Deewangi ki had - 2 in Hindi Love Stories by Bhut books and stories PDF | दिवानगी की हद - 2

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दिवानगी की हद - 2

Previous: क्रीशा पलक के घर जाती है, और पलक क्रिशा को बताती है कि निशांत ने उसे propose किया
अब आगे......... ।
क्रिशा रात को पलक के घर ही रुक जाती है और सोचती है कि पलक के बारे में राजू भाई साहनी (पलक के पापा)और रेवती बेन साहनी (पलक की मम्मी) को कैसे बताना है, रात में दोनों ने बहुत मस्ती की और क्रिशा बोलती है "अब तो निशांत की खैर नहीं इतना सब हो गया और मुझे बताया ही नहीं",
पलक क्रीशा को sorry बोलती है और कहती है "मैंने ही मना किया थी तुम्हे बताने से, क्योंकि में खुद तुम्हे बताना चाहती थी, और उप्पर से तेरी exam चल रही थी तो मैने तुम्हे disturb नहीं किया"
क्रिशा मान जाती है और फिर दोनों गप्पे लगा के सो जाते है।

सुबह जल्दी 5 बजे क्रिशा अपने घर के लिए निकलती है क्योंकि उसे फिर अपने बाकी दोस्तों से मिलने जाना था दोपहर को; पर रास्ते में उसकी गाड़ी खराब हो जाती है; वो रिक्शा का wait कर रही होती है तभी कोई बड़ी लम्बी गाड़ी वहां से गुजरती है वो गाड़ी जैसे ही क्रिशा की ओर आती है क्रीशा खुश हो जाती है क्यूंकि इतनी सुबह कुछ भी मिलना मुश्किल था, पर वो गाड़ी रुकी नहीं सीधी ही चली गई, इसलिए क्रीशा को गुस्सा आया, वो मन ही मन बोली "बड़े बाप के बेटे अक्सर घमंडी और नक्छड़े होते है; एक अकेली लड़की को इतनी सुबह बीच रास्ते में देख कर भी गाड़ी नहीं रोकी" वो फिर चलने लगी, आगे जा के रिक्शा मिल गई और वो घर पहुंची; वो जब पहुंची तब तक 6:30 हो चुके थे, वो सीधा अपने कमरे गई और बाथरूम में नहाने चली गई; जैसे ही shower शुरू किया उसके मन में उस गाड़ी वाले का ख्याल आया; उसके चेहरे पे गुस्से का भाव दिख रहा था;
वो बाहर आ के जल्दी से तैयार हो गई; आज क्रीशा ने ब्लैक जीन्स और साथ में लाइट पिंक फूल स्लीव टॉप पहना है, लाइट मेकअप और काजल लगाया; बेड पर से अपना ब्लैक पर्स ले कर नीचे गई.....
रमिला बेन ने आज नाश्ते में क्रिशा के favorite आलू पराठे बनाए थे क्योंकि क्रिशा एक्जाम के टेंशन कि बीच में ढंग से कुछ खा पी नहीं रही थी; क्रिशा ने ब्रिजेश भाई और रमिला बेन के साथ बैठ कर नाश्ता किया और सुबह गड़ी खराब हो गई वो वाला incidence भी बताया,
ब्रिजेश भाई: "बेटा ऐसे बड़े बाप की औलाद बिगड़ी हुए होती है, और वो किसी पर भी रहम नहीं करते, जो तो मरते हुए इंसान को भी रास्ते पर मरने के लिए छोड़ देते है, उन्हें सिर्फ पैसे उड़ाना आता है"
रमिला बेन : इससे अच्छा अपने पापा को कॉल करती देती वो लेने आ जाते
क्रिशा : I know में बुलाती तो पापा जरूर आते पर में आप लोगो कि नींद खराब नहीं करना चाहती थी, इसलिए फिर ने खुद ही चली आयी
तीनों शांति से नाश्ता करते है;
क्रिशा अपना पर्स हाथ में लेते हुए " मैं अपने दोस्तो से मिल ने जा रही हूं, शाम तक लौट आऊंगी"
अपने मम्मी पापा को bye बोल के क्रिशा बाहर आकर कार सर्विस वाले को कॉल करके अपनी कार को सर्विस सेंटर ले जाने के लिए बोलती है, फिर फोन रख कर वो रिक्शा में बैठती है...........