Ek Anjaani Kashish - 1 in Hindi Love Stories by miss unknown books and stories PDF | एक अनजानी कशिश - 1

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एक अनजानी कशिश - 1

किरदार परिचय 

1. आदित्य उर्फ आदि का परिवार (द रायसिंघानिया एस्टेट)
शहर का सबसे अमीर और रसूखदार खानदान, जहाँ पैसा, रुतबा और कड़क अनुशासन ही जीवन का नियम है।
आदित्य (आदि): कॉलेज का थर्ड ईयर स्टूडेंट। लंबा, कसरती बदन, तीखे नैन-नक्श और आँखों में एक अजीब सा सन्नाटा। आदि के लिए ज़िंदगी सिर्फ एक टाइमटेबल है, जिसमें हँसने की कोई जगह नहीं है।
भव्या (बड़ी बहन): आदि से दो साल बड़ी। वह बेहद खूबसूरत, चुलबुली होने के साथ-साथ बहुत समझदार है। उसने अभी शादी नहीं की है और अपनी आगे की पढ़ाई या बिजनेस में हाथ बंटाने की तैयारी कर रही है। भव्या पूरे घर में इकलौती ऐसी इंसान है जो आदि को डांट भी सकती है और उसका मूड भी ठीक कर सकती है। दोनों भाई-बहन एक-दूसरे की जान हैं।अपने शांत, समझदार और बेहद शालीन स्वभाव के कारण पूरे परिवार की लाडली है। भव्या ही इकलौती ऐसी इंसान है जो आदि के बिना बोले भी उसके दिल का हाल समझ जाती है और आदि भी सिर्फ अपनी भव्या दी के सामने ही थोड़ा नरम पड़ता है।
ठाकुर रघुराज सिंह (दादाजी): परिवार के मुखिया। उनका फैसला अंतिम होता है।
विक्रम और सावित्री सिंह (माता-पिता): विक्रम बिजनेस संभालते हैं और सावित्री देवी पूरे घर को।
संजय और मीनाक्षी सिंह (चाचा-चाची): मीनाक्षी हमेशा अपनी संतानों को आदि से बेहतर दिखाने की कोशिश में लगी रहती हैं।
आरव और दिया (छोटे भाई-बहन): आदि के चाचा-चाची के बच्चे, जो आदि से बेहद डरते हैं।
2. अनोखी का परिवार (द शर्मा निवास)
एक बड़ा, शोर-शराबे से भरा, संयुक्त परिवार। जहाँ पाबंदियाँ बहुत हैं, लेकिन अपनों का साथ भी है।
अनोखी: कॉलेज फर्स्ट ईयर की छात्रा। बाहर से चुलबुली, सबको हंसाने वाली, लेकिन अंदर एक तूफान ओर राज छुपाए हुए। पैरों में भारी चांदी की पायल पहनना उसकी सबसे बड़ी पहचान है।
पंडित दीनदयाल शर्मा (दादाजी): सख्त, पुराने ख्यालों के, जिन्हें लड़कियों का ज्यादा सजना-संवरना पसंद नहीं।
रमेश और सुशीला शर्मा (माता-पिता): रमेश सरकारी दफ्तर में क्लर्क हैं। सुशीला अनोखी की ढाल हैं।
कबीर (बड़ा भाई): 24 साल का, जो अनोखी का सबसे बड़ा ढाल है।
सुरेश और कल्पना शर्मा (चाचा-चाची): घर के जिम्मेदार सदस्य।
रोहन और रिया (चाचा के बच्चे): रिया अनोखी की ही उम्र की हैं रिया  इसी साल अनोखी के साथ उसी कॉलेज में 1st ईयर में आई थी।ओर रोहन अनोखी से थोड़ा बड़ा पर अनोखी उसे अपनी ही उम्र का समझती है ओर दोनों हमेशा नोक झोंक  करते रहते है रोहन अपने बड़े पापा ओर पापा के साथ मिल कर उनका बिजनेस संभाल रहा था उसका कॉलेज पूरा हो चुका था ये तीनों त्रिमूर्ति की तरह हैं।
सुलक्षणा बुआ (खडूस और अकडू बुआ): इस घर का सबसे कड़क किरदार। पति से अलग होने के बाद यहीं रहती हैं और हर बात में नुक्स निकालना इनका पेशा है।
तनु (सुलक्षणा जी की बेटी): अनोखी की ही उम्र की है, पर बेहद शांत, चालाक और हमेशा अनोखी को नीचा दिखाने का मौका ढूंढने वाली।
तनु का एक बड़ा भाई भी है जो कबीर की उम्र का है वो बिजनेस ट्रिप के मामले में अमेरिका गया हुआ है ।उसके बारे में आगे पता चलेगा ।
एक जमीन है तो दूसरा असमान कैसे होगी इनकी रहे एक ।