Mafia ki Diwangi - 2 - 14 in Hindi Love Stories by InkImagination books and stories PDF | माफिया की दीवानगी - सीजन 2 - 14

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माफिया की दीवानगी - सीजन 2 - 14

**माफिया की दीवानगी - सीजन 2**

**(ऑथर नोट: हेलो मेरे प्यारे रीडर्स! 😍😍 पिछले पार्ट में Rehaan के बचपन और मां के राज ने दिल छू लिया न? अब पार्ट 14 में वो राज और आगे बढ़ता है— रोमांस, इमोशंस और नया खतरा सब मिलेगा। कमेंट में बताना मत भूलना—क्या लग रहा है, Rehaan अब क्या करेगा? लाइक, शेयर और फॉलो जरूर करें। हैप्पी रीडिंग! 📖❤️)**

**भाग 14: मां का आखिरी खत और Rehaan का फैसला**

Rehaan अभी भी बालकनी में खड़ा था।  
हाथ में वो सिल्वर चेन थी—अब ताला खुल चुका था।  
मां की लिखावट अभी भी उसकी आंखों के सामने थी:  
*"रेन, अगर तू ये पढ़ रहा है... तो समझ लेना—तेरी जिंदगी में प्यार आएगा। उसे कभी मत छोड़ना। तू मेरा बेटा है... तू जीतेगा।"*  

Aira कमरे से बाहर आई।  
उसने Rehaan की पीठ पर हाथ रखा।  
"Rehaan... तुम ठीक हो?"  

Rehaan ने मुड़कर उसे देखा।  
उसकी आंखें लाल थीं, लेकिन गुस्से से नहीं—दर्द से।  
"मां... उन्होंने मां को मारा।  
रघुवीर सिंह ने।  
और अब वो मेरे बच्चे के पीछे है।"  

Aira ने उसे अपनी बाहों में लिया।  
"तो अब हम क्या करेंगे?"  

Rehaan ने गहरी सांस ली।  
"मैंने डॉक्टर रमेश से बात की थी।  
उन्होंने कहा था—मां ने मेरे लिए एक आखिरी खत छुपाया था।  
एक पुराने बैंक लॉकर में।  
वहां... शायद कुछ और सच होगा।"  

Aira ने पूछा,  
"कौन सा बैंक?"  

Rehaan ने कहा,  
"पुराना शहर—जहां हम पहली बार मिले थे।  
वही कैफे के पास वाला बैंक।"  

Aira ने हल्के से मुस्कुराया।  
"तो चलो... वहां चलते हैं।  
हमारा बच्चा भी अब तैयार हो रहा है।  
हमें सच जानना है।"  

Rehaan ने उसे गले लगाया।  
"तुम मेरे साथ चलोगी?"  

Aira ने उसके सीने पर सिर रखा।  
"हमेशा।  
चाहे जहां भी जाना पड़े।"  

**दोपहर में**  
दोनों कार में निकले।  
रास्ते में Rehaan ने Aira का हाथ थामा।  
"तुम्हें याद है... वो कैफे?"  

Aira ने हंसकर कहा,  
"कैसे भूल सकती हूं?  
तुमने मुझे पहली बार देखा था... और मैं डर गई थी।  
तुम्हारी आंखों में वो ठंडक थी... लेकिन आज वो आंखें सिर्फ प्यार से भरी हैं।"  

Rehaan ने कार साइड में रोकी।  
उसे अपनी तरफ खींचा और गहराई से किस किया।  
"तुमने मेरी जिंदगी बदल दी, Aira।  
मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं किसी से इतना प्यार कर सकता हूं।"  

Aira ने उसके गाल पर हाथ फेरा।  
"और मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं किसी माफिया लीडर से इतना प्यार कर लूंगी।  
लेकिन तुम... तुम सिर्फ Rehaan हो।  
मेरे Rehaan।"  

दोनों ने एक-दूसरे को इतनी जोर से गले लगाया कि लगा जैसे समय रुक गया हो।  

**बैंक पहुंचकर**  
Rehaan ने पुराना लॉकर नंबर बताया—472।  
बैंक मैनेजर ने देखा।  
"ये लॉकर... 15 साल से बंद है।  
कुंजी?"  

Rehaan ने जेब से एक छोटी-सी चाबी निकाली—मां ने उसे बचपन में दी थी।  
"ये है।"  

लॉकर खुला।  
अंदर एक छोटा-सा डिब्बा था।  
Rehaan ने खोला।  

अंदर था—एक पुराना लेटर, एक फोटो, और एक छोटी-सी डायरी।  

**फोटो में**  
Rehaan की मां सरिता—एक छोटे बच्चे (रेन) को गोद में लिए।  
उनके बगल में एक औरत खड़ी थी—जिसे Rehaan ने पहचाना।  
"ये... ये Zara है!"  

Aira चौंकी।  
"Zara? तुम्हारी पुरानी..."  

Rehaan ने लेटर खोला।  
मां की लिखावट:  
*"रेन बेटा,  
अगर तू ये पढ़ रहा है... तो समझ लेना—Zara मेरी दोस्त नहीं थी।  
वो रघुवीर सिंह की बेटी है।  
उसने मेरे साथ धोखा किया।  
उसने रघुवीर को बताया कि मैं Veer से शादी करने वाली हूं।  
रघुवीर ने मुझे मरवाने की कोशिश की।  
लेकिन मैंने तुझे बचा लिया।  
अब वो तेरा पीछा नहीं छोड़ेगा।  
तुझे और तेरे बच्चे को।  
बेटा... भाग।  
और प्यार मत छोड़ना।  
मां।"*  

Rehaan का हाथ कांप गया।  
"Zara... वो रघुवीर की बेटी थी?"  

Aira ने कहा,  
"तो वो इसलिए तुम्हारे पीछे पड़ी थी?  
बदला लेने के लिए?"  

Rehaan ने डायरी खोली।  
अंदर मां ने लिखा था:  
*"Zara ने मुझे बताया था कि वो Rehaan से प्यार करती है।  
लेकिन वो झूठ था।  
वो सिर्फ मेरे बेटे को अपने कब्जे में लेना चाहती थी—ताकि रघुवीर का बदला पूरा हो।  
रेन... अगर Zara कभी तेरे करीब आई... तो उसे पहचान लेना।  
वो तेरा सबसे बड़ा दुश्मन है।"*  

Rehaan ने डायरी बंद की।  
उसकी आंखें जल रही थीं।  
"Zara... वो अभी भी जिंदा है।  
और वो हमारे बच्चे के पीछे है।"  

Aira ने उसे गले लगाया।  
"Rehaan... अब हम क्या करेंगे?"  

Rehaan ने कहा,  
"अब... मैं Zara को ढूंढूंगा।  
उसे खत्म करूंगा।  
क्योंकि वो मेरी मां की हत्यारी की बेटी है।  
और वो मेरे बच्चे को छीनना चाहती है।"  

Aira ने उसके चेहरे को अपने हाथों में लिया।  
"हम साथ में।  
चाहे जो हो जाए।"  

Rehaan ने उसे गहराई से किस किया।  
"तुम मेरी ताकत हो।  
हमारा बच्चा... वो हमारी उम्मीद है।  
और मैं... मैं जीतकर रहूंगा।"  

लेकिन तभी...  
Rehaan का फोन बजा।  
एक मैसेज।  

*"Zara ने कहा है—अब समय आ गया है।  
तेरा बच्चा... मेरा होगा।  
रघुवीर सिंह"*  

Rehaan की मुट्ठी भिंच गई।  
"अब... खेल खत्म होगा।  
इस बार... मैं नहीं रुकूंगा।"  




आगे क्या होगा?  
Rehaan Zara को ढूंढेगा?  
रघुवीर सिंह का अगला कदम?  
या Aira और बच्चे पर नया खतरा?  

अगला पार्ट... इतना डरावना और इंटेंस होगा कि आप स्क्रीन से नजरें नहीं हटा पाओगे।  

Thankyou 🥰🥰

(फ्रेंड्स, ये पार्ट कैसा लगा? Rehaan का गुस्सा और प्यार दोनों दिखा न? कमेंट में बताओ—क्या लगता है, Rehaan Zara को पकड़ पाएगा? अगला पार्ट बहुत जल्दी आएगा। लाइक, शेयर और फॉलो जरूर करें! ❤️)