Love Life - 1 in Hindi Love Stories by shimbha Verma books and stories PDF | Love Life - 1

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Love Life - 1

( एक बहुत बड़ी कंपनी है DSR इस कंपनी की मालकिन है

मियाओ - देखने में अच्छी है, पर बहुत ज्यादा सख्त है , इसे हर काम समय पर चाहिए। किसी की भी उसके सामने बोलने की हिम्मत नहीं 

मियाओ अपने ऑफिस जाती है, वह अपने एक employ को खाली देख कर कहती है:- अगर तुम से काम नहीं होता है तो नौकरी छोड़ दो, तुम्हारे जैसे इस नौकरी के लायक नहीं 

तभी एक आदमी आता है ऑफिस में जो म्याओ के पिता थे 

मियाओ के पापा बोले थोड़ा दिमाग को ठंडा रखो ऐसा करने से कुछ नहीं होगा, ( उसके पिता अंदर ही अंदर कहते हैं, कौन इसे यूं झेलेगा)

तभी मियाओ अपनी कार लेकर जाती है 

तभी उसकी कार एक छोटी बाइक में लग जाती है, उस बाइक को उठाने के लिए एक लड़की आती है 

वह बाइक उस लड़की की थी , उस लड़की का नाम था जेन 

(जेन:- हर वक्त खुश रहने वाली ओर सभी को खुश रहने के लिए कहती है,

वह एक शॉप में काम करती है जो बहुत पुरानी दुकान है,)

जेन:- अरे! कोई बात नहीं गलती हो जाती है, बाइक थोड़ी मुड़ गई है, मैं इसी ठीक करा लूंगी 

मियाओ:- मैं किसी का एहसान नहीं रखती, ये लो 2000  ओर इसे ठीक करवा लेना 

जेन:- अरे! आपका क्या नाम है। 

मियाओ:- तुम्हे क्या लेना देना 

जेन - ठीक है मत बताओ कुछ लोग भाव बहुत ज्यादा खाते है 

मियाओ; मेरी मर्जी ( म्याओ चली जाती है और कहती आज का दिन ही खराब था मेरा।

म्याओ अपने घर में जब जाती है तो उसकी मुलाकात उस लड़की से होती है,

म्याओ गुस्से में कहती है तुम यह तक भी मेरे पीछे आ गए 

जेन:- थोड़ा ठंडा रहे मैडम जी गुस्सा करने से क्या होगा 

तभी मियाओ के पापा आते है, 

कहते है कि " तुम गुस्से में बहुत रहती हो मेरी डोल इसलिए तुम्हारी हर वक्त ध्यान रखने के लिए तुम्हार एक पर्सनल मैनेजर रख दिया 

म्याओ :- पापा में खुद अपना ध्यान रख सकती हु, मुझे किसी की जरूरत नहीं है, ओर इस लड़की की तो बिल्कुल ही नहीं 

( ये सुन कर जेन थोड़ा सहम जाती है)

जेन:- सर, माफ करे में आपकी लड़की की मैनेजर नहीं बन सकती, जिस हिसाब से उसका ये बोलने का तरीका है।

तुम मेरी बेटी की नहीं मेरी सुनो मुझे उसकी चिंता है, बस उसके लिए ही उसके कहने से कुछ नहीं होगा तुम मेरी बात मानो ओर आज से मैं तुम्हें उसका पर्सनल bodagurd भी बनाना चाहता हु 

पिता :- ( म्याओ के कमरे में जाते हैं, ओर दवाजा खटखटाते है मियाओ)

म्याओ दवाजा खोलती है, पिता उसे प्यार से समझाते है 

" बेटा मेरा एक सहारा तू ही, मुझे तुम्हारी बहुत जितना है 

जिस तरह तुम हर वक्त गुस्से में रहती हो मुझे डर लगता है कि मैं तुम्हें खो न दूं 

मैं तुम से बहुत प्यार करता हु, मेरी बच्ची इसलिए मैने तुम्हारे लिए जेन को रखा है ताकि तुम्हारा ध्यान रख सके

म्याओ अपने पापा की बात मान लेती है, म्याओ के पापा उसे उसकी मां के जाने का बाद खुद ही संभाल करते है।

तभी श्याम को म्याओ के पास एक अनजाने नंबर से कॉल आता है 

म्याओ कॉल उठाती है," हैलो "


Shimbha Verma 

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