ahsaas ek khamoshi in Hindi Thriller by vishnupriya pandit books and stories PDF | हैरानी - Ateet ki Yaadein - 16

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हैरानी - Ateet ki Yaadein - 16

 Episode -16 (अहसास एक खामोशी)


रिया ने मास्कमैन डॉक्टर की आंखों में देखते हुए कहा, " वो मास्क वाला लड़का ... वो मुझे यहां लेकर आया था और मेरी जान भी बचाई । पहले मुझे लगा कि वो मेरी जान लेना चाहता है लेकिन बाद में पता चला कि वो मुझे बचाने आता है । डॉक्टर, क्या आप उसे जानते है ?"


कमरे के भीतर की हवा में एक अजीब सा भारीपन था । रिया ने जब मास्कमैन का जिक्र किया, तो की कमरे में जैसे वक्त ठहर गया । मास्कमैन , जो डॉक्टर के सफेद कोट में उसके पास में बैठा था, उसकी उंगलियां एक पल के लिए रिया की कलाई पर ठिठक गई । 

फिर उसने रिया के माथे पर अपना हाथ रखा । उसका स्पर्श फिर से रिया को वही सुकून दे गया । मास्कमैन डॉक्टर मुस्कुराते हुए बोला "अस्पताल की इन दीवारों के भी कान होते है रिया । मास्क वाला लड़का हो या कोई और... अभी तुम्हारे लिए सबसे जरूरी तुम्हारी सेहत है । मै सब ठीक कर दूंगा तुम बस मुझ पर भरोसा रखो ।"

मास्कमैन ने अपनी नजरे झुका ली ताकि रिया उसकी आंखों में छिपे सच को पढ़ न ले । उसका दिल जोर से धड़का - क्या रिया उसे पहचान रही है ? या यह सिर्फ धुंधली यादों का एक हिस्सा है? उसने एक लम्बी सांस ली और बहुत ही सधे हुए लहजे में कहा, " रिया, कभी - कभी सदमे और दवाइयों के असर से हमें वो चीजे भी दिखती हैं जो असल में वहां नहीं होती । अस्पताल में मास्क वाले लड़के का क्या काम ? " 

उसकी आवाज इतनी शांत थी कि रिया को एक पल के लिए अपनी ही याद पर सक होने लगा । पर मास्कमैन के हाथ की जो गर्माहट थी , वो रिया को बार - बार ये यकीन दिला रही थी कि कोई तो है जो उसे शाये की तरह बचा रहा है । 

उधर कमरे के बाहर, गलियारे में डॉक्टर सिन्हा और नर्स डेजी के बीच बहस तेज हो गई थी । नर्स डेजी का चेहरा डर से सफेद पड़ गया था । "सर, मै पुलिस को सच बता दूंगी ! वो मास्कमैन कोई फरिश्ता नहीं , वो एक मुजरिम भी हो सकता है । और रही बात उस लड़की की तो पुलिस वाले उसे ढूंढ ही लेंगे लेकिन मैं उस मास्कमैन का साथ नहीं दूंगी मैं आपके साथ हूं । डॉक्टर खुराना को इंसाफ दिलाने में लेकिन ... उस मास्कमैन के साथ नहीं । क्योंकि , डॉक्टर खुराना की मौत के वक्त वही वहां था!" 

डॉक्टर सिन्हा ने नर्स डेजी का हाथ मजबूती से पकड़ा और उसे कोने में ले गए " पागल मत बनो! अगर पुलिस को पता चला तो वह उल्टा हमें ही गिरफ्तार कर लेंगे क्योंकि हम जानते है कि हम सच बोल रहे लेकिन वह तुम्हारी सारी बातों को झूठ समझेंगे । इसलिए तुम किसी से कुछ नहीं कहोगी ! और याद रखो, वो मास्कमैन ही है जो उस खूनी और उस लड़की के बीच दीवार बनकर खड़ा है l अब बस देखना ये है कि वह खूनी कब पकड़ा जाएगा ।"

नर्स डेजी- "आपको क्या लगता है वह खूनी इतनी आसानी से पकड़ में आ जाएगा, जिस तरह उसने डॉक्टर खुराना को अपने रास्ते से हटाया है ऐसा न हो कि वह हमें भी हटा दे। क्योंकि हम उसकी नजर में है वह हम दोनों को धमकी भी दे चुका है ।"

डॉक्टर सिन्हा - "हा जनता हूं! इस लिए कह रहा हूं कि किसी से कुछ कहने की जरूरत नहीं है बस मास्कमैन जो कर रहा है उसमें उसका साथ दो तभी हम सुरक्षित हैं ।"
 
तभी , अस्पताल की छत पर लगे एक वेंटिलेशन पाइप के पीछे से एक साया उभरा । जो डॉक्टर के वेश में था शरीर पर सफेद कोट चेहरे पर मास्क लगा रखा था, और उनकी बाते सुन रहा था । उसने अपने हाथ में पकड़े सर्जिकल ब्लेड को अपनी उंगली पर धीरे से फेरा । किररर..... धातु की हल्की सी आवाज आई । उसकी आंखों में सिर्फ दरिंदगी भरी थी ।

उसने मन ही मन सोचा - ' तो यह डॉक्टर ही मेरा कांटा बना हुआ है ? उसे लग रहा है कि वो महफूज है... पर उसे क्या पता की डॉक्टर के वेश में मौत उसके कितने करीब है ।' 

कमरे के अंदर, रिया ने धीरे से मास्कमैन डॉक्टर के हाथ पर अपना हाथ रखा । और कहने लगी "डॉक्टर, आप मुझे यहां से ले चलिए । अब मुझे यहां नहीं रहना मै बहुत थक चुकी हूं हर पल एक डर सा लगा रहता है कही से कोई मुझे देख रहा , कोई मेरे पास आ रहा अब मुझसे झेला नहीं जाता । आप मुझे छोड़ कर मत जाइएगा । मुझे उस मास्क वाले लड़के से कम, उस साए से ज्यादा डर लगता है जो अंधेरे में खड़ा रहता है।" 

मास्कमैन ने उसकी आंखों में देखा । उन आंखों में बेपनाह भरोसा था । मास्कमैन ने उसका हाथ भींच लिया । जब मास्कमैन ने रिया का हाथ कस कर पकड़ा तो रिया के शरीर में बिजली सी दौड़ गई उसकी सांसे तेज हो गई दिल की धड़कन बेकाबू होने लगी । 
तब मास्कमैन डॉक्टर उसकी आंखों में आँखें डाल कर बोला "तुम घबराओ मत , मै कही नहीं जा रहा तुम्हे छोड़ कर और मैं बहुत जल्दी तुम्हे यहां से लेकर जाऊंगा ।" 

इतने में अचानक से , पूरे अस्पताल की बत्ती ' चट - चट ' की आवाज के साथ गुल हो गई । जनरेटर शुरू होने में दस से बीस सेकंड का वक्त लग गया था । उन दस - बीस सेकंड के घने अंधेरे में , रिया के कान के पास एक ठंडी फुसफुसाहट गूंजी - "तुम मुझसे बच नहीं सकती ।" 

रिया जोर से चीखी, " डॉक्टरररररररर !" 
जैसे ही बत्ती आई मास्कमैन तो वहीं था , पर कमरे की खिड़की खुली थी और एक लाल रंग का धागा खिड़की के पास पड़ा हुआ था मास्कमैन खिड़की के पास जाकर उस लाल धागे को देखने लगता है और बाहर का मौसम खराब था काले बादल आसमान में छाए हुए थे तेज हवाएं चल रही थीं और पानी की बौछार खिड़की से मास्कमैन के चेहरे को छूने लगी । 
खिड़की के दरवाजे हवा से खट - खटा - खट की आवाज करने लगे रिया अपने बिस्तर से धीरे से उठी और मास्कमैन डॉक्टर के करीब गई और मास्कमैन डॉक्टर के हाथ में जो लाल रंग का धागा था उसे बड़े गौर से देखने लगी , पानी की कुछ बूंदे रिया के ऊपर पड़ती है वह खिड़की के और पास जाती है और बारिश के पानी को अपने चेहरे पर झेलने लगती है । 

रिया को ऐसा करता देख मास्कमैन डॉक्टर उसका हाथ पकड़ कर उसे पीछे की तरफ लेकर आता है और कहता है "रिया तुम्हारे सिर पर चोट आई है पानी से भीगोगी तो चोट और तकलीफ देगी .... रिया मास्कमैन डॉक्टर की तरफ हैरान होते हुए देखती है जैसे ऐसा उसने पहले भी कहा हो उससे .... 

वह लाल रंग का धागा किसने छोड़ा था ? डॉक्टर सिन्हा और नर्स डेजी की बात - चीत छिपकर कौन सुन रहा था ? जानने के लिए बने रहे । अपनी राय कॉमेंट में जरूर दें। कहानी पसंद आए तो रेटिंग जरूर करें।