Hulchal - 5 in Hindi Drama by Darshika Humor books and stories PDF | हलचल - पार्ट 5

हलचल - पार्ट 5

अब तक आपने देखा:-
अद्वय 🏫 स्कूल में क्लास अटेंड करता है तो दूसरी ओर आकृति क्लास में पहली बार दाखिल होती है। आकृति अद्वय से बात करती है तो अद्वय उसे इगनोर करता है।और फिर प्रणव सर आकृति को ग्रीट करते हुए उसे प्रोत्साहित करते है।
अब आगे:-
प्रणव सर बच्चो को फिर से पढ़ाना शुरू कर देते है उसके दस मिनट बाद रिसेस की BELL बज जाती है। सर किताब बंद करते हुए कहते है बच्चो आज के लिए सिर्फ इतना ही। कल हम फिर इसे शुरू करेंगे। सभी बच्चे अपने बैग्स में बुक डाल देते है और प्रणव सर क्लास के बाहर चले जाते है। उनके जाते ही क्लास में शोरगुल मच जाता है। आकृति इस बार फिर से अद्वय से बात करने की कोशिश करती है पर इससे पहले वो कुछ कह पाती अद्वय अपना टिफिन लेकर चल देता है। आकृति थोड़े असमंजस में पड़ी होती है कि आखिर क्यों ये मेरी बात का जवाब नहीं दे रहा है? कहीं पागल तो नहीं है? बहुत अजीब है ये लड़का! आज तक मैंने ऐसा लड़का नहीं देखा।

इतने में ही रेयांश उसके पास आते हुए पूछता है कि क्या हुआ आकृति तुम इतनी tensed क्यों लग रही हो। कहीं तुम उस अद्वय के बारे में तो नहीं सोच रही हो FORGET HIM AKRITI, वो तो ऐसा ही है। किसी से भी दोस्ती करने से पहले उसे जज करता है। टेस्ट लेता है कि कोई उसके दोस्ती के लायक है भी या नहीं? ये अपनी सुमन देख रही हो। शुरू में अद्वय ने इससे भी बात नहीं की थी और बाद में इसकी क्लास ली थी? तभी जाकर ये उसके ग्रुप में शामिल हुई है! पर अकड़ तो देखो उस अद्वय की कि आज तक इसे अपनी बेस्ट फ्रेंड नहीं बनाया है? पता नहीं किस हूर की परी का इंतेज़ार कर रहा है? अपने नाम को भी बहुत unique समझता है ये अद्वय। तुम्हे पता है उसने तो अपना स्लोगन भी बना रखा है। बड़े चाव से कहते:- अद्वय सा दूसरा कोई नहीं? बस अपनी शार्प मेमोरी पर ऐठता है

तब आकृति हैरान होते हुए कहती है:- अच्छा ये अद्वय इतना बड़ा चालबाज है? अकड़ तो मैंने भी उसकी देखी थी जब इसने मेरे Hi कहने पर भी जवाब नहीं दिया था? मेरी क्लास लेगा? मैं उसकी दोस्ती के लायक हूं या नहीं यह जज करने का हक उसे नहीं है? वो चाहेगा तब भी मैं उससे दोस्ती नहीं करूंगी? अब उसकी क्लास तो मैं ही लूंगी? बड़ा आया अद्वय जैसा दूसरा नहीं कहने वाला? अगर वो अद्वय है तो मैं आकृति हूं! उसकी आकृति बिगाड़ना मुझे भी आता है। हूं।

दूसरी ओर अद्वय आरव के साथ लंच कर रहा होता है। आरव प्यार से पूछता है:- भाई आपके जैसा कोई नहीं?
तब अद्वय कहता है नहीं, मेरे स्वीट ब्रदर जैसा कोई नहीं?अब चलो खाना खा लो। खाना खाते हुए आरव पूछता है कि भाई आपकी क्लास कैसी गई? अच्छी गई ना। तब अद्वय कहता है आरव क्लास तो ठीक थी पर..। (अद्वय मन ही मन ये सोच रहा होता है कि क्या कहूं? आज सेम तो आया नहीं था। और उसके बिना मुझे मज़ा नहीं आता? ऊपर से वो न्यू स्टूडेंट? बार बार मुझसे बात करने की कोशिश कर रही थी। मुझे बहुत बुरा लगा जब मैंने उसकी बात का जवाब नहीं दिया, पर करता भी तो क्या? मैं उससे दोस्ती..। क्या कर सकता हूं? नहीं नहीं ये मैं क्या सोच रहा हूं! वो पहली लड़की तो नहीं थी जो इस स्कूल में आयी है तो फिर मैं इतना बेचैन क्यों हूं?
तभी आरव देखता है कि अद्वय किसी सोच में डूबा हुआ है, वो डेस्क पर दो बार ठक ठक करता है जिसे अद्वय अपने होश में आ जाता है। वो ठहाके मारकर हंस पड़ता है और फिर दुबारा पूछता है कि भाई क्या हुआ? आप कहा खोए हुए थे? क्या आप स्टैचू स्टैचू खेल रहे थे। पर ये गेम तो आपके लिए नहीं है। ये तो छोटे बच्चे खेलते हैं ना।
तब अद्वय कहता है:-नो! मैं सोच रहा था कि घर जाकर हम क्या खेलेंगे? आरव उत्साहित होकर पूछता है कि:- बताओ ना भाई क्या खेलेंगे? अद्वय थोड़ा हड़बड़ा जाता है और कहता है कि:- वो घर जाकर बताऊंगा। सरप्राइज है ना। तब आरव कहता है कि नो भाई, गेम कोई सरप्राइज नहीं होता। प्लीज़ बता दो ना
तब अद्वय बात को टालते हुए अपनी घड़ी की ओर देखता है और कहता है कि अरे सिर्फ पांच मिनट बच्चे है। क्लास शुरू होने वाली है। चलता हूं मेरे भाई! वैसे भी सावित्री मैम की क्लास है। वो समय की पक्की है। देर हो गई तो क्लास में नहीं घुसने देगी। चलता हूं। तुझे मैं छुट्टी के वक्त बता दूंगा। बाय

आरव भी अद्वय को बाय कहता है और फिर अद्वय अपनी क्लास की दिशा की ओर चल देता है।दूसरी ओर आकृति को रेयांश अपनी बातो में ले लेता है।
TO BE CONTINUED
WRITTEN BY:-★DARSHIKA★


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