Bewajah ke khayal - 2 in Hindi Novel Episodes by Merikhanii books and stories PDF | बेवजहा के ख़याल - 2

बेवजहा के ख़याल - 2

मेरा एक दोस्त कहता था उसका बचपन से ख़्वाब था कि दिल्ली के किसी अच्छे कॉलेज में पढ़े और उसकी एक गर्लफ़्रेंड हो जिसे वो रोज़ शहर घुमाए।
मैं उससे कहता था मैं कहानियों के जैसा होना चाहता हूँ जिसे स्कूल कॉलेज से कोई मतलब न हो और वो जंगल मे रहने वाली किसी खूबसूरत लड़की से मुलाक़ात करे और उसके साथ पहाड़ो पर घूमे। और बेफिक्र होकर पूरा जंगल घूम जाए और वापस उसी जगहा आ जाये जहाँ से सफर सुरु किया था हर रोज की मानिंद और फिर कुछ दिन तक यही सब करता रहूँ बेपरवाह होकर किसी की भी परवाह न करू लेकिन ये मेरे सिर्फ ख़्याल थे कभी पूरे न होने वाले । क्योंकि हालात बदलते है और सब बदल जाता है जैसे में कॉलेज खत्म करके बिजनेसमैन बनने की ख़्वाहिश लेकर बिज़निस प्लानिंग में लग गया पापा उस वक्त बीमार रहने लगे,एक रोज पापा मुझे अलविदा कह कर दुनिया से विदा हो गए और मेरे पास सिवाये अपना कुछ करने के कुछ भी नही बचा था भाइयो से स्पोर्ट करने का कहना का कभी मन नही हुआ आखिर कब तक करेंगे कभी तो मुझे अपना करना ही पड़ेगा । मैंने हिम्मत की ओर अपना फंड लेकर आ गया बिज़निस में और उसी में अपना सब कुछ लगा दिया आज जैसे मेरे लिए बिज़निस ही सब कुछ है में भूल गया अपने वो सारे ख़याल जो मेने कभी बुने थे, एक लम्बा सफर करना था जो कभी न खत्म होने वाला था, जिसकी कोई मंजिल नही थी बस बेसुमार खुवाहिसे थी ।
अब में फिर से वही करने के मूड में हूँ अब फिर से वही हसरते वही खवाहिसे हो रही है वही दिन याद आ रहे है बे परवाईयो वाले जब मुझे किसी की फिक्र नही होती थी आज में चाहता हूं तूम्हारे हाथ अपने हाथों में थाम कर सफर सुरु कर दूं जिसकी मेने कभी नींव रखी थी और उस सफर पर निकल जाओ जहाँ मुझे कोई देख भी न पाए और अपनी हसरत पूरी करके वापस लौटूं और तुम्हे अपनी बाहों में सराबोर करके रखूं तुम्हे अपनी पनाहों में समा लूं । तूम्हारे माथे को चूम कर ही मेरा दिन निकले तुम्हारी माथे को चूम कर ही मुझे नींद आये जिस प्यार की मुझे जरूरत थी वो प्यार में तुम्हे करू तूम्हारे साथ मेरे प्यारे प्यारे 2 बच्चे हो जिनकी हसरते खुवाहिसे उसी तरहा पूरी करूँ जैसे पापा ने कभी मेरी करनी चाही थी जैसे वो सब कुछ करना चाहते थे मेरे लिए लेकिन हालातों ने करने नही दिए ,बस अब मुझे वही सब फिरसे नही दोहराना है । जो कभी मुझसे छीन गया था । में अब तूम्हारे साथ जीना चाहता हूं शिद्दत से जीना चाहता हूं ,


आगे का हिस्सा जल्द ही आपके बीच पैस करूँगा पढ़ते रहिए और महसूस करिये अपने वही पुराने दिन जो मेने तुमने सभी ने ज़िये है जिसका किसी से कोई ताल्लुक नही होता नो हमे जह्नझोर के रख देते है ।जब भी उन्हें सोचते है रुला देते है

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