Black Zone: The Lost World - 3 in Hindi Thriller by Shaziya Khan books and stories PDF | ब्लैक ज़ोन: द लॉस्ट वर्ल्ड - 3

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ब्लैक ज़ोन: द लॉस्ट वर्ल्ड - 3

एपिसोड 3: नदी का रहस्य (The Secret of the River)



छपाक...! एक बहुत ही ज़बरदस्त धमाके के साथ भारी ऑफ-रोड जीप सीधे ठंडी और खौलती हुई नदी के सीने में समा गई। पानी का दबाव इतना तेज़ था कि जीप के कांच के शीशे तुरंत चटक गए और बर्फीला पानी अंदर भरने लगा। चारों तरफ सिर्फ घुटन और अंधेरा था।



"मॉम! डैड!" जॉन ने पानी के अंदर ही अपनी आँखें खोलने की कोशिश की। उसका दम घुट रहा था।


डॉ. क्रिस ने अपनी पूरी ताकत लगाकर जीप का दरवाज़ा लात मारकर खोला। पानी का एक तेज़ रेला उन्हें बाहर बहा ले गया। उन्होंने तैरते हुए कैथी और जॉन का हाथ पकड़ा। नदी का बहाव बहुत तेज़ था, जो उन्हें घने जंगल के और भी अंदरूनी हिस्से की तरफ खींचता जा रहा था। लगभग पांच मिनट तक लहरों से जंग लड़ने के बाद, नदी ने उन्हें एक रेतीले किनारे पर लाकर पटक दिया।


तीनों हांफते हुए ज़मीन पर गिर पड़े। जॉन ने ज़ोर-ज़ोर से खांसते हुए अपने फेफड़ों से पानी बाहर निकाला।
उसके हाथ अभी भी उस वाटरप्रूफ बैग की पट्टी पर कसे हुए थे, जिसमें नीली जड़ी-बूटी सुरक्षित थी।


"कैथी... जॉन... तुम दोनों ठीक तो हो?" क्रिस ने कराहते हुए पूछा। उनका कंधा चट्टान से टकराने की वजह से चोटिल हो गया था।


"मैं ठीक हूँ क्रिस, लेकिन हमारी जीप और सारा सामान डूब चुका है। हमारे पास अब कोई हथियार या सैटेलाइट फोन नहीं है," कैथी ने कांपती आवाज़ में कहा, उनका शरीर ठंड से कांप रहा था।


"कम से कम हमारे पास वो 'ब्लू क्लोवर' जड़ी-बूटी सुरक्षित है डैड," जॉन ने बैग खोलकर कांच का जार दिखाते हुए कहा, जो पूरी तरह सही-सलामत था।


क्रिस ने राहत की सांस ली, "यही हमारी आखिरी उम्मीद है। लेकिन अब हमें यहाँ से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना होगा।"


वे तीनों उठकर खड़े हुए और अपने आस-पास के माहौल को देखा। वे नदी के उस पार आ चुके थे जहाँ जंगल और भी ज़्यादा घना, प्राचीन और डरावना लग रहा था। यहाँ के पेड़ सामान्य नहीं थे; वे सैकड़ों फीट ऊंचे थे और उनकी जड़ें ज़मीन से बाहर निकलकर किसी अजगर की तरह फैली हुई थीं। हवा में एक अजीब सी सड़ी हुई गंध थी, जैसे कोई बहुत पुराना मांस सड़ रहा हो।


"डैड, ज़रा इसे देखिए," जॉन ने ज़मीन की तरफ इशारा किया।


वहाँ इंसानी पैरों के निशान थे, लेकिन वे बहुत पुराने थे और उनके साथ कुछ भारी लोहे के बक्से और टूटे हुए गियर्स आधे कीचड़ में धंसे हुए थे।


क्रिस ने झुककर एक जंग लगे हुए लोहे के टुकड़े को उठाया। उस पर धुंधला सा एक सरकारी लोगो (Logo) छपा हुआ था—'यूएस मिलिट्री रिसर्च - 1974'।


क्रिस की आँखें फैल गईं, "तो अफवाहें सच थीं! सत्तर के दशक में अमेरिकी सरकार ने इस ब्लैक ज़ोन में एक सीक्रेट रिसर्च लैब बनाई थी ताकि इन प्रागैतिहासिक जीवों पर स्टडी की जा सके। लेकिन कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें यह प्रोजेक्ट बीच में ही बंद करके इस पूरे जंगल को हमेशा के लिए बैन करना पड़ा।"


"इसका मतलब यहाँ कोई पुरानी लैब या बेसमेंट हो सकता है जहाँ हमें रेडियो या कोई कम्यूनिकेशन डिवाइस मिल जाए?" कैथी ने उम्मीद से पूछा।


"हाँ, और शायद खुद को छुपाने के लिए कोई सुरक्षित जगह भी," क्रिस ने कहा।


तभी अचानक, उनके पीछे की झाड़ियों में एक सरसराहट हुई। इस बार कोई भारी कदमों की आवाज़ नहीं थी, बल्कि बहुत ही हल्की और तेज़ भागने की आवाज़ थी। जॉन ने तुरंत अपनी टॉर्च (जो वाटरप्रूफ होने की वजह से बच गई थी) उस तरफ घुमाई।
रोशनी पड़ते ही उन्होंने देखा कि एक नहीं, बल्कि तीन छोटे आकार के—लगभग इंसानी कद के—'विलोसिरेप्टर' डायनासोर खड़े थे। उनके शरीर पर धारियाँ थीं, आँखें बिल्ली जैसी नुकीली थीं और उनके पैरों के अंगूठे पर एक छह इंच लंबा, दरांती जैसा नुकीला नाखून था।


हॉलीवुड फिल्मों के हिसाब से ये सबसे चालाक और झुंड में हमला करने वाले शिकारी थे। वे तीनों डॉक्टर परिवार को घेरकर खड़े हो गए थे और उनके मुंह से एक धीमी, फुसकारने वाली आवाज़ निकल रही थी, जैसे वे आपस में हमला करने का प्लान बना रहे हों।


"कोई अपनी जगह से हिलेगा नहीं," क्रिस ने बेहद धीमी आवाज़ में कहा, उनका पसीना जम चुका था। "रेप्टर्स हिलती हुई चीज़ों पर तुरंत झपटते हैं।"


तभी सबसे बड़े रेप्टर ने अपनी पूंछ हिलाकर एक तीखी चीख मारी और तीनों ने एक साथ डॉक्टर परिवार की तरफ छलांग लगा दी...(जारी है )
लेखक _समीर खान