Kunvari Kanya - 1 in Hindi Women Focused by nirala ji books and stories PDF | कुंवारी कन्या - 1

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कुंवारी कन्या - 1

दूर कही एक सुनसान घना जंगल था। जहां चारों तरफ एक खामोशी छाई हुई थी उस जंगल में कोई भी जानवर आने से डरता था उसी जंगल के बीच से होकर उदयपुर तक जाने का एक रास्ता था दिन को तो लोग उस रास्ते से आते जाते रहते पर रात होते ही रास्ते पर कोई भी नहीं जाता था सब दूसरे रास्ते से चले जाते थे भले ही वह रास्ता बड़ा ही क्यों न हो फिर भी रात को लोग बड़े रास्ते से ही चले जाते थे क्योंकि काफी लोगों ने उस रास्ते के बारे में डरावनी बाते सुनी हुई थी।


एक दिन उस जंगल से कुछ लोग गुज़र रहे थे आधी रात हो चुकी थी रास्ते पर सिर्फ उनकी गाड़ी ही सड़क पर चल रही थी वह लोग अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी जो आज रात 12 बजे शुरू होने वाली थी उसी के लिए उदयपुर जा रहे थे। वह आपस में कुछ बाते कर रहे थे।

समीर........अरे अभय जल्दी चला यार हम लोग पहले से हीं बहुत देर कर चुके है पार्टी शुरू होने ही वाली है। 

अभय.........चला तो रहा हु यार अच्छा है कि अभी रास्ता खाली है वरना गाड़ी धीरे चलनी पड़ती पहुंच जाएंगे हम

वीर.........अरे यार ये आनंद को बर्थडे पार्टी यहां देने की क्या जरूरत थी अपने पहले वाले घर में ही दे देता 

अभय..........वो बात ऐसी है कि आनंद ने यहा एक घर खरीदा है सबसे सस्ता और अच्छा घर मिल रहा था तो उसने खरीद लिया अब नया घर है उसका उद्घाटन करना है और उसका जन्मदिन भी पास ही था तो उसने दोनों पार्टी अपने जन्मदिन को ही करने की सोची है

वीर........(हंसते हुए)बंदे की चालाकी देख रहे हो दोनों पार्टी एक ही दिन में निपटा रहा है कंजूस कही का 

इस बात पर वह हंसने लगे तभी समीर ने आगे कुछ देखा उसने कहा

समीर........रुक जा रुक जा यहां तो दो रास्ते है कही कोई बोर्ड तो होगा रास्ता बताने के लिए देखने दे मुझे 

अभय ने गाड़ी रोकी और वह सामने बोर्ड पढ़ने लगे 

समीर........देख यहां पे दो रास्ते है दोनों ही उदयपुर जाते है बस फर्क ये है कि एक 10 किलोमीटर  लंबा है और दूसरा 5 किलोमीटर 

अभय.........चलो तो 5 किलोमीटर वाले रास्ते से ही चलते है

समीर.......रुक जा नीचे कुछ और भी लिखा हुआ है "सावधान कृपया कर रात को छोटे रास्ते से न जाए" लगता है वहां कुछ खतरा है अब क्या करे?

अभय.........करना क्या है चल बैठ हम छोटे वाले रास्ते से ही जाएंगे कोई जानवर होगा जिससे बचने के लिए यहां पर लिखा होगा पर हम तो कार में है हम सुरक्षित है

समीर........ हा चल

वह गाड़ी में बैठे और आगे बढ़ रहे थे

वीर........जानवर के लिए ही सावधान कर रहे है या कुछ और है वहा 

अभय.........ले देख समीर नाम है वीर और डर रहा है अरे जंगल में जानवर नहीं होगा तो क्या भूत होगा 

इस बात पर अभय और समीर हंसने लगे वह जिस रास्ते पर जा रहे थे वह काफी शांत था कुछ दूर जाने के बाद समीर को आगे कोई दिखाई दिया उसने कहा 

समीर........देखो देखो सामने सड़क के किनारे पे कोई खड़ा है

अभय........अबे वह खड़ा नहीं खड़ी है कोई लड़की है रास्ते पर ,देख वीर तेरे लिए भूत अपना जेंडर चेंज करके आया है 

और वह हंसने लगे अभय ने गाड़ी ठीक उस लड़की के सामने रोकी और पूछा 

अभय........क्या हुआ मैडम आप इतनी रात को इस सुनसान जंगल वाले रास्ते में क्या कर रही है?

समीर.......क्या आपको कोई मदद चाहिए?

लड़की ने धीमी आवाज में कहा.......क्या आप मुझे आगे उदयपुर में छोड़ देंगे

समीर........हा हा जरूर ,हम भी वही जा रहे है आइए आप भी हमारे साथ बैठिए

अभय.........(हंसते हुए) ठीक से देख ले वीर कही इसके पैर उल्टे तो नहीं है क्योंकि तेरे ही साथ पीछे बैठेगी ये कही तुझे खा न जाए

वह लड़के फिर से हंसने लगे लड़की पीछे बैठ गई और वह आगे बढ़ गए उस लड़की ने सूट पहना हुआ था जो काफी पुराना दिखाई दे रहा था और कुछ कुछ जगहों से फटा हुआ था उसके चेहरे का मेकअप भी उलझा हुआ था और बाल भी उलझे हुए थे ,शरीर पर कुछ जगहों में नोचने के निशान थे चेहरे पर खामोशी थी उसके फटे कपड़ों की वजह से उसके शरीर का कुछ हिस्सा दिखाई दे रहा था जिसे अभय ने फ्रंट मिरर से देख कर कहा 

अभय........(हंसते हुए)क्या हुआ मैडम शेर से लड़ाई कर के आई हो क्या?या किसी फैशन शो में भूत बनी हो?

वह लड़की खामोश थी अभय ने उसके शरीर को देखा और उसका मन बहकने लगा उसने अपना मोबाइल हाथ में लिया और वीर और समीर के साथ ग्रुप में चैटिंग करने लगा उसने लिखा 

अभय........ये लड़की तो काफी रस भरी है यहां  सुनसान सड़क है और यह अकेली है मन हो रहा है करने का क्या बोलते हो?

उन दोनों ने भी उस लड़की को देखा और उनका मन भी होने लगा समीर ने लिखा

समीर......... हा यार तू सही कह रहा है वीर तू एक काम कर हम जो पार्टी के लिए जो नशे वाली गोली लाए थे तू उसे पानी में मिला के दे दे

वीर......... हा अभी देता हु

वीर ने गोली पानी की बॉटल में डाली और अच्छे से मिलाया उसने लड़की से कहा 

वीर........लो मैडम आप काफी परेशान लग रही है ये थोड़ा पानी पी लीजिए 

वह लड़की खामोश थी वीर ने उस से फिर कहा

वीर.......अरे लीजिएना थोड़ा सा पी लीजिए आपको अच्छा महसूस होगा लीजिएना हम आपके दोस्त है डरिए मत

फिर अचानक से उनकी गाड़ी बीच रास्ते में रुक गई उन्होंने सोचा यह क्या हुआ वीर अब भी उसे पीने के लिए बोले जा रहा था उस लड़की ने उन्हें समझ लिया और फिर उसने अपना सिर नीचे झुका लिया उसके बाल चेहरे के सामने आने लगे और वह धीरे धीरे गुर्राने लगी वीर ने कहा 

वीर.........क्या हुआ मैडम? आप ऐसा क्यों कर रही है? और तुम लोगों ने गाड़ी क्यों रोक दी?

अभय........अबे मैने नहीं रोकी यह आपने आप रुक गई है वैसे भी हमे काम करने के लिए कही बीच में तो रुकना ही था चलो काम खत्म करके गाड़ी को देखेंगे तूने उसे पिला दिया?

वीर.......पी नहीं रही है मैडम थोड़ा सा कम से कम एक घुट पी लीजिए अच्छा लगेगा आपको

वह गुर्राते जा रही थी तभी कुछ आवाजे आने लगी जैसे कोई किसी टीन या स्टिल को पिचका रहा हो उन्होंने आस पास देखा उन्हें अजीब सी हैरानी हुई उन्होंने देखा कि उनकी गाड़ी धीरे धीरे पिचकते जा रही है उन्होंने गाड़ी से बाहर निकलने की कोशिश की पर उनकी सीट बेल्ट खुल ही नहीं रही थी वह और कसते जा रही थी वह चिल्लाने लगे बचाओ बचाओ कोई तो बचाओ हमे ,फिर अचानक से पूरी गाड़ी पिचक कर सपाट हो गई और वह लोग मर गए पर वह लड़की बाहर खड़ी थी वह खामोश थी उसके आंखों में आंसू थे और वह फिर से उस जंगल वाले रास्ते में चली गई और चलते चलते वह अंधेरों में कही गायब हो गई

दूसरी तरफ आनंद उन्हें पार्टी में न देख उन्हें फोन कर रहा था फोन बज रहा था और खाली रोड पर उसे उठाने वाला कोई नहीं था उसने 2-3 बार कॉल किया पर कोई जवाब नहीं आया उसने सोचा शायद वह कही और बिज़ी होंगे उनके पास पार्टी में आने के लिए वक्त नहीं है यह कह कर उसने पार्टी शुरू कर दी उसके दादा ने पूछा 

दादा.......क्या हुआ बेटा इतने परेशान क्यों दिखाई दे रहे हो ?आज तो दो दो खुश होने की वजह है 

आनंद.........कुछ नहीं दादू मेरे कुछ दोस्त आने वाले थे पर वह आए नहीं 

दादा ने हैरान होते हुए पूछा.........क्या वह अभी रात को यहा आ रहे थे?

आनंद....... हा दादू लेकिन आप अचानक से इतने परेशान क्यों हो गए?

दादा.......बेटा में परेशान इसलिए हु क्योंकि अगर तेरे दोस्तो ने आते वक्त छोटा रास्ता ले लिया होगा तो वह कभी यहा तक नहीं आ पाएंगे 

आनंद चौंकते हुए बोला.......ये क्या बोल रहे हो दादू, ऐसा क्या है उस रास्ते में की वो आ नहीं पाएंगे?


(उस रास्ते में क्या है?और क्यों वह लड़के मारे गए? क्या राज़ है उस रास्ते में? आनंद आगे क्या करेगा? जानने के लिए इंतजार करे कहानी के अगले भाग का)

                 "पढ़ने के लिए धन्यवाद 🙂‍↕️"