Ishq - 8 in Hindi Short Stories by om prakash Jain books and stories PDF | इश्क. - 8

इश्क. - 8

☺️☺️सिम्मी का एक्सिडेंट हो जाता है ।सिम्मी बाल -बाल बच जाती है।और उसके सामने अपने प्रेम को पाने के लिए संघर्ष है।शेखर ने सिम्मी को वेदांत के घर ले जाता है ।सातवें भाग में आप ने पढ़ा ...मुझे सभी पाठकों का बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।मातृ भारती के सभी पाठकजनों को सःहिर्दय धन्यवाद देता हूँ।💐💐
अब भाग 8 में सिम्मी के साथ क्या होता है।
सिम्मी ,वेदांत केे बेड रूम में लेेटी हुई है।दर्द की दवाई के सेेवन से गहरी नींद आ जाती है।और वेदांत के मख़मली विस्तर में सकुंन की नींद से सोई हुई है।वेदांत आज के झगड़े से थोड़ा अपसेट रहता है ।ऐसा होना लाजमिक है ।सूटिंग करने का मन ही नहीं होता वेदांत का ।ये भी सोच रहा है कि इन दोनों के पंगा से मेरे प्रोडक्शन हाउस पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।शेखर नालायक समझने की कोशिस ही नही करता ,इसे कौन समझाए।। 💐💐
एक यूनिट के आदमी आ कर वेदांत को बताया कि डाइरेक्टर साहब का डाली नाम की लड़की
से गुट्टूड़गु चल रहा है।शेखर भैया की गलती नहीं था ।मनोज सर ने मोनिका को हटाना चाह रहा है क्योंकि
डॉली को हीरोइन बनाना चाहता है।डॉली, मनोज सर के हर बात मानने को तैयार है ।मोनिका ,मनोज सर को भाव नहीं देती ।उसके आचरण अच्छी है।मनोज सर जब भी देखो मोनिका मेम को टार्चर करता रहता है।एक दो बार गंदी बात कहते वर्मा सर के मुँह से सुना है।
ठीक है तुम जाओ वर्मा को देखता हूँ ।
शेखर ,वेदांत को फोन करता है।तुम घर जल्दी आ जाओ ।तुम्हे एक सरप्राइज दूंगा ।
अबे बता न क्या सरप्राइज देगा अरे तुम्हे मैं अपने मन मे बहुत डाट रहा था ।लड़ाई तू ही पहले की है। यही समझ कर ।💐💐
तू तो खसूट वर्मा का पक्ष ले रहा था । ले ले कोई बात नही ।डॉली रंडी को नई हीरोइन बना रहा है।मोनिका सावली है तो क्या हुआ ।उसके जेहन में कला मां सरस्वती विराज मान है । किसी के रंग से नही उसके अन्तः मन को जानना चाहिए।
शेखर तू सहीं कहा रहा है ,मुझसे चूक हुआ है। सॉरी यार मेरे दोस्त।मैअब पूरी स्क्रिप्ट समझ चुका हूं ।
फोन में क्या क्या बतयाएँ बस जल्दी आ जा ।काका तेरा इंतिजार कर रहा है।तेरे गांव से गेस्ट आये है।
आता हूँ ,ऐसे आज मेरा मुड खराब ही है।
आजा यार तेरा मुड घर आने पर बिल्कुल ठीक हो जाएगा।
सिम्मी की नींद अचानक खुलती है।घबराने लगती है ,वेदांत की अनुपस्थिति में उनके पर्सनल रूम में सोया था ।क्या सोचेगा वेदांत मेरी चरित्र के बारे में।
सब शेखर की गलती है।और काका तो मुझे इस घर की बहू ही मान लिया है।इनका चले तो आज ही सात फेरे लगवा देंगे।
सिम्मी के मम्मी का फोन आता है।तू कहां है जल्दी आ जा ।तेरे पापा बहुत नाराज है।तुझे ढूंढ रहा है।💐💐
क्यों मम्मी
नहीं जानती मैं
बता दे मां मैं अमेरिका वाली सहेली के घर में हूँ।मेरी सहेली की सगाई होने वाली है ।सहेली के साथ शापिंग कर रही हूं ।
अरे हम गरीबों को कहां शापिंग बेटी...
ठीक है तू जल्दी घर लौट आजा
ओके मां ,शेखर है ना पहुँचा देगा मुझे आप चिंता न करे ।
शेखर ,बाबूजी प्रणाम
कोन हो जी ,हम गरीबन को प्रणाम काहत है
हमें तो जाना पहचाना से लगत है ।
मैं शेखर अमेरिका वाली सहेली के भाई बोल रहा हूँ ।
अरे तू है बेटा !शेखर सिम्मी बेटी को घर पहुँचा देते।
हाँ बाबूजी आप चिंता न करे ,बस बाजार से आ जाये ।
बाजार में क्या काम पड़ गया ,उसके सी एस सी सेंटर के मालिक आया हुआ था ।कहा रहा था सिम्मी की प्रमोसन के बारे में।एक नया यूनिट खोल रहें है जिसका मैनेजर सिम्मी रहेगी ।
बड़ी खुसी की बात है सिम्मी को बधाई देना होगा।
ठीक है बाबूजी दीदी के साथ गई है ,दीदी की सगाई है ना।
जल्दी पहुँचा देना ।
हाँ बाबूजी ।
सिम्मी उठ कर किचन में जाती है,काका मेरा सिर बहुत दर्द हो रहा है।
बेटी ,तू आराम से सोफे पर जा कर बैठ मैं गरमा गरम सोंठ वाली कड़क चाय बना कर लाता हूँ।वेदांत के आते तुम्हारी सिर दर्द भी ठीक हो जाएगा ।
मुझे तो सरम आ रही है।बिना बिहाई लड़की इस घर में आई हूं ।वेदांत नाराज हो गया तो ।
क्यों नाराज होगा ,तुम्हारे प्रेम में पगल है ओ।
शेखर ,भाभी ये लफंगा का टिप टॉप बंगला है।कलाकारों का खून चूस -चूस कर बनाया है।मेरे पास कुछ भी नहीं ,इसका गुलामी कर रहा हूँ ।😊😊
सहीं में लफंगा है।सिम्मी रोने लगती है।
काका कहता है ,देख बेटी चाय पी ले ।इसके चक्कर में न रहना ।वेदांत को मैं जानता हूँ ।इसके जैसे नेक ,और भला इंसान छत्तीशगढ़ की फ़िल्म इंड्रस्ट्री में कोई नहीं है।
सिम्मी कहती है-काका शेखर झूठा है।
यही सही है।
भाभी मैं कभी झूठ नहीं बोलता हूं ।
बाहर से काल बेल बजता है।काका गेट खोलने आगे बढ़ते है।
काका ये लेडीज सेंडल किसकी है।
मुझे क्या मालूम ,यहाँ कोई लड़की नहीं आई है।
शेखर अपने कमरे में चल जाता है।सिम्मी किचन में काका का काम करने जाती है ।पूड़ी,खीर बनाने लग जाती है।सब को मालूम हो गया है वेदांत आया है।
वेदांत ,काका से इस घर में क्या हो रहा है खीर बनने की मीठी मीठी सुंगंध आ रही है।
लॉन में स्कूटी किसकी है।
मुझे नहीं मालूम ,शेखर ही बता पायेगा।
काका,तुम घर का ख्याल नहीं रखते लापरवाह हो चुके हो ।शेखर ,जरूर किसी लड़की को लाई है।किसी लड़की की बू आ रही है।अचानक बॉम्बे से राज सर का फोन आता है।
हेलो सर,हेलो सर...
वेदांत तुम बहुत लक्की हो।तुम्हारा कहानी तो बॉलीवुड में तहलका मचा दिया है।
जी राज सर ,आप लोगों की प्रेम और स्नेह ही तो है।
तुम ठीक ही कहा रहे हो
वेदांत ,तुम बॉम्बे तुरंत ही आ जाते ,हम मिल कर तुम्हे सेलिब्रेड देना चाहते हैं।।
हाँ सर ,सूटिंग में ब्यस्त हुँ।
अकेले मत आना तुम्हारा कोई मीत होगा उसे जरूर साथ पेयर में आना।
मैं बैचलर हुँ सर ,जानता हूं जानता हूँ। शेखर ने सब कुछ बता दिया है ।सिम्मी से तुम्हारा प्यार हो गया है।
उनके मां -बाब राजी हो जाये तब ना ।
काका ,बेटी सिम्मी काफी ले कर वेदांत को देते आओ।
काका मुझे डर लग रहा है ।तुम ही जाओ।
जाओ बेटी जाओ कब तक डरती रहोगी।
वेदांत ,काका शेखर नहीं दिख रहा है।धरती में गड़ गया है क्या।
कॉफी लेते आना काका जल्दी मेरा सर बहुत दर्द हो रहा है ।
लाता हूँ।अभी सर दर्द दूर हो जाएगा ।किसका फोन था ।
राज सर का बॉम्बे से ,बुलाया है ।मेरे कहनी से उसे बहुत फायदा हो रहा है ।
तू सिम्मी को ले कर क्यों नहीं चले जाते ।
सिम्मी ,की याद तो मुझे बहुत आता है ।पर समय ही नहीं दे पाता बेचारी को ।क्या सोचती होगी मेरे बारे में ।बहुत घमंडी है वेदांत ।
सिम्मी इसी वक्त ,काफी ले कर होल में पहुचती है ।सिम्मी ,वेदांत से
हाँ, मेरा दिल चुराया है,बहुत घमंडी है ओ।
वेदांत,सिम्मी को देख कर उसका होस उड़ जाता है ।और उसके मुँह से चीख निकलता है ।शेखर दौड़ाते हुए हॉल में पहुँचता है ।
सिम्मी ,वेदांत से आप अपसेट लग रहे है,पहले काफी पीजिए।सब ठीक हो जाएगा ।काका भी आ जाता है ।
वेदांत,तुम यहाँ ।और सिर में चोट की निशान ठीक तो हो ना।काका ,शेखर ने किसी ने नहीं बताया ।
तुम्हारे प्रेम ने ही मुझे अंधा कर दिया है ।बच गई ,मर गई होती। तुम्हारे प्रेम ने मुझे बचा लिया ।
शेखर ,वेदांत हमारा सरप्राइज कैसा रहा ।काका सिम्मी बेटी इसी घर मे रहेगी ।ये घर सिम्मी बेटी की ही है ।तुम लोगों को नही रहना है तो जा सकते हो ।
काका का तो पवार ही बढ़ गया है ।सिम्मी तुम्हें तो बताना था ।काका और शेखर भैया ने मना किया तुम्हे बताने को ।
इधर पास बैठो,तुम लोग जाओ।शेखर कहता है पंडितजी को बुलाने जा रहा हूँ ।काका तुम्हारा क्या कहना है -मैं सात फेरे की तैयारी करने जा रहा हूँ ।
सब मिल कर तुम लोग मुझे पागल कर दोगे क्या??
हां -हां हां...😊
सिम्मी तू कहां चली ,जा रही हूं खीर ,पूड़ी बनाने।
मैं क्या करूँ,जा रहा हूँ सिम्मी के बाबूजी से हाँथ मांग ने।
समहल कर जाना,मेरे पापा मेरी शादी दूसरे लड़के से करने जा रहे है ।😊



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om prakash Jain

om prakash Jain 6 months ago