two sisters- 7 in Hindi Classic Stories by Mansi books and stories PDF | दो बहने - 7

दो बहने - 7

Part 7
अब तक आपने देखा कि निशान को निशा पसंद आती है,निशा को निवान पसंद आता है ओर निवान को नियती पसंद आती है अब आगे देखिए।
सब लोग बैठे होते है तब घनश्याम जी खिमजी से कहते है , खिमजी तुम्हे अपनी बेटियों की शादी के लिए लड़का देख रहे हो ना तो क्यों ना तुम मेरे दोस्त मिहिर के दोनों बेटों के बारे में एक बार सोचो। ये दोनों बहुत ही अच्छे लड़के है गुणी है,सब लोगो कि बड़ी इज्जत करते है ओर दोनों को कोई भी व्यसन नहीं है,शराब को हाथ भी नहीं लगाते।
तब मिहिर बोलता है जी मेरा बड़ा बेटा निशान इंजीनियर है ओर मेरा छोटा बेटा निवान डॉक्टर है दोनों बहुत ही अच्छा कमाते है आपकी दोनों बेटियों को बहुत खुश रखेंगे,क्यों बेटों,दोनो बोले जी पापा। तभी हिना बोलती है भाई साहब आप की बेटियों को कोई भी कमी नहीं होने देंगे। तब खिमजी बोलता है जी ये रिश्ते के बारे में विचार तो बहुत अच्छा है क्यों सरला? सरला कहती है हां जी इतने अच्छे लड़के दिये लेकर ढूंढने जाएंगे तब भी नहीं मिलेंगे।
हमारी दोनों बेटियों की किस्मत बहुत अच्छी है जो इतने अच्छे लड़के सामने से हमे मिले। तब खिमजी ने निशा ओर नियती से पूछा बेटियों तुम दोनों को कोई दिक्कत तो नहीं है ना इस रिश्ते से निशा ने कहा नहीं मुझे कोई दिक्कत नहीं है ओर नियती ने कहा नहीं पिताजी आप इस रिश्ते से खुश है तो मुझे केसे कोई दिक्कत हो सकती है।
हिना को नियती का बात करने का तरीका ज्यादा अच्छा लगा।तब मिहिर ओर हिना बोलते है तो फिर ठीक है हमारे बड़े बेटे निशान का रिश्ता आपकी बड़ी बेटी निशा से ओर छोटे बेटे निवान का रिश्ता आपकी छोटी बेटी नियती से तय होता है। तब निशान से हिना पूछती है बेटा तुम्हे निशा पसंद है ना तब निशान कहता है जी मां ओर निवान कहता है मां मुझे भी नियती जी पसंद है। तब हिना कहती है चलो तो फिर कोई दिक्कत नहीं है अब।
यह सब बाते सुन कर निशा को एक झोर का जटका लगता है क्यों की उसे तो निवान पसंद आया था।तब निशा अचानक खड़ी हो जाती है ओर कहती है रुकिए मुझे ये रिश्ता मंजूर नहीं तब सब परेशान हो जाते है ओर निशा से पूछते है लेकिन तुमने तो अभी ही कहा था तुम्हे कोई दिक्कत नहीं है तो फिर अब क्या हुआ ।
तब निशा कहती है मुझे लगा कि मेरा रिश्ता आपके छोटे बेटे निवान से होगा ,मुझे वो पसंद है। तब निवान कहता है लेकिन निशा जी मुझे आप नहीं नियती जी पसंद है क्युकी उनमें वह सब गुण है जो मुझे एक लड़की मे पहले चाहिए थे। निशान कहता है निशा मे तुम्हे पसंद करता हूं मुझे स्टाइलिश लड़की चाहिए थी वो बात मेने तुम मे देखी है प्लीज ऐसा मत करो। यह सब बात सुन कर नियती का दिल टूट गया क्यों की कहीं ना कहीं उसे निवान पसंद आया था।
तब निशा कहती है नियती तुम निशान से शादी कर लेना मुझे निवान देदो। यह सुन कर सरला सब लोग होने की वजह से शांति से निशा से कहती है क्या देदो निशा क्या बोल रही हो कुछ तो शर्म करो निवान कोई खिलौना है क्या को एक को पसंद नहीं आया तो दूसरे को दे दिया। निशा तुम्हे हर बात मे कोई ना कोई दिक्कत होती है ।एक बार नियती से तो पूछ लो उसकी मरजी क्या है बस बोल दिया तुम नियती से शादी कर लो, क्या उसकी मर्जी तुम्हारे लिए कोई मायने नहीं रखती?
तभी नियती बोलती है कोई बात नहीं मां अगर दीदी को निवान जी पसंद है तो मे बीच में नहीं आयूंगी मे ये शादी नहीं कर सकती।


कहानी का part 8 जल्द ही आयेगा।😊

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Monika

Monika 3 months ago

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pradeep Kumar Tripathi
Hiral Padhiyar

Hiral Padhiyar 4 months ago