Sath Zindgi Bhar ka - 37 books and stories free download online pdf in Hindi

साथ जिंदगी भर का - भाग 37

आस्था उस लुक में बेहद खूबसूरत लग रही थी

बिल्कुल रॉयल प्रिंसेस उसे देखकर ऐश्वर्या और उतरा को अपनी खूबसूरती थी कि लगने लगी

ऐश्वर्या को याद आया कैसे उसने आस्था को उसके रंग की वजह से बुरा भला कहा उस बात के लिए उसे पछतावा पहले से ही हुआ था

लेकिन आज फिर से उसने अपने आप पर शर्म महसूस हुई क्या हुआ दी आस्था को इस के चेहरे पर के उदासी के भाव अच्छे नहीं लगे

सॉरी और आप बहुत अच्छे दिख रहे हैं भाभीसा ऐश्वर्या उसके गले लग गई सॉरी क्यों आस्था को कुछ समझ ही नहीं आया

हमने आपको पहले क्या कुछ नहीं कहा उसी के लिए ऐश्वर्या की गर्दन पर शर्मिंदगी से झुक गई

दी हम तो भूल ही गए अब आप भी बोलिए एंड स्माइल आस्था ने स्माइल करते हुए कहा और उस स्माइल ने उसकी खूबसूरती कई हद तक बढ़ा दी

चलिए नीचे जाकर सबको अपना लुक दिखाते हैं उतरा ने कहा और वह नीचे आ गए लगभग सभी लोग घर पर ही थे

सिवाय एकांश के उन सभी ने आस्था की बहुत तारीफ की मृणाल जीने उसकी अच्छे से नजर उतार दी रूद्र और स्वप्न ने उसकी तारीफ में पता नहीं क्या-क्या कहा दिया

हेलो एवरीवन रेवा और कुणाल ने वहां आते हुए कहा वह दोनों भी आस्था को हैरानी से देखने लगे

यह आस्था है ना राइट आपके घर की made यह काली से इतनी गोरी कैसे हो गई रेवा नहीं उसे पहचान लिया

आस्था की खूबसूरती देखकर चिढ़ उठी और उसने आस्था की इंसल्ट करते हुए कहा

उसे नीचा दिखाते हुए कहा किसी को भी उसकी बात करने का तरीका पसंद नहीं आया

जी नहीं रेवा आपकी गलतफहमी है हमने पहले ही दूर कर दी थी अब एक और बार कर देते हैं

आस्था हमारे लिए बहुत स्पेशल है हम अगली बार उनकी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं करेंगे उतरा वह इतनी स्पेशल है

उतरा कि उसके लिए आप अपनी ननंद से बहस कर रही हैं रेवा का गुस्सा और बड़ा लेकिन कुणाल वह तो सिर्फ आस्था को ही देखे जा रहा था

उसकी नजर में हवस साफ साफ़ दिखाई दे रही थी स्वप्न को उसका इस तरह आस्था को देखना बिल्कुल पसंद नहीं आया

जी रेवा वह हमारे लिए बहुत स्पेशल हैं इसलिए बेहतर यही होगा कि आप नेक्स्ट टाइम उनकी इंसल्ट मत कीजिएगा

उत्तरा दी रहने दीजिए आस्था को अच्छा नहीं लग रहा था कि उसके वजह से उतरा उन दोनों में झगड़ा हो चुप रहिए आप आपको तो कुछ कहना नहीं है

कम से कम दी को बोलने दीजिए रूद्र ने धीरे से आस्था से कहा स्वती भी आस्था के सामने कुछ ऐसा ही खड़ा हुआ था कुणाल उसे ना देख सके वह कुणाल के नेचर से अच्छी तरह से वाकिफ था

रेवा कुछ बोलने को हुई उससे पहले ही अनीता जी ने उतरा का हाथ पकड़ लिया उत्तरा अब बस भी कीजिए अनीता जी ने भी फिक्र से कहा

उन्हें रेवा के Ziddi स्वभाव का पता इतने दिनों में चल चुका था लेकिन मासा उतरा बस रेवा कुणाल आइए

अनीता जी व्हाट्स गोइंग ऑन हेयर अकाउंट में सभी को हॉल में खड़ा पाकर पूछा उसने अभी तक आस्था को नहीं देखा था

बाईसा वह ऐश्वर्या कुछ नहीं कुंवरजी आस्था ने जल्दी से उसके सामने आकर वह नहीं चाहती थी कि एकांश को इस मामले के बारे में कुछ पता चले एकांश में उसे देखा और बस उसी की नजर उस पर ऐसे जम गई कि हटाने का नाम ही नहीं ले रही थी

वह सिर्फ आस्था को ही नहीं बिना पलकें झपकाए देख रहा था सभी को उसकी इस हालत पर बहुत हंसी आ रही थी

लेकिन वह खामोश रहे रेवा और कुणाल जो वहां थे उसके ऐसे देखने से आस्था शर्म से पानी पानी हो रही थी

उसने अपने नजरें उठा झुका ली और चेहरे पेट पर आए बालों की लट को पीछे किया

उसकी उस अदा से एकांश घायल हो चुका था भाई सा भाई सा रोज में थोड़ी जोर से आवाज दे एकांश होश में आ गया था और जल्दी अपनी नजर आस्था पर से हटा कर इधर-उधर देखने लगा हम अभी आते हैं

आस्था वहां से शर्मा कर भाग गई और हम भी एकांश भी जल्दी से निकल गया आस्था ने अपने आप को कमरे में बंद किया

और दरवाजे से टिक कर खड़ी हो गई एकांश की नजरों ने उसे बहुत बेचैन कर दिया था उसके दिल जोर जोर से धड़क रहा था और सांसो पर तो वह कंट्रोल ही नहीं कर पा रही थी

उसने झट से अपने हाथों से अपना चेहरा छुपाया और अपने अंदर बढ़ती फिलिंग को समझाने की कोशिश करने लगी

एकांश की हालत तो उससे भी ज्यादा खराब थी आस्था की खूबसूरती उसके सामने से हट ही नहीं रही थी

उसकी वह खूबसूरत ग्रीनीश आंखें जिसमें शायद पहली मुलाकात में ही आस एकांश के दिल के तार छेड़ दिए थे

काजल से भरी आंखों ने फिर से एक बार Ekansh दिल लूट लिया था उसके होंठ उनके बारे में ही सोचते हैं

एकांश के बदन में हलचल सी हुई उसके होठ गला सूखने लगा

उसने जल्दी से वहां मौजूद पानी का गिलास उठा कर अपने मुंह से लगाया लेकिन फिर भी उसकी प्यास नहीं बुझी और बुझती भी कैसे उन्हें पानी की नहीं बल्कि आस्था के होठों की प्यास लगी थी

यह सच में बहुत मुश्किल है आशा सच में बहुत मुश्किल है आपसे दूर रहना और अब तो आपको हमसे दूर जाना है

आस्था के लंदन जाने के खयाल से एकांश तड़प उठा था

कैसे बताएं आपको आस्था हमें आप चाहिए हर दिन चाहिए हर पल चाहिए नहीं रह सकते हम आपसे दूर एकांश की आंखों के सामने फिर एक बार आस्था के होंठ आए और उसे उन होठों को अपने होठों के सामने की तमन्ना और बढ़ गई

एकांश का फोन रिंग हुआ और वह होश में आ गया एकांश से कुछ बोला नहीं चाह रहा था

भाई सा जल्दी रेडी हो कर आइए पीछे गार्डन में भाभी सा आपका वेट कर रहे हैं

डिनर के लिए उतरा ने जल्दी से फोन कर उसे बताया ओके

आस्था के साथ डिनर का सोच कर कि एकांश बेहद खुश हुआ और उसी खुशी में जल्दी से फ्रेश होने के लिए चला गया

दी हमसे नहीं होगा आस्था ने घबराकर कहा एकांश कि वह नजर उसे और भी बेचैन कर रही थी

उतरा ने ऑलरेडी भाई सा को इन्फॉर्म कर दिया है और आप अब मना कर रहे हैं

ऐश्वर्या हम जैकेट पहने प्लीज आस्था ऐश्वर्या ने गहरी सांस छोड़ी पहनी है लेकिन एक बात बताइए आपको भाई साहब पर भरोसा नहीं है क्या

ऐश्वर्या ऐसा नहीं है दिन हमें शर्म आ रही है आस्था ने सर झुका कर नाजुक से आवाज में कहा जिस पर ऐश्वर्या जोर जोर से हंसने लगी

आपका कुछ नहीं हो सकता ऐश्वर्या ने कहा और उसकी और जैकेट बढ़ा दी रहने दीजिए हम नहीं पहनेंगे

आस्था उसके हंसने से चीड़ गई उसके अंदर बढ़ रही हलचल वह पहले ही किसी को बता नहीं पा रही थी

और ऐश्वर्या उस पर हंस रही है वह चिढ़कर गार्डन की और चली गई

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