने आ रहा था तो मैडम ने मुझे रोकते हुए कहा कि आपको परेशान न करे।आप पुजा में बैठे थे भला हो उनका की सब कुछ सम्हाल लिया और मेरा भी नाम खराब नहीं होने दिया।

विक्की ने कहा ओह माय गॉड अमेजिंग नताशा।
मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है।
महाराज जी ने कहा अरे सहाब मैडम ने मना किया था मुझे कि कुछ नहीं बताऊ पर मैंने इस हवेली का नमक खाया इसलिए सब सच सच बता दिया।
विक्की ने कहा हां, महाराज जी ठीक किया आपने पर आजकल के जमाने में कोई इतना किसी के लिए नहीं करता और नताशा तो अभी आई है।
महाराज जी ने कहा हां बिल्कुल ठीक कहा आपने मैडम को बहुत तकलीफ़ है। उनके चहरे की हालत गंभीर है सहाब।।
भगवान ने बहुत तकलीफ़ दी है उसको।
विक्की ने कहा आज आपने मुझे खुश कर दिया आपको बोनस भी मिलेगा।
अनिक ओ अनिक विक्की ने बुलाया।।
अनिक जल्दी से पैसे लेकर आ गया और महाराज जी को दे दिया।
महाराज जी ने नमस्ते करते हुए कहा कि क्या एक बार मैडम से मिल सकता हुं।
अनिक ने कहा हां बिल्कुल।
कुछ देर बाद ही नताशा नीचे पहुंच गई और इतना समझ गई कि विक्की को सब पता चल गया है।
महाराज ने कहा मैडम आपका यह एहसान मैं उम्र भर याद रखूंगा।
नताशा ने हाथ जोड़कर कहा कि अरे मुझे से उम्र में बड़े है मैंने तो सिर्फ आपकी मदद कि और कुछ नहीं।।
महाराज जी चले गए।
विक्की ने कहा सच सिर्फ मदद है नताशा।।
मैं जितना भी आपको समझना चाहता हूं उतना ही उलझ जा रहा हूं।
नताशा ने कहा अरे शेखावत सर आपको समझने कि जरूरत नहीं है ये तो मेरा काम है मैं यहां नौकरी करती हुं तो मैंने सिर्फ मदद किया और कुछ नहीं।
विक्की ने कहा हां बिल्कुल सही कहा आपने और लाजबाव खाना बनाया आपने। मेरी वरसो बाद आज पेट भर गया सच में।।
वैसे चावल की खीर आपने कहां से सिखा?
नताशा ने कहा अरे आजकल तो सब कुछ सोशल मीडिया पर मिल जाता है।
विक्की ने कहा हां,पर वही स्वाद कैसे?
नताशा ने कहा मतलब मैं समझी नहीं।
विक्की ने कहा नहीं कुछ नहीं।
नताशा ने कहा अच्छा अब चलती हुं मैं।
विक्की ने कहा ओह जा रही है आप।
नताशा ने कहा हां जी।

विक्की ने फिर कहा खाना खा लिया आपने?
नताशा ने पीछे मुड़कर कहा आज मेरा उपवास है।
विक्की ने कहा ओह सॉरी।
नताशा ने कुछ नहीं बोला और चली गई।

विक्की ने मन में सोचा क्यों ऐसा लग रहा है कि नताशा ही नैना है? मुझे कैसे भी पता करना होगा।
माया ने विक्की को बुलाया और फिर बोली भाई क्या हुआ है बोलोगे कुछ?
विक्की ने कहा अरे दी कुछ बातें हैं जो मुझे परेशान कर रही है।
माया ने पूछा अब क्या हुआ?
विक्की ने सारी बातें बताई।

क्रमशः