जंग-ए-जिंदगी - 7

जंग-ए-जिंदगी 7









राजकुमारी दिशा को डाकू रानी बनी 6 माह हो गई इस छह माह में भानु पुर के साम्राज्य पर  डाकुओं ने कोई हमला नहीं किया क्योंकि





डाकू का सरदार वीरप्पन एक बड़ी बीमारी में फस गया "भानपुर" के साम्राज्य से नजदीक "पलट साम्राज्य" वहां अब डाकुओं का साम्राज्य है डाकू ने अपना साम्राज्य बना लिया



अपना साम्राज्य बनाने से डाकू के पास 'पलट साम्राज्य'" की प्रजा और सैनिक आ गए। लेकिन पहले डाकू की सरदार वीरप्पन हार जाता क्योंकि कभी-कभी उसकी सेना लड़ाई में कम पड़ जाती मगर "पलट साम्राज्य "हाथ आने से वीरप्पन का यह प्रश्न हल हो गया मगर कुछ ही दिनों में वह बीमार हो गया वो कोई भी साम्राज्य पर हमला कर सके ऐसी स्थिति में न रहा।




दोस्तों अब हम यह जाने की कि 6 महीने में पलट साम्राज्य में क्या हुआ 6 महीने में भानपुर की राजकुमारी दिशा डाकू रानी बन गई उसी 6 महीने में पलट साम्राज्य में जो हुआ  वह हम देखेंगे





डाकू ने पलट साम्राज्य में हाहाकार मचा दिया पानी की एक बूंद के लिए लोगों को तरसाने लगे परेशान करने लगे लोगो के काम के मुताबिक उसे तंखा भी कम देते प्रजा को मारते पीटते और काम करवाते रात दिन मेहनत करवाते और प्रजा के हाथ में कुछ नहीं आता सिवा दुख दर्द और आंसू






डाकू की रंजड़ इतनी बढ़ गई कि हर एक दिन राजकुमारी दिशा को बताया जाता कि डाकू किस तरीके से पलट साम्राज्य को लूट रहे हैं और प्रतिदिन राजकुमारी दिशा जो डाकू रानी बनी है वह यही सोचकर अपनी तालीम लेती की डाकुओं का साम्राज्य का विनाश कर देंगी कोई भी डाकू बनने की हिम्मत नहीं करें उसकी हिम्मत बढ़ जाती।





जब कोई सैनिक यह समाचार पहुंचाता की पलट साम्राज्य में डाकू कि रंजड़ बढ़ गई है वह अपनी तालीम को कढ़ी बना देती वह रात दिन जागती रात दिन मेहनत करती और सैनिकके  सभी नियमों का पालन करती मेहनत करती और





अपने साथी मित्रों को बताती मैं डाकू रानी एक दिन पूरी दुनिया से डाकू का साम्राज्य मिटा दूंगी फिर प्रजा में से कोई डाकू बनने की हिम्मत नहीं करेगा और उसके साथी मित्र उसे सहारा भी देते और उस की जय जयकार करते






डाकू का सरदार भले ही बीमार है मगर दूसरे डाकू प्रजा को परेशान करने में कोई कमी नहीं रखते प्रजा के दुख दर्द इतनी बढ़ चुकी है कि वह अपनी मदद के लिए किसी साम्राज्य सेन नहीं लेकिन डाकू रानी से मदद लेने की सोचने लगे







पलट साम्राज्य में एक ऐसा वर्ग खड़ा हुआ की उन लोगों ने सोच लिया की अब मदद कोई भी पड़ोसी साम्राज्य मित्र साम्राज्य या महाराजा से नहीं मांगनी चाहिए उन सब लोगों ने सोचा अब हमारी मदद सिर्फ डाकू रानी ही कर सकती है उसने राजकुमारी का पद छोड़ दिया इसलिए ताकि वह इस दुनिया से डाकुओं का साम्राज्य मिटा सके



चारो ओर दुनिया मे यह समाचार फैल गए कि भानुपुर की छोटी राजकुमारी डाकुरानी बन गई। जिसको भानु पुर के महाराजा ने अपनी बेटी से भी ज्यादा प्यार किया है वह उनके छोटे भाई चंद्र प्रताप की बेटी है और वह डाकू रानी बन गई उसके साथ उसके बापू सा और मंत्री विश्वासु मंत्री जगजीत सिंह भी भाग गया






सरदार वीरप्पन बीमार होने के बावजूद भी वह चिल्लाता वह भानपुर की छोटी सी राजकुमारी कली है वह दुनिया से मेरा साम्राज्य मिटाना चाहती है ऐसा कभी नहीं होगा मैं उस कली को उखाड़ कर फेंक दूंगा और इतनी बेरहमी से इतनी रगड़ कर मारूंगा लोगों के बीच ताकि कोई डाकुओं के साम्राज्य को मिटाने की हिम्मत नहीं करेगा उसके साथी सरदार वीरप्पन का बहुत साथ देते और सरदार वीरप्पन से परवानगी लेकर प्रजा को बहुत दुख देते




सरदार वीरप्पन के साथियों ने स्त्रियां बच्चे बुड्ढे किसी को नहीं छोड़ा डाकू स्त्रियों से अपने बच्चे अलग कर देते बुड्ढे से उसके बुढापे की सहारे को अलग कर देते उसके बेटे को अलग कर देते बेटे की नन्ही नन्ही जान को भी मारते पीटते बच्चों को भूखा रखते उसे काल कोठरी में डाल देते वहां खाना देते बुड्ढों को भी काल कोठरी में पूर कर वहां उसे थोड़ा बहुत खाना देकर जिंदा रखा जाता और वही बुड्ढे लोग बच्चों की परवरिश करते उसके आंसू पोसते।







सभी बुड्ढे सरदार वीरप्पन को हाई देने लगे उसे दुत्कार ने लगे अपने इश्वर से फरियाद करने लगे "ईश्वर अब तो हद हो गई तू खुद जिंदा है या मर चुका है ?तेरे दिल में दया रहम प्रेम है या मर चुका है ?तुमने हमें बनाया है या तुमको किसी और ने ?क्या यह दुनिया यह प्रजा यह सल्तनत तेरी नहीं है कि तो हमारी पुकार सुनता क्यू नहीं?






लेकिन अभी समय नहीं आया यह सब की पुकार ईश्वर सुनलें।अभी बहुत कुछ सहना बाकी है अभी बहुत कुछ होना बाकी है क्योंकि डाकू रानी तालिम ले रही है वह पूरी तरह से सक्षम नहीं है उसके पास ना से ना है ना दारू गोला है ना कोई साधन है कि वह "पलट साम्राज्य" पर वार कर सके





लेकिन हां पलट साम्राज्य में 1 वर्ग ऐसा बन चुका जो डाकू रानी की मदद के लिए जाना जाता है। मगर क्या युवा डाकू रानी तक पहुंच पाएगा? यह जानने के लिए मुझसे तो जुड़ा ही रहना पड़ेगा ना


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