Second Chance - 2 in English Fiction Stories by wang pang books and stories PDF | Second Chance - 2

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Second Chance - 2

तभी वह अचानक डर के मारे चीख उठती है, क्योंकि उसे एकाएक याद आ जाता है कि उसे किस तरह मारा गया था। जैसे ही उसे अपनी ओर बढ़ता हुआ हाथ दिखाई देता है, वह घबराकर चिल्ला पड़ती है।

अनुज उसे इस तरह चीखते देख घबरा जाता है और तुरंत पूछता है,
“मिस डिंपल, आप ठीक हैं? क्या हुआ?”

यह सुनते ही डिंपल ऊपर देखती है, फिर अपने आसपास नज़र दौड़ाती है और शर्मिंदा होकर धीरे से कहती है,
“सॉरी…”

इतना कहकर वह पानी पीने चली जाती है। पानी का गिलास लेकर पास पड़ी कुर्सी पर बैठ जाती है और रोने लगती है। उसके मन में कई बातें एक साथ चल रही थीं—

“मैं कितनी कमजोर हूँ… मुझे कुछ नहीं आता… ये अच्छे कपड़े, ये नया आत्मविश्वास… सब खत्म हो जाएगा। मैं फिर से वही डरी-सहमी लड़की बन जाऊँगी। मैं खुद को कैसे संभालूँ… अब मैं क्या करूँ…”

इन्हीं ख्यालों में डूबी वह रो रही थी।

लेकिन दूर खड़ा एक आदमी उसे लगातार देख रहा था। वह आदमी खुद भी बहुत डरा हुआ लग रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे वह कहीं से भागकर आया हो। उसका शरीर काँप रहा था, साँसें तेज़ चल रही थीं, आँखों में डर साफ दिखाई दे रहा था… और उसके चेहरे पर एक ऐसा सवाल था जिसका शायद उसके पास भी कोई जवाब नहीं था।

तभी अनुज फिर डिंपल के पास आता है और कहता है,
“आप ठीक हैं? आप अचानक इतनी डर क्यों गई थीं?”

डिंपल तुरंत खड़ी हो जाती है और हड़बड़ाकर कहती है,
“सॉरी… वो… वो…”

अनुज मुस्कुराते हुए उसकी बात बीच में ही रोक देता है,
“अरे, आप ये सब छोड़िए। बैठिए… शायद इंटरव्यू का तनाव होगा। लेकिन अब सब ठीक है। आप हमारी कंपनी की नई सीनियर आर्किटेक्ट हैं। आइए, मैं आपको सब से मिलवाता हूँ।”

फिर वह डिंपल को अपनी टीम से मिलवाता है। टीम में कुशल, विवेक, योगिता, रिद्धि और खुद अनुज थे। अब डिंपल को मिलाकर उनकी टीम में कुल छह लोग थे।

सब लोग बहुत अच्छे थे। सबसे मिलकर डिंपल को बहुत खुशी हुई, लेकिन सबसे ज़्यादा खुशी उसे रिद्धि से मिलकर हुई, क्योंकि पिछले जन्म में भी रिद्धि उसके साथ बहुत अच्छा व्यवहार करती थी। इस जन्म में भी वह उतनी ही प्यारी और अपनापन देने वाली थी।

थोड़ी देर बाद लंच टाइम हो जाता है और सब लोग कैफेटेरिया चले जाते हैं। तभी अचानक डिंपल का फोन बजता है।

फोन की स्क्रीन देखते ही उसका चेहरा डर से सफेद पड़ जाता है। उसके हाथ से फोन नीचे गिर जाता है। यह देखकर रिद्धि और योगिता तुरंत उसे संभालती हैं।

योगिता फोन उठाकर कहती है,
“किसी नेहा का कॉल आ रहा है… तुम बात करना चाहोगी?”

डिंपल जल्दी से खुद को सामान्य दिखाते हुए कहती है,
“हाँ… वो मेरी सबसे अच्छी दोस्त है। मैं थोड़ी देर में उससे बात कर लूँगी।”

इतना कहकर वह कॉल काट देती है।

फिर रिद्धि उसे प्यार से बैठाकर खाना खिलाती है। अच्छा खाना और इतने दिनों बाद किसी अपने जैसा साथ पाकर डिंपल सच में खुश हो जाती है। तीनों बातें करते हुए हँस रही थीं कि तभी अचानक डिंपल गलती से योगिता से पूछ बैठती है—

“तुम और तुम्हारे पति विशाल के बीच अब सब ठीक चल रहा है ना?”

यह सुनते ही योगिता चौंककर उसकी तरफ देखती है और कहती है,
“क्या? पति? विशाल मेरा बॉयफ्रेंड है… लेकिन मैंने अभी तक तुम्हें विशाल के बारे में बताया भी नहीं। तुम्हें उसका नाम कैसे पता?”

योगिता की बात सुनकर रिद्धि भी हैरानी से डिंपल की तरफ देखने लगती है।

डिंपल के चेहरे का रंग उड़ जाता है। वह मन ही मन सोचने लगती है—

“अरे… इनकी शादी तो 2017 में हुई थी… और अभी तो 2015 चल रहा है। मैंने ये क्या बोल दिया! जहाँ तक मुझे याद है, बाद में इसके पति ने भी इसे धोखा दिया था और किसी दूसरी लड़की के साथ रहने लगा था। ये सब 2020 में हुआ था। तब योगिता ने भी अपनी नौकरी छोड़ दी थी। हम दोनों ने ही धोखा खाया था… इसलिए हम दोनों अकेले रहने लगे थे।

लेकिन रिद्धि ऐसी नहीं थी। वह हमेशा खुश रहने वाली लड़की थी। हमारे बीच दोस्ती भी उसी की वजह से थी।

अब मैं क्या बोलूँ…”

डिंपल घबराकर तुरंत मुस्कुराने की कोशिश करती है और कहती है,
“अरे… जब मैं वॉशरूम गई थी, तब मैंने आपके फोन के वॉलपेपर पर आप दोनों की फोटो देख ली थी। और आपकी की-चेन पर भी ‘V ❤️ Y’ लिखा था। तो मैंने बस अंदाज़े से नाम ले लिया। मुझे नहीं पता था कि वो सिर्फ आपके बॉयफ्रेंड हैं। सॉरी…”

यह सुनते ही रिद्धि और योगिता दोनों हँसने लगती हैं।

योगिता मुस्कुराकर कहती है,
“वाह डिंपल, अच्छा गेस था!”

डिंपल मन ही मन डर जाती है कि कहीं सबको उसके बारे में पता न चल जाए।

लेकिन फिर तीनों साथ में हँसने लगती हैं। इतने दिनों बाद खुलकर हँसना, अच्छा खाना और पुराने वाले अनुज से दोबारा मिलना… यह सब डिंपल को भीतर से सुकून दे रहा था।

उसे लग रहा था कि शायद अब वह सब कुछ ठीक कर पाएगी।

पहले वाले 2015 में वह हमेशा अकेली रहती थी। हाँ, रिद्धि और योगिता से बातें होती थीं, लेकिन इतनी खुलकर नहीं। मगर अब वह लोगों से मिलना, उनके साथ बैठना, बातें करना और जीना चाहती थी… और इस बार वह ऐसा ज़रूर करेगी।

तभी अचानक कैफेटेरिया में मौजूद सभी लोग खड़े हो जाते हैं।

यह देखकर डिंपल भी धीरे से खड़ी होती है और अपने पीछे मुड़कर देखती है… तो…