Samaaj aur Pyar ka dwand - 1 in Hindi Love Stories by Krishna singh books and stories PDF | समाज और प्यार का द्वंद - भाग 1

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समाज और प्यार का द्वंद - भाग 1

अध्याय 1


सदियों से द्वंद रहा है न दुनिया वालों और युवाओं के बढ़ती उम्र और इच्छाओं के बीच खासकर बात की जाएं तो प्रेमी युगलों के बीच ये समाज कभी उनका प्रेम स्वीकार ही नहीं पाया परिणामतः या तो प्रेम बिछड़ जाता है समाज के डर से या फिर उन्हें समाज के प्रतिष्ठ ठेकेदारों द्वारा अलग कर दिया जाता है कही न कहीं वो मज़बूर हो जाते है प्रेम विवाह करने या परिवार की इच्छा के विरुद्ध जाने के आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रही हूं जो दो प्रेमियो की समाज के द्वंद को भली भाँति प्रकट करती है।


राधिका एक सौम्य स्वभाव की सरल और सुंदर लड़की थी उसके पिता एक अध्यापक है और मां सिलाई का काम करती है। उसका बड़ा भाई सोमेश शहर में पढ़ाई करता है।

राधिका ने अभी 12th पासकी थी। अब उसे आगे के पढ़ाई के लिए शहर जाना था। उसके पिता ने उसका एडमिशन शहर के एक कॉलेज में करा दिया।

राधिका गाँव की एक सीधी- सादी लड़की शहर की दुनिया में खुद को कैसे ढाल पाएगी ये विचार राधिका के मन में बार बार आ रहा था पर फिर भी वो शहर जाने के लिए राजी हुई।

वह दो दिन बाद पहली बार कॉलेज पहुंची। पहले ही दिन वो एक आदमी से टकरा गई। ये कोईमामूली आदमी नहीं बल्कि भारद्वाज खानदान का एकलौता वारिस देव भारद्वाज था l  

उसकी नज़र राधिका पर पड़ी।

पिंक सूट में लहराते बाल, गोरे गाल, गुलाबी पंखुड़ियों से होठ जैसे किसी ने कोई चित्र बना कर उसमें रंग भर दिए हो.

"देव भारद्वाज की नजरे तो राधिका के चेहरे पर हो ठहर गई" 

इतनी सुंदर लड़की और इतनी सादगी।

वो तो राधिका में ही खो गया।

राधिका भी बस देव को ही देखे जा रही थी।

" कितना हैंडसम है ये लड़का राधिका ने मन में कहा"

तभी देव के साथ खड़े बॉडीगार्ड की आवाज से दोनों का ध्यान टूटा।

ए लड़की ! अंधी है क्या देखकर नहीं चल सकती साहब की ड्रेस खराब कर दी।

देव ने उसे चुप रहने का इशारा किया। देव का इशारा पाकर वो लड़का चुप हो गया।

देव ने बड़े ही शांत स्वर में पूछा 

"आपका नाम क्या है?"

जी, राध.. राधिका, राधिका ने धीमी आवाज में कहा।

कॉलेज में नई आई हो देव ने फिर पूछा।

"राधिका ने हा में सिर हिलाया।"

अच्छा! ठीक है क्लास में जाओ।

राधिका क्लास में चली उसे शहर के लोगों से घुलने में थोड़ा टाइम लगेगा ये सोचकर उसने किसी से कुछ नहीं कहा।

वह चुपचाप पीछे की बैंच पर जाकर बैठ गई।

तभी क्लास के सबसे बिगडैल लड़के रोहित और बंटी वहां आए।

वे राधिका के पास जाकर बोले 

"मैडम हमें भी बिठा लो अपने साथ"

राधिका चुप रही।

लेकिन वो दोनों उससे बदतमीजी करने लगे। इतने में देव को क्लास में आते देख बंटी बोला भाई देखो!

न्यू मैडम आई है अपनी क्लास में पढ़ने।

देव ने बंटी को जोर से थप्पड़ जड़ दिया 

खबरदार जो आज के बाद इसे परेशान किया तो।

भाई तूने इस लड़की के लिए मुझ पर हाथ उठाया बंटी ने गुस्से में कहा।

हा और दुबारा इसी हरकत की तो हाथ पैर सलामत नहीं रहेगे देव ने धमकाया।

देव राधिका के पास जाकर बोला "तुम्हे कोई भी काम हो मुझे आके बोल देना"

राधिका ने हा में सिर हिलाया।

हमारी कहानी की एक कड़ी पूरी हुई है अभी देव और राधिका की कॉलेज की जिंदगी और समाज से टक्कर बाकी है इसे हम अगले भाग में देखेंगे।

पूरी कहानी पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद।