The disease of addiction is heavy on life - 2 in Hindi Motivational Stories by shama parveen books and stories PDF | नशे की बीमारी ज़िंदगी पे भारी - 2

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नशे की बीमारी ज़िंदगी पे भारी - 2

दोनो बहुत ही डर जाते हैं। तभी सर पूछते हैं की तुम दोनो के हाथ में क्या है रोहित डर के मारे कांपने लगता है।मगर राजू बहुत ही चालाक होता है वो आसानी से ड्रग्स को नीचे गिरा देता है और बिस्कुट का पैकेट पकड़ लेता है।

और फिर बोलता है की सर जी ये तो बिस्कुट का पैकेट है जिसके लिए हम लड़ रहे थे। फिर सर क्लास में बच्चो को पढ़ाना शुरू कर देते हैं फिर जब लंच का टाइम होता है तब रोहित राजू से पूछता है की तुमने ये कैसे किया । में तो समझ ही नही पाया।

तभी फिर दोनो एक साथ लंच करने लगते है। खाना खाकर जब दोनो उठते है तो रोहित को अचानक चक्कर आ जाता है तभी राजू उसे संभाल लेता है। और पानी देता है।

अब हफ्ते भर से रोहित को चक्कर आ रहें हैं और वो कुछ कमजोर भी हो गया है। अब वो अच्छे से खेल भी नही पाता है और अच्छे से पढ़ भी नही पाता है।

उधर राजू अपने दोस्तो से बाते कर रहा होता है की देखो आखिर कार मेने उस रोहित को अपने जाल में फसा ही लिया और उसे पता भी नही चला। मै रोज उसके खाने में ड्रग्स मिला देता हूं मगर उसे कुछ भी पता नही चलता।

इसी के साथ साथ अब रोहित के शरीर में अब ड्रग्स जा चुका था और उसे उसकी आदत भी हो गई थी। तभी एक दिन स्कूल की छुट्टी थी। और रोहित घर पर ही था। उसे उस दिन ड्रग्स नही मिला तो उसे काफी बेचेनी होने लगीं। उसका मन घबराने लगा। पर जैसे तैसे उसका दिन बीत गया फिर अगली सुबह रोहित स्कूल गया और राजू को सारी बात बताई।

फिर राजू ने बोला की तुम्हारे साथ ऐसा क्यो हो रहा है। चलो मेरा एक दोस्त है उससे पूछते हैं क्या पता उसे कुछ पता हो।

तभी रोहित राजू के साथ उसके दोस्त से मिलने चला जाता है। और फिर राजू उसे अपने दोस्त से मिलवाता है और बोलता है की देखो ये मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है। पता नही हफ्ते भर से इसके साथ क्या हो रहा है । इसे बहुत ही चक्कर आ रहे हैं और इसका पढ़ने में भी मन नही लगता है।

तभी राजू का दोस्त पूछता है की क्या ये ड्रग्स लेता है तो राजू बोलता है की अरे दोस्त तुम ये क्या बोल रहे हो। ये आकर बहुत ही सीधा सादा सा लड़का है।

तब राजू का दोस्त बोलता है की रुको में अभी तुम्हें इसकी बीमारी का ईलाज बता देता हूं। तभी राजू का दोस्त एक लड़के से बोलता है की सुनो मुझे वो पैकेट पकड़ान । तभी उसका दोस्त उसे वो पैकेट पकड़ाता है। और उसमे से एक चीज निकाल के राजू का दोस्त रोहित को देता है की लो तुम इसे खा लो। तभी रोहित उसे खाता है तो उसे आराम मिलता है।

तब रोहित बोलता है की इसे खाने से मुझे अच्छा फील हो रहा है। तब राजू का दोस्त बोलता है की देखा मैने बोला था ना की इसे ड्रग्स लेने की आदत है । तभी राजू बोलता है की नही एसा नही है। तुम ये क्या बोल रहे हो। तब राजू का दोस्त बोलता है की मेने इसे कोई दवाई नही दी थी मैने तो ड्रग दीया था जिसे खा कर इसे अच्छा लगा।

तभी रोहित डर जाता है और बोलता है की ये कैसे हो सकता है। और राजू से बोलता है की प्लीज ये बात किसी को मत बताना । और फिर वहा से चला जाता है।

उसके जाने के बाद सब हसने लगते है और राजू बोलता है की देखो मेने कितनी आसानी से इसे पागल बना दिया और इसे पता भी नही चला.....
कर्मशे..........