Mafiya Boss - 13 in Hindi Love Stories by PAYAL PARDHI books and stories PDF | Mafiya Boss - 13

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Mafiya Boss - 13

(रेशमा सुबह के बातों को याद करने के लिए अपने दिमाग को काफी जोर देती है, और अभी भी उन बातों को सोच रही होती है।)

वीर तेज अवाज मे कहता हैं "मैंने तुम्हें कितनी बार कॉल किया था?  वीर इतनी जोर से रेशमा से बातें करता है कि रेशमा चौंक जाती है। क्योंकि अभी वो सुबह की हो रही बातों को गौर से याद करने की कोशिश करती है और यूं अचानक जोर से चिल्लाकर बोलने से डर जाती है और उसके हाथों  से कॉपी नीचे गिर जाती है।कॉफी के गिरते ही वीर रेशमा को बहुत ही गुस्से  देखता है वही रेशमा  को बहुत घबराहट होती है ,वीर रेशमा पर चिल्लाने लगता है

"तुम्हारा ध्यान कहां है? तुमसे कॉफी का कप  तक नहीं सम्हाला  जाता?रेशमा देखती है कि वीर बेवजह उस पर चिल्ला रहा है जबकि वो तो उसे जानता भी नहीं है ,और उसे इतना डांट रहा है ,

रेशमा बस उसकी बात सुनती है जिनको जानती है उसकी नहि जो अनजान है" देखो मिस्टर !इसमें मेरी कोई गलती नहीं है ,और आप इतनी जोर से चिल्ला क्यों रहे हैं? आप प्यार से भी तो मुझसे बातें कर सकते हैं ना...

हां! कर सकता था, और वही सुबह करने की कोशिश भी की थी। लेकिन तुम इतनी अजीब हो मेरी एक भी बात नहीं सुनी तुमने, और तुम चाहती हो कि मैं उस टोन में तुमसे फिर  बातें करूं ?

"देखो! मुझसे ऐसे चिल्ला कर बातें मत करो, मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है।वीर इस बार रेशमा की हरकतों से काफी इरिटेट हो जाता है "तुम मुझे, वीर प्रताप को समझा रही हो कि मुझे किस तरह से बात करनी चाहिए, तुम जानती नहीं हो क्या मुझे?

"वीर प्रताप! वीर प्रताप !कितनी देर से यही नाम सुन रही हूं।"

"क्या तुम मुझे नहीं जानती? तो  जानती हि क्या हो तुम ?

"रेशमा वीर को मुंह बनाते हुए कहती है "तुम मेरे आइडिल नहि हो जिसे मैं जाऊंगी ,और ना ही मेरे स्टार हिरो  जिसका मैं हर टाइम अपडेट रखतीे रहूंगी।रेशमा की बातों को सुनकर वीर कुछ समय के लिए शांत हो जाता है ,और सोचने लगता है कि कहीं ये लड़की पागल तो नहीं है।

"तुमसे तो बात ही करना बेकार है ।"हाँ! तो कर क्यों रहे हो? और यहां आए ही क्यों हो? इतनी देर तक रेशमा कि बकवास सुनने के बाद वीर तो येह भूल ही गया था कि वो यहां आया क्यों था ,इसलिए सोचता है कि इसे पॉइंट टू पॉइंट कहे

"तुमने कल जिस  लड़के को  बचाया था,  मैं उसका चाचू हूं , पता नहीं !जब से युवी  तुम लोगों से मिला है तब से रोए जा रहा है, और बार-बार ममां के पास जाना है ,ममा के पास जाना है  , पुकार रहा है ।मुझे तो यह समझ नहीं आ रहा है कि उसको तुम में  ऐसा क्या नजर आया कि वो तुम्हें अपनी मम्मा समझने लग गया ।

"वीर कि पूरी बात सुनने के बाद आखिरकार रेशमा को वीर की सच्चाई पता चलती है, और उसे याद आता है कि बॉडीगार्ड्स ने कहा था कि वो युवी को उसके चाचू के पास ले जा रहे हैं ,रेशमा एक गहरी सांस छोड़ते हुए अपना हाथ अपने सर पर रखकर हिलने लगती है, वो कितनी बुद्धू थी जो इतनी देर तक उसकी बात नहीं समझ पाई ,वीर से कहती है

"वो मुझे नहीं!  नेहा को ममा बोल रहा था, मेरी दोस्त को,रेशमा की बातो से वीर को भी क्लियर हो जाती है कि वो गलत लड़की से मिलने आया है क्योंकि उसे तो नेहा चाहिए थी ,जिसे वो एक बार युवी से मिला सके

"अच्छा? तो तुम वो लड़की नहीं हो ,तो इस वक्त  वो कहां है? मुझे उनसे मिलकर थैंक्स बोलना है और उसे एक बार यूवी से मिलवाना था, क्योंकि यूवी बार-बार रो रहा है ,,

"वो इस वक्त अभी यहाँ नहीं है ,नेहा काम से बाहर गई है,वीर रेशमा से क्लीयरली कहता है "अगर वो आए तो उसे बता देना और एक बार मुझे कॉल जरूर करना। क्योंकि तुम्हारे पास जो फोन है ,उससे कॉल किया जाता है ,ताकि हम सामने वाले से बात करें, ना कि हम कॉल को  हमेशा कट  कर दे ।तो अगर मैं दोबारा फोन लगाऊं तो उठा लेना ,लेकिन कॉल अपनी  दोस्त को दे देना ,मुझे तुमसे बात करने का कोई इंटरेस्ट नहीं है। मेरी मांम ने मुझे कहा कि मैं तुम लोगों को थैंक्स बोल दूं और मैं यहां तुम्हें थैंक्स बोलने के लिए आया था।"

"वैसे तुम्हारी इनफॉरमेशन के लिए बता दु कि वीर प्रताप आज तक किसी को थैंक्स नहीं बोला है, और किसी लड़की से तो बातें बिल्कुल नहीं कि हैं।(रेशमा को रिलाइज़ होता है कि यहां पर वीर उसे बात बात पर टोंग मारे जा रहा है, और उसे बार-बार अपनी गलती गिनाये जा रहा है और अपने एटीट्यूड अंदाज में खुद का ईगो सेटिस्फाई कर रहा है ,तो रेशमा भी कहां चुप रहने वाली थी। वीर को तो करारा जवाब देना ही था  )"वो तो तुम्हारे बोलने के अंदाज से ही पता चलता है कि तुम्हें थैंक्स बोलना नहीं आता, तुम तो ऐसे थैंक्स बोल रहे हो जैसे कि तुमने मुझ पर एहसान कर दिया हो ,और हां तुम्हें थैंक्स बोलने की कोई जरूरत नहीं है ,ये हमारा फर्ज था कि हम किसी बच्चे को मुसीबत में देख कर उसे बचाए, हमने ये सब किसी के थैंक्स कहने के लिए नहीं किया था । ok mister what you are? (full Angry)

"तुम मुझसे ऐसी बातें नहीं कर सकती ?मैंने अपना कीमती समय निकालकर, करोड़ों की मीटिंग को छोड़कर तुमसे मिलने आया हूं!(with attitude)

"अच्छा !तो जाओ ना ,किसने कहा था आने को ।तुम्हारी मीटिंग का तो पता नहीं लेकिन मेरी जॉब जरूर छूट जाएगी अब मुझे जाने दो।रेशमा पीछे मुड़कर जाने वाली होती है तभी वीर रेशमा को रोकने के लिए कुछ कदम आगे आता है, वीर किसी के जवाब को कैसे सुन सकता है ,जबकि वीर का ये पहला टाइम था जब वो किसी लड़की से वह मिला वो भी इतने एटीट्यूड के साथ जवाब देकर जा रहि हैं ।"देखो! तुम मुझसे ऐसी बातें नहीं कर सकती! 

(वीर इतना ही बोलकर आगे बढ़ने को होता है कि कॉफी के नीचे गिरने की वजह से उसका पैर उसमे फिसल जाता है। जब रेशमा देखती है कि वीर फिसल कर गिरने वाला होता है तो उसे संभालने के लिए रेशमा आगे आती है ।पर इतनी नाजुक सी लड़की वीर को कैसे संभाल पाती, उसे संभालने के चक्कर में कप के टूटे हुए टुकड़े में उसका भी पैर फिसलता हैं और दोनों एक दूसरे के ऊपर गिर जाते हैं ।जैसे ही रेशमा जमीन पर गिरती है वीर उसके ऊपर गिर जाता है ,और कुछ इस प्रकार गिरता है कि वीर के होठ रेशम के होंठों से जा मिलते है।दोनों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा था बस दोनों एक दूसरे की आंखों में ही खोये थे दोनों का ये फर्स्ट किस था, जब उन्होंने किसी को इतने करीब से छुआ हो ,किस करने के एहसास दोनों के लिए नया था।

(वीर इस इंडस्ट्री का सबसे बड़ा बिजनेसमैन का वारिस होते हुए भी और टॉप माफिया होते हुए भी किसी भी लड़की को आंख उठा कर नहीं देखता था ,पर आज उसने एक ऐसी लड़की को किस किया जिसे वो जानता भी नहीं था।)और वीर  अजीब एहसास में ही कहीं खो जाता है और एक ट्क बस उसकी आंखों को ही देखता रहता है ।कुछ  देर बाद रेशमा को एहसास होता है कि वो क्या कर रही है?

रेशमा वीर को अपने दोनों हाथों से पुस करने की कोशिश करती है लेकिन कर नहीं पाती है क्योंकि रेशमा एक नाजुक लड़की थी वही वीर एक ताकतवर माफिया को कैसे उससे हटा पाती ।वीर अभी भी रेशमा को एक टक देखता ही रहता है ,तभी उसे एहसास होता है कि रेशमा उसे धक्का देने की कोशिश कर रही है ,वो तुरंत रेशमा के ऊपर से उठता है और उसे भी हाथ देकर उठाने की कोशिश करता है। लेकिन  रेशमा  उसका हाथ नहीं पड़ती और खुद उठती है ।वीर उठने के बाद कुछ दिन के लिए शौक खड़ा था कि उसे किसी लड़की को किस किया ,और उसे इस बात के लिए उस समय बुरा नहीं लग रहा था, पर अब उसे अजिब लग रहा था कि वो ऐसा कैसे कर सकता है ।जब वो सामने देखता हैं की रेशमा जो बार-बार अपने हाथों से या फिर अपने दुपट्टे से अपने होठों को साफ किया जा रही थी,   वीर उसे एक्सप्लेन करता है 

" देखो!!! मिस रेशमा मैंने......रेशमा को ये एहसास होता है कि उसने अपना पहला किस उसे दिया जिसे वह जानती भी नहीं है और ना ही उसे कोई उससे मतलब है। ये सोच सोच कर ही उसके आंखों से आंसू छलकने लगते हैं ।रेशमा  तुरंत वहां से भाग जाती है वीर अभी भी रेशमा को ही देखता रहता है,"ये सब क्या था, मैंन कुछ जानबूझकर नहीं किया था ये तो बस एक एक्सीडेंट था लेकिन गलती मेरी इसमें नहीं है ,क्योंकि काफी तो उसने गिराई थी!

रेशमा कमरे से निकल कर जा ही रही होती है कि उसे रेणुका रोक लेती है ।"क्या हुआ रेशमा ?तुम इतनी उदास क्यों लग रही हो तुम तो अभी उस कमरे से आ रही हो ना जहां पर वीर प्रताप था। अंकल ने तो यही बताया था कि वीर प्रताप तुमसे मिलना चाहते हैं।  क्या उसने तुम्हारे साथ कुछ बहस......रेशमा रेणुका को कुछ नहीं बताती है और वहां से घर की ओर निकल जाती है ।

वीर उस कमरे से बाहर आता है जहां पर अभी  भी लड़कियां उसका इंतजार कर रहती है, जैसे ही वीर कमरे से बाहर आता है वो देखता है कि बहुत सारी लड़कियां अब भी उसी की तरफ देख रही होती है वो सीधा कॉफी शॉप के ओनर के पास जाता है ।"क्या आप मुझे बता सके मिस रेशमा अभी कहां गई है,

"मुझे लगता है कि वो घर चली गई ।रेणुक तो यहि  कह रहि थि।"क्या चली गई? वीर थोड़ा टेंशन  में शामिल आ जाता है इस बात के लिए कि उसे गलतफहमी हुई है और वह सब क्लियर कर देना चाहता था कि इसमें उसकी बिल्कुल भी गलती नहीं है ,और शायद हो सके तो वह उसे सॉरी भी कहना चाहता था।

"हां और काफी उदास भी लग रही थी आपने कुछ कहा तो नहीं ना उसे ,अगर आपने उसे कुछ कहा होगा ना तो आपने ये अच्छा नहीं किया ?

"सॉरी ! पर मैंने उसे कुछ नहीं कहा ,मुझे लगता है कि मुझे अब चलना चाहिए यहां से ,आपके कॉफी के पैसे कितने हुए?नहीं ! उसकी कोई जरूरत नहीं है आप जैसे बिजनेसमैन हमारे छोटे से कॉफी शॉप में आए यही हमारे लिए सबसे बड़ी बात है।"जी थैंक्स !अब मुझे चलना चाहिए, वीर कॉफी शॉप से निकलकर प्रताप मेंशन की ओर जाता है। 

ड्राइव करते समय वीर इस बात को बार-बार सोच रहा था मैं नहीं जानबूझकर नहीं किया और ये बात मैे बता कर ही रहूंगा मिस रेशमा।

क्या यह फर्स्ट टाइम था ,एहसास होने वाले थेे दोनो के लिए प्यार और क्या नेहा कभी मिलेगी वीर से ,

क्या होगा  जब उसकी मुलाकात होगी नेहा से ,जाने के लिए पढ़ते रहिए माफिया बॉस।