Love Feeling in Hindi Love Stories by Krishna books and stories PDF | अहसास - एक अनसुनी कहानी

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अहसास - एक अनसुनी कहानी

एक दिन आदित्य नाम का लड़का अपने कमरे में बैठकर उस सोच रहा था। बारिश धीमे-धीमे हो रही थी और उस बारिश ने उसे कोई अभी तक सही से भिगोया नहीं था जिस कारण से उसका मन काफी ज्यादा उदास और विचलित था।

सुबह बारिश की बूंदों में अपनी सुखी फोटो देखकर अपने आप पर बहुत ज्यादा अफसोस कर रहा था। क्योंकि वह बारिश का मजा भी नहीं ले पा रहा था क्योंकि उसकी जिंदगी के सारे रंग और सो गए थे।

वह पहले जिस लड़की से प्यार किया करता था उसकी प्यार की कहानी खत्म हो चुकी थी इस कारण से उसे बहुत ज्यादा बारिश की बूंदों से तकलीफ हो रही थी।

वह अपने कमरे में बैठा यह सोच रहा था कि सामने जो एक तार का खंभा है उसको से वह पूछ रहा था कि। आदित्य तार के खंभे में से पूछता है कि तुम तो बहुत उदास लग रहे हो तुम्हारी क्या बात है। फिर वह मन ही मन सोचता है कि तुम तो एक बिना जान वाली चीज हो तुम कैसे सोच सकते हो।

बारिश काफी ज्यादा तेज हो रही थी तेज बारिश में उसे बहुत ज्यादा किसी की याद आ रही थी और वहां अपने होठों को अपने हाथों से दबाते हुए कहता है कि कब तक मैं यूं ही ऐसे बैठा रहूंगा अकेले।

पानी धीरे-धीरे बहुत तेज से बारिश हो रही थी। उसका मन अब नहाने को कर रहा था। जैसे ही वह नहाने के लिए बाहर निकलता है बारिश की बूंदे और तेज हो जाती है। हुआ अपनी सूखी जिंदगी में बारिश की बूंदों का मजा ले रहा था। वह अपनी आंगन की झाड़ियों के पीछे छुप कर नहाने का प्रयास कर रहा था।

वह अपनी मस्ती में बारिश की बूंदों का मजा नहीं रहा था वैसे ही उसे कुछ लड़कियों के खिलखिला कर हंसने की की आवाज सुनाई देती है।

आदित्य अपनी आंगन की झाड़ी से दूसरी तरफ देखता है तो उसने पाया कि दो लड़की अपनी छत पर बेहद ही सुंदर लड़की नहा रही थी। दोनों लड़की के पतले कपड़े उसके शरीर की बनावट को पूरी तरह से दिखा दे रहे थे। आदित्य की सोच तो इस तरह के बिल्कुल भी नहीं थी लेकिन उसकी उम्र अब लगभग 20 साल से बाहर हो चुका होगा।

उसके मन में भी तो चिंगारी उठती होगी उन दोनों लड़कियों को नहाते देखते हुए आदित्य के मन में और उसके खून में बहुत सारे इच्छाएं दौड़ने लगती है।

दोनों लड़की में से एक लड़की बहुत ही चंचल तरह की थी वह बहुत ज्यादा खूबसूरत थी। लेकिन जब वह नहा रही थी तो दोनों के मुकाबले चंचल लड़की के कपड़े और भी ज्यादा पतले होने के कारण उसके शरीर के निचले हिस्सों की बनावट पूरी तरह से देख रही थी। यह देख कर आदित्य को मन ही मन बहुत ज्यादा उत्सुकता होगी तो वह उसी लड़की को बहुत देर से निहार रहा था।

वह लड़की अपनी सहेली के साथ दोनों लड़की मिलकर खिलखिला कर हंसकर नहा रहे थे। दोनों के बदन खुले थे इसलिए ज्यादा खूबसूरत थे और दोनों के अंग इतना ज्यादा सुंदरता की आदित्य को देखते ही उसमें से एक लड़की ने कहने का फैसला किया था। वह लड़की बहुत ज्यादा सुंदर से जब आधे कपड़ों में नहा रही थी तो उसकी सुंदरता की तो अलग ही बात हो सकती है।

उसके कुछ देर बाद पानी का गिरना खत्म हो जाता है दोनों लड़कियां अपने कमरे में चली जाती है। लेकिन फिर भी आदित्य अपनी यादों को अपने दिल में याद कर उसी लड़की को अपने कमरे में बैठकर ख्याल करने लगता है।

माना कि वह लड़की को उसके घर के बिल्कुल नजदीक मैं ही रहा करते थे लेकिन उसका कभी मन और लड़की को देखने के बाद लगा ही नहीं और ना ही वह लड़की दोबारा कभी उस छत पर देखी थी

आदित्य अपने कमरे में बैठकर कभी-कभी उस घर के छत को बेहद प्यार भरी नजरों से देखा करते थे। लेकिन किसी भी समय वह दोनों लड़की में से कोई भी लड़की छत पर नहीं दिखती थी। ऐसे में वह बहुत ज्यादा गंभीर सा रहने लगा था।

बारिश का समय था दिन में कितनी बार बारिश हो जाया करते थे लेकिन उस दिन के बाद से आदित्य ने दोनों लड़की को एक बार भी नहीं दिखाता।

एक दिन अपनी कार से आदित्य घर आ रहा था कहीं गया था कोई काम से। अचानक उसे रास्ते में मिल जाती है। बारिश में खड़ी हुई लड़की आदित्य को रुकने का इशारा करती है। आदित्य को इस इशारा का मतलब बहुत अच्छी तरह से समझ में आ रहा था। आदित्य के जज्बातों से दिल में काबू नहीं था। लेकिन फिर भी वह अपनी कार के ब्रेक लगाई हो उसे अपनी कार में बैठाया।

कार में बैठते हैं वह लड़की आदित्य के साथ अच्छी तरह से बातचीत करने लगती है और कहती है कि क्या आपने मुझे कभी देखा है। तभी आदित्य कहता है कि हां मैंने आपको एक बार देखा है।

उसके बाद वह लड़की कहती है कि आपने मुझे कहां देखा है बताइए। उसके बाद आदित्य कहता है कि एक दिन जब मैं अपने रूम में अपने घर के आंगन में नहा रहा था तभी मैं आपको और आपकी सहेली दोनों को अपनी छत पर नहाते हुए देखा था।

तभी लड़की थोड़ी सी शर्माते हुए बोली है कि क्या आपने मुझे नहाते हुए देखा है। फिर उसके बाद आदित्य ने उसकी जवाब को टालमटोल करते हुए कहा कि आपको कहां जाना है बताइए मैं उतार देता हूं। तो वह लड़की कहती है कि आप जहां चाहते हैं वहां मुझे उतार दीजिए आप जहां बता दीजिएगा वही मेरी मंजिल होगी।

फिर आगे बढ़ता है फिर दोनों में बातचीत शुरू हो जाती है। अचानक वह लड़की आदित्य के पास छिपकर बैठने का प्रयास करती है। उसके बाद आदित्य एक जगह गाड़ी रोककर अपनी होंठ में लड़की के होंठ मिलाता है और दोनों को मिलकर एक दूसरे को एक साथ मिलकर किस करते हैं। अचानक आदित्य को या ख्याल आता है कि वह कुछ ज्यादा ही इसकी खयालो में डूब गया है तो वह तुम्हें नहीं पीछे हट जाता है और अपनी गाड़ी चालू कर लेता है।

गाड़ी चलते जाती है उसके बाद लड़की की मंजिल पहुंच जाती है। लड़की कहती है कि मेरी मंजिल तो आ गई है मुझे यही उतार दो। उस जगह को देखते हुए आदित्य बहुत ज्यादा आश्चर्यचकित हो गया था

क्योंकि वह जगह एक कोठा थी और रंडियों की जगह थी जहां पर वह लड़की भी उसी धंधा में काम किया करती थी। तभी वह लड़की उतरकर आदित्य से कहती है कि मैं यहीं पर रहती हूं और हर शाम को यहां पर आती हूं अगर तुम्हें कभी आने का मन हो तो आ जाना।

आदित्य बहुत ही गुस्से में अपनी कार की तरफ बढ़ता है और अपनी गाड़ी चालू करके अपने घर की तरफ निकल पड़ता है। जैसे ही वह अपने रूम में पहुंचता है उस समय भी बारिश हो ही रही थी। वह अपने रूम में बैठकर सोचता है कि मुझे अपनी जिंदगी में क्या सोचा था और क्या हो गया है। आज जो उसके साथ हुआ है उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी कल्पना भी नहीं किया था।