The Agents - 3 in Hindi Novel Episodes by Shamad Ansari books and stories PDF | द एजेंटस - 3

द एजेंटस - 3

सब प्लाने में बैठें होए ही थे , की तभी विक्रम दिव से कहता है कि सच बता की रात को जब तूने इतने सारे मिलिट्री फोर्स को देखा था तब तेरी हवा निकल गई थी न बता ....
दीव कहता अबे.., मै तो सिर्फ तेरी अंदर की भावना बता रहा था , विक्रम ने कहा अज्जी हां ...आप तो डरे ही नहीं थे ।
कुछ ही देर में वह सभी London के एयरपोर्ट पर पहुंच जाते है ,फिर वह प्लेन से नीचे उतर कर बाहर निकलने की ओर जाते है । तभी उन्हें सामने काफी पुलिस गार्डस के साथ एक एजेंट खड़ी थी जिसका नाम मिस.अनीता है, फिर मिस. अनीता उन सभी का लंदन में स्वागत करती हैं और कहती है आज से लंदन में आप सभी की जिम्मेदारी मेरी है । आप सभी हमारे साथ चलिए , दीव मन ही मन में बुदबुदा है कि आप कहें तो हम जहनम में भी चले जाएंगे । सिकंदर कहता है दीव तुमने कुछ कहा किया? ...,

दीव कहता है नहीं यार आपके रहते हम कुछ थोड़े ही बोल सकते है , फिर सिकंदर कहता तो चलो फिर - दीव कहता है हांजी चलिए हम आपके बिलकुल पीछे ही है । फिर वह सब अच्छे से बंगले के तरह ही एक घर में जाते हैं । और यहां पर चारों ओर पुलिस की सिक्योरिटी मौजूद थीं , और कई गुना ज्यादा सिक्योरिटी के साथ सीसीटीवी कैमरा भी । फिर अनीता कहती है कि आप सब यही पर रहेंगे । तभी विक्रम के मन में 2 लड्डू फूटे और दीव के मन में 4 लड्डू फूटे !... और फिर मिस. अनिता उनको उनका कमरा दिखती हैं। आप सभी फ्रेश हो जाओ फिर हम लंच(खाने ) पे जाएंगे , वह सब अपने अपने कमरों में जा के नहा - धो के अलमीरा में रखे कपड़े पहन कर तैयार हों जाते है हालांकि यह इत्तफाक था या मिस.अनीता ने उन्हें के नाप के कपड़े अलमारी में रखे थे उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था । फिर वह तैयार हो के नीचे हॉल में पहुंचते है , वहां मिस. अनिता पहले से ही नीचे तैयार हो के बैठी थी । मिस. अनिता उन सभी को Brown's Hotel ले कर पहुंचती है । दीव सिकंदर से कहता है कि मैंने तो बस इस होटल का नाम पढ़ा और फोटो में सिर्फ देखा ही था और आज हम यहां पे आ गए जैसे भी आए ,...

सिकंदर कहता है कि तो कोई दिक्कत है किया ..? दीव फिर कहता है नहीं यार मैं तो बस जेनरल नॉलेज के लिए बता रहा था । तभी सिकंदर दीव से कहता है सब टेबल पर बैठ चुके है हमें भी बैठ जाना चाहिए अगर आपकी इच्छा हो तो! दीव कहता है ये भी कोई पूछने की बात है किया बैठ ही जाते है कोनसा हम खड़े - खड़े खाना खाने वाले है । फिर सब टेबल पर बैठ जाते है, एक वेटर आया और फिर उनसे उनका ऑर्डर पूछा और चला गया और कुछ ही मिनट बाद वह ऑर्डर ले के आ गया । फिर विक्रम ने उस वेटर से पूछा कि इतना देर कैसे हुआ ?अपनी गर्ल फ्रेंड को घुमाने ले के गया था किया चिल्लाते हुए विक्रम बोला । वेटर कहता है सॉरी सर ! मुझे माफ़ कर दीजिए । तभी सिकंदर खड़े होते हुए बात को संभालने के लिए कहता है अच्छा ठीक है माफ़ किया जाओ अब यहां से । फिर सिकंदर विक्रम से कहता है कि यार... बईज़्जती कराने आया है किया ,,, चुप रह और बैठ जा । विक्रम ने सिकंदर से कहा यार तू भी देख न ये कितना लेट आया था , तभी सिकंदर ने उसकी बात काटते हुए कहा अबे यह होटल इसीलिए प्रसिद्ध हैं क्योकि यहां पे फास्ट सर्विस है । विक्रम ने कहा अच्छा ऐसी बात है तो फिर ठीक है , फिर सब खाना खाना शुरू करते है और कुछ ही देर में सब खाना कहा चुके होते है। फिर दीव कहता है यार यहां का खाना बहुत लज़ीज़ था रात को भी यहीं पर आएंगे , मिस.अनीता कहती है भी रात को आप सभी को यहां के राष्ट्रपति ने बुलाया है , और रात्रि का भोजन भी वहीं पे होगा ।
फिर सब रात को राष्ट्रपति के घर पहुंचते है , राष्ट्रपति उनका स्वागत करते है और सबसे बात करने लगते है । राष्ट्रपति ने कहा मास्टर ऑबरो से मेरी बात हो गई । जैसा कि आपको भी पता है कि आपकी पढ़ाई और बाकी सब ये मिस.अनीता संभाल लेंगी । फिर सबने डिनर पूरा किया और फिर वापिस आ गए...,,।।।

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Shamad Ansari

Shamad Ansari Matrubharti Verified 8 months ago

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Naresh Shah

Naresh Shah 8 months ago