Maya - 1 in Hindi Horror Stories by Savu Baleviya books and stories PDF | माया - 1

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माया - 1

ये कहानी ऐक पागल लड़की की आत्मा की है । उसका नाम माया था ।
ये कहानी बहोत सालों पहले की है

ऐक होटल में ऐक दिन पार्टी थी उस पार्टी में बहुत सारे लोगों आऐ थे पार्टी बहोत अच्छे से चल रही थी ऊस में ५ लड़की आई थी और ६ लड़के आऐ थे।

वो सब बहोत अच्छे दोस्त थे सारे अच्छे घर के थे । सब ने बहुत अच्छे से पार्टी में डांस खाना पीना कीया सब ऐक साथ बेढे थे

सारे हंसी मजाक कर रहे थे उस में से एक लडके ने कहा चलो आज कुछ नया करते हैं सब मान ग ऐ ।"

भीर सारे सोचने लगे कि क्या करे तो ऊस में से एक लडका बोल की मैंने ऐक होटल के बारे में सुना है कि उस होटल में ऐक माया नाम की लड़की की आत्मा रहती हैं और वहां जो भी जाता है वो कभी जींदा वापस नहीं आता।

तो वो लड़का बोला कि वो होटल पास में ही है तो हम सब वहां चलते हैं ।

उस में से एक लडकी थी दिया नाम था वो समझदार और अच्छी लड़की थी ।

वो भुत प्रेत और भगवान में विश्वास करती थी तो उसने बोला कि नहीं जना क्युकी वो बहुत दरती थी ।"

ऐक राज नाम का लड़का था उसने बोला कि भूत प्रेत और आत्मा जेसा कुछ नहीं होता हम सब को उस जगह पर जाना चाहिऐ

सब ने मिलकर जाने का फैसला किया
शाम होने आई थी सब निकल पड़े उस होटल में जाने के लिए।

वो जा तो रहे थे लेकिन उन्होंने ऐ नहीं पता था कि सब के साथ क्या होने वाला है ।

साम होने आई थी और सब होटल के सामने आऐ ओर जब वो आगे दरवाजे के सामने आऐ तो अपने-आप दरवाजा खुल गया और सब ऐ देख कर हेरान हो गएयफ

लेकिन सब को ऐ लगा कि हवा कि वजह से खुल गया होगा ये सोचकर सब आगे जाने लगे

जब सब अंदर गई तो पीछे से अपने आप दरवाजा लॉक हो गया तब सब को डर लगा ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌।

फिर सब आगे जाने लगे तो दिया ने बोला कि हम सब को लोट जना शाहिये मुझे नहीं लगता कि यहां आना हमारे लिए ख़तरे से खाली है ।

वापस लोट जना हि हम सब के लिए थीक होगा
तो किसी ने उस का कहना नहीं माना फिर सब ऐक कमरे में ग ऐ

फिर उस कमरे से वो माया नाम की लड़की की आत्मा दिखने की चालु होती है।

सब कमरे में यहां वहां गुम के देख रहे थे।

ओर दिया भी अकेले अकेले देख रहि थी वो घुमते घुमते ऐक अरीसा के सामने आई और अंदर देखा तो उसने खुदकी परसाई देखी और उसने देखा कि उसकी परसाई चल के उसके पास आ रही थी और हस रही थी ।

दिया ऐ सब देख के डर गई उसने लगा कि यहां पक्का कुछ तो है और उसी समय मयंक पिछे से अचानक आ गया और दीया जोर जोर से चिल्लाने लगी और वो बहुत डर गई थी

मयंक बोला तुम तो कितनी डरपोक हो और हस ने लगा
दिया खुद कि परछाई देखकर ईतनी हेरान थी । कुछ बोल भी नहीं रहि थी

ओर फिर सब अलग अलग गुम ने लगे ऐक लडका ओर ऐक लड़की वो ऐक दूसरे कमरे में गए ।

उस कमरे में बहोत अंधेरा था और अचानक दरावनी आवाजें आने लगी और लड़की ने पीछे मुड़कर देखा तो वो उसका गायब हो गया था और तभी बल्ब चालु बंद होने लगा और लड़की डर गई और भाग कर दोस्तों के पास पहोंच गई
और जो जो हुआ वो सब बताया . तब भी कोई यकीन नहीं कर रहे थे।

और मिल कर जो गायब हो गया था उस दोस्त को खोजने लगे और तभी ऊपर से उसकी लाश गिरी ।

ये देख कर सारे चिल्लाने लगे और लड़किया जोर जोर से रोने लगी सब सोच रहे थे अब क्या करे , तभी कोई बोला हमे गर लोट जना चाहिए ओर जब सब भागते हुए दरवाजा दख ने लगे वो सब जहा से अंदर आऐ वहां से बाहर निकल ने कि कोशिश कर रहे थे ।वो बहुत देर तक भागते रहे और‌‌ वो वहीं जगह आ ग ऐ वो ‌ पहले थे।

सब दर ‌ ग ऐ थे कोई रास्ता नहीं दीख रहा था। तभी ऐक कार में से बल्ब सालु हुआ सब कार को देख कर दोडते हुऐ ग ऐ और जाके देखा तो कार में कोई नहीं था । और राज अंदर बैठ गया और सब को बैठ ने को बोला और भीर कार चालु कि

सब को ये नहीं पता था कि ये आत्मा का प्लान है अंदर ले जाने का

और जोर से कार जला ने लगे वो ‌‌‌‌‌घुम घुम कर ऐक हि जगह आ रहे थे। तभी अचानक से पीछे कोई कार को खिस रहा है ऐसा लगा ,।और राज करो स्पीड बढ़ा ई और वो सब ऐक कमरे में आ पहुंचे और कार बंद हो गई।

और सब कार में से सब जल्दी से निचे उतर आए तब सबने देखा कि वो सब ऐक ४०१ नंबर के कमरे में आ गऐ है।

और भीर भाग ने लगे तभी वो आत्मा ऐक लड़की का पैर पकड़ लेती है । तब भी बो भागने की कोशिश कर ती है और वो गीर जाती है ।

सब पिछे देखते हैं और उसको पकड़ दोडत है ‌। तभी वो लड़की चिल्ला कर बोलती है कि क़ोई मेरा पैर खिस रहा है ।
सब उसके हाथ पकड़ कर खडा कर ने कि कोशिश कर रहे थे। तो वो आत्मा उसके उपर आके बैठ गई । ओर उसको खिंच कर ले गए ।

सब पिछे पिछे दोड कर जाते हैं पर वो उसको घर की छत पर ले जाती है।

‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌! क़मश!

उसका दूसरा पाठ जल्दी ही आएगा
आप सब को कहानी कैसी लगी वो जरूर बताना