अधिरा जिसे धीरे-धीरे होस आ रहा था , उसकी आंखें अभी हल्की सी ढूंढ ली थी वह अपनी आंखें बन्द कर पुरी पूरी तरीके से खोलती है।
उसकी उसकी गहरी काली आंखें पीकॉक ब्लू आईज से जाकर मिलते हैं। आआह्ह्हह्ह्
अद्वीक को अपने इतने नज़दीक देख उसकी जोर दार चीख निकल जाती है।
वह उठकर पर बैठती है ।उसका ब्लाउज जो सिर्फ डोरियों पर अटका हुआ था , और अद्विक के डोरी खोलने से उसका ब्लाउज खिसक कर नीचे गिर जाता है अधीरा की आंखें और बड़ी हो जाते हैं । उसके होंठ दर से फड़फड़ाना लगते हैं ।
अब आगे,
अधीरा अपनी बड़ी-बड़ी पलके झपकाते हुए अपने सामने बैठे आदमी को देख रही थी, जो गहरी पीकॉक ब्लू आईज से उसे देख रहा था, उसकी आंखों के कोने हल्के हल्के लाल थे, उसका डोमिनेटिंग औरा अधीर को डरा रहा था, वो एकदम खामोश हो जाती हैं। अद्वीक उसके हाथ मुंह से अपना हाथ हटा गहरी आवाज में बोला, आप हमारी धर्मपत्नी है। और आप हमसे इस तरीके से बात नहीं करेगी "
,
अधीरा अपना सर झुका कर अपने ऊपर वहां रखा हुआ ब्लैंकेट खींच लेती है । उसका पुरा चहरा लाल हो जाता है। उसका ब्लाउज पूरा लूज हो चुका था ,
अद्विक गहरी सांस ले अपना हाथ उसके नज़दीक ला उसके चेहरे पर झुक बालों को कंधे के एक तरफ समेट उसके कंधे पर अपनी तुड्डी टीका एक-एक डोंरी को बदने लगता है । उसकी पतली पतली उंगलियां अधीरा के पीट पर हरकत कर रही थी, अधीरा उसकी हरकत पर सिहर चुकी थी ,
कुछ पल में उसकी डोरियां बांधकर उसे दूर हो जाता है। अधीरा एक राहत के सास ले जल्दी से खड़े होते हुए बोली , तुम हो कौन? और क्या पत्नी पत्नी लगा रखा है? मैं नहीं मानती तुम्हें , और मैं यहां पर आई कैसे हूं?
अद्विक उसे देखते हुए बहुत ही धीमी आवाज में बोला, आवाज़ नीचे , पत्नी है आप हमारी और आप इस तरीके से हम पर नहीं चिल्ला सकती " बेहतर होगा थोड़ा सोच समझ कर बात करे की आप बात किस्से kr रही है।
अधीर गुस्से से चिल्लाते हुए , अरे तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या ? तुम्हारे पास सेंस नाम की चीज है कि नहीं? क्या पत्नी पत्नी लगा रखा है । कैसी शादी कौन सी शादी मुझे याद भी नहीं" हमारी कोई शादी हुई थी भी या नही , और अंकल तुम शायद भूल रहे हो कि मैं तुमसे उस टाइम टकराई थी, ठीक है तो उससे हमारी शादी नहीं हो जाती । शादी होने के लिए बहुत सारी चीज मैटर करती है। अब जाने दो मुझे ब्लडी इडियट रास्कल, पता नहीं कहा कहा से a जाते हैं।
बोलते हुए वह दरवाजे की तरफ कदम बढ़ा देती है।
अद्वीक खाली आंखो से उसे देख रहा था, ।
अधिरा ऐसे ही दरवाजा खोल कर अपना कदम बाहर की तरफ बढ़ती ,।
अद्वीक तुरंत उसके खुले हुए पेट पर अपना हाथ रख पीछे की तरफ खींच लेता है। अधीरा का नाजुक सा पेट अद्विक के चौड़े सीने में धस चूका था। जिसे मेहसूस कर उसका पूरा चेहरा लाल हो जाता है। वह छटपटाते हुए बोली, यह क्या कर रहे हो? तुम छोड़ो मुझे ,
अद्विक उसके कंधे पर अपनी टुंडी टिकाते हुए भारी आवाज में बोला " आप है हमारी बीवी , इसलिए लिहाज कर रहे हैं हम , आपका तो बेहतर होगा आप भी हमें इज्जत दे , और हमसे तमीज से पेश आए वरना.
अधीर एकदम से उसकी तरफ पलट उसके सीने पर हाथ रख गुस्से से बोली, वरना वरना क्या? वरना तो मैं भी बोल सकती हूं मैं तुम पर पुलिस केस कर सकती हूं.। बोलते हुए वह अपनी इंडेक्स फिंगर अद्विक को दिखाने लगती है ।
अधिक उसे एक नजर देख अजीब सी आवाज़ में बोला, हमारे और आपके वरना में अंतर है धर्मपत्नी जी "
अधीर उसके बार-बार धर्मपत्नी बोलने पर फर्स्ट स्ट्रेट हो चुकी थी वह अपने बालों को मुट्ठी में भर चिढ़ते हुए, हे महाकाल कहा फसा दिया आपने मुझे? यह क्या पागल आदमी है । वो गहरी सांस ले अपने लाल होते हुए चेहरे पर धीरे-धीरे थपथपा कर अद्विक के सामने आते हुए उसकी आंखों में आंखें डाल कर बोली, देखो मैं तुम्हें नहीं जानती , और ना ही हमारी कोई शादी हुई है । हो सकता है तुम्हारी कोई बीवी हो , जो मेरी तरह दिखती हो पर मैं वो नहीं हूं , तुम्हारी उम्र हो चुकी है । इसीलिए y
यह सब चीज समझ में नहीं आ रही, बट आई एम स्टिल 20 ओके तो मैं तुम्हारी बीवी नहीं हो सकती बोलते हुए वह अपने बालों में हाथ फेर वहां से जाने लगती है ।
जैसे उसने एक महान काम कर दिया हो ,z
अद्वीक उसका हाथ पड़कर गोल घुमाते हुए अपने नज़दीक कर उसके खुले हुए पेट पर अपना हाथ रख हल्का सा लिफ्ट कर लेता है । अधीर की सांस गले में ही रुक जाती है। वो सर टेढ़ा का , यह तुम क्या कर रहे हो? वो हवा में अपने पैर चलने लगती है। पर अद्विक से खुद को छुड़ा नहीं पा रही थी,
अद्वीक कहां 6 फुट 6 इंच का लंबा चौड़ा हटा कटा इंसान तो, वही अधिरा 5 फुट 2 इंच की छोटी सी पतली सी नाजुक सी गुड़िया जैसी"
अद्वीक अधीरा को वैसे ही उठाए हुए वहां लगे बड़े से मिरर के सामने लेकर आता है । और उसे सामने देखने का इशारा करता है । अधीर सामने देखती है उसकी आंखें हैरानी से बड़ी हो जाती है। उसकी मांग में सिंदूर सजी हुई थी, गले में मंगलसूत्र हीरे की तरह चमक रहा था। अधीर अपने दिमाग पर जोर डालने लगती है ।उसे सिर्फ इतना याद था कि वह छत से गिर गई थी, और उसके बाद क्या हुआ क्या नहीं कुछ भी नहीं पता था।
अपने दिमाग पर जोर डालने लगती है।
अद्वीक उसे उठकर बेड पर बैठा कर उस के चेहरे को पकड़ ऊपर की तरफ कर देता है।
अधीरा उसे बड़ी-बड़ी पालके झपकाते हुए देखने लगति हैं।
अद्वीक उसके चेहरे पर झुक गहरी आवाज में, अब तो आपको यकीन हो गया होगा कि आप हमारी धर्मपत्नी है। और हम आपसे उम्मीद करते हैं । कि आप एक पत्नी होने के सारे हक निभाएंगे, बोलते हुए उसे छोड़ देता है।
अधीरा जो खुद में उलझ गईं थीं, वो तकिया उठाकर चिल्लाते हुए बोली, तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है। मैं इस शादी को नहीं मानती, और ना ही मैं तुम्हें कभी पति मानूंगी, समझे वो गुस्से से पागल हो रही थी।
अद्वीक जो खुद को एकदम शांत दिख रहा था उसके शरीर से डरावनी अभाय निकलने लगती हैं। उसने अपनी नज़रें नीचे करी थी, उसके आगे एकदम लाल हो चुकी थी , मुट्ठी मजबूती से बंद थी।
अधीर वहां से जाने के लिए उठ जाती है ।
अद्विक एक झटके से उसके कंधे को पकड़ उसे सीधा वहां बनी दीवार से लगाते हुए, बिल्कुल उसके चेहरे के ऊपर झुक दांत पीसते हुए बोला , क्या कहा आपने? आप हमारी पत्नी होने का कोई हक नहीं निभायेगी आप खुद को समझती क्या है? हम आपको अपनी पत्नी बना चुके हैं। साक्षात महाकाल ने हमारे लिए आपको हमारी अर्धांगिनी की रूप में चुना है । और आप इस तरीके से बर्ताव करेंगे तो हम मान जाएंगे, हरगिज नहीं । हमारे लिए भगवान का फैसला हमारे लिए वचन है। और उनका वचन ही हमारा साशान है ।अगर आपने ऐसा वैसा कुछ भी करने की कोशिश करें तो आपका सर होगा और हमारी तलवार , वह उसे गहरी नजरों से देखने लगता है।
अधीर जो बार-बार उसे खुद से दूर कर रही थी,अब उसे अद्वीक के शरीर से निकल रही डरावनी आभा , ऊपर से डरा देने वाला ओरा महसूस कर उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। अधीर को अपनी रीड की हड्डी में जकड़न महसूस होते है। अचानक कमर में तेज दर्द की लहर उठ रही थी। उसका पूरा गला सुख चुका था, उसके सूखे होंठ फड़फड़ा रहे थे।
अद्विक उससे एकदम से दूर हो जाता है। अधीर उसके दूर होने पर गहरी सांस से लेती उसे ऐसा लग रहा था जैसे अद्विक की नजदीकी में वह सांस तक लेना भूल चुकी थी। वो अपने सीने पर हाथ रख मुंह खोले अद्वीक को देखने लगती है
अद्वीक एक बार फिर से उसके तरफ पलट उसे देखते हुए , आशा करते हैं कि आप यहां से कहीं भी जाने की कोशिश नहीं करेंगे , और हां हम जल्द आएंगे इंतजार करिएगा हमारा, बोलते हुए बिना अधीर पर नज़र डालें तुरंत वहां से निकल जाता है ।
अधीर अपने सर पर हाथ रखते हुई , ये क्या हो गया? बिल्कुल भी नहीं , मैं इसे तो बिल्कुल भी नहीं मानने वाली हूं। ये जबरदस्ती रिश्ता है । मुझे इस बीस्ट के आने से पहले ही यहां से निकलना होगा , बोलते हुए वह इधर-उधर देखती है। उसकी नजर विंडो पर जाती है। चेहरे पर प्यारी सी मुस्कुराहट खिल जाती । वो जल्दी से विंडो के पास जा नीचे की तरफ देखते हैं चेहरे पर मुस्कान खिल जाती है।
दूसरी तरफ अद्विक पैलेस के अंदर आ चुका था वह आसपास देखते हुए, मासा ,आप कहां हैं? आपको जो भी तैयारी करनी है। जल्दी करिए आपको पता है ना गृह प्रवेश का मुहूर्त 10:00 बजे का है।
थोड़ी उम्र दराज औरत आते हुए, खबरदार जो आप घर के अंदर आए हमने कहा था ना आप कुआरानी के बिना घर के अंदर नहीं आ सकते, जब कुआरानी आए जाएगी तब ही आप अंदर आएंगे ,
अद्विक सर हिलाते हुए, ठीक है हम जा रहे हैं। और अब हम उनके साथ ही वापस आएंगे वो औरत मुस्कुराते हुए उसे देखने लगती हैं।
अद्वीक वहां से सीधा फार्म हाउस की तरफ आता है।
मिलते है अगले chapter me