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बुढ़िया बिल्ली

एक रात बुढ़िया बिल्ली गांव के किसी मकान की छत पर अकेले बैठी हुई थी। और अकेले बैठी हुई अपने पति बिल्ला के बारे में सोच रही थी।

जिस समय बुढ़िया बिल्ली जवान थी उन्हीं दिनों में उसका बिल्ला उससे बिछड़ गया था।

और वह अपनेे बिल्ला को याद करके सिसकियों सेे रोते हुए अपनीी आंखों आंसू टपका रही थी।

उसी समय एक काले रंग की दूसरी बिल्ली अपने बच्चे के साथ वहां आती है।

काली बिल्ली और उसका छोटा बच्चा रोती हुई बिल्ली के आंसू पहुंच कर उसे रोनेे से मना करते है।

उनके मना करने के बाद बुढिया
बिल्ली और तेज तेज रोने लगती है। जब वह रोते रोते चुप नहीं होती है तो काली बिल्ली का बच्चा बुढ़िया बिल्ली सेे कहता है कि "गुड़िया बिल्ली चुप हो जाओ वरना गांव के जंगली कुत्ते यहांं आ जाएंगे।"

जंगली कुत्तों का नाम सुनकर बुढ़िया बिल्ली काली बहुत गुस्से में बिल्ली और उसकेेे बच्चेे से कहती है कि "इन्हीं जंगली कुत्तों की वजह से मेरा बिल्ल मुझसे बिछड़ गया था।"

बुढ़िया बिल्ली के गुस्सेेे से डर कर काली बिल्ली का बच्चा अपनी मांं काली बिल्ली के पीछे छुप जाता है। और अपनी मां के पीछे छुप कर बुढ़िया बिल्ली को देखता है।

बुढ़िया बिल्ली उस बच्चे की पूंछ पकड़ कर अपनी तरफ खींच पर अपनेेे पास बैठा लेती है।

काली बिल्ली और उसके बच्चे को बताती है कि मैं जंगली कुत्तों सेेेे क्यों नफरत करती हूूं।

और उनको बताती है कि "जब मैं जवान थी तो शहर के एक मोहल्ले मेंं रहती थी, और अकेली अपनी जिंदगी जी रही थी। और एक दिन मेरी मुलाकात एक फुर्तीलेे बिल्ला से हुई थी।

बिल्ला केे मेरेेेे जीवन में आने के बाद मेरे जीवन का अकेलापन दूर हो गया था, और हम दोनों हंंसी खुशी दिन रात उछल कूद करके खेला करते थे। एक दिन मैं और बिल्ला हंसी खुशी मोहल्ले की गली में खेल रहेेे थे। तभी मोहल्ले के दो हट्टे कट्टे कुत्ते हमें जान से मारने के लिए हमारेेे पीछे पड़ गए थेे।

तभी काली बिल्ली का बच्चा बुढ़िया बिल्ली से तोतली भाषा में पूछता है कि? "फिर बुढ़िया बिल्ली तूनेे उन जंगली कुत्तों अपनी जान कैसे बचाई।"

फिर बुढ़िया बिल्ली काली बिल्ली और उसके बच्चे को बताती है कि "मोहल्ले में एक बहुत बड़ा पुराना बरगद का पेड़ था। मैंने और मेरे बिल्ला ने जल्दी भागकर उस बड़े पुराने बरगद के पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई थी।"

फिर बुढ़िया बिल्ली काली बिल्ली और उसके बच्चे को बताती है कि "उस पेड़ पर एक बूढ़ा तांत्रिक उल्लू बैैठा हुआ था। पेड़ पर बिल्ला और मुझे चढ़ता देख तांत्रिक बूढ़ उल्लू दबी आवाज़ में धीरेे-धीरे हमें गाली देने लगा था। और फिर उस बूढ़े तांत्रिक उल्लूू ने हमसे पूछा कि तुम शादीशुदा हो या नहीं। तो फिर मैंने उस बूढ़े तांत्रिक उल्लूू को बताया कि हम शादीशुदा नहीं हैं। उस बूढ़े उल्लूू को शादियां करवानेेे का बहुत शौक था। और उसी समय बूढ़े तांत्रिक उल्लू ने उस पुराने बरगद के पेड़ के ऊपर ही मेरा और बिल्ला का विवाह करवा दिया था। और उस दिन के बाद बुढा उल्लू मेरा और बिल्ला का बहुत अच्छा मित्र बन गया था।

और फिर कुछ देर रुकने के बाद बुढिया बिल्ली दोबारा काली बिल्ली और उसके बच्चे को बताती है कि "पुरानेेेे बरगद के पेड़ की एक डाल पर बैठेे-बैठे मै और बिल्ला बहुत थक गए। लेकिन जंगली कुत्तेे भी इतने ढीठ थे कि पेड़ केे नीचे से हटने का नाम ही नहीं ले रहेे थे। बूढ़ा उल्लू हमें बार-बार समझा रहा था, कि पेड़ की डाल से नीचे नहींं गिर जाना नहींं तो दोनों कुत्तेे तुम्हें जान से मार देंगे। और हमें समझते हुए खुद बूढ़ेे तांत्रिक उल्लू को नींद आनेे लगती और वह नींद के झोंके में धड़ाम से उन जंगली कुत्तों के ऊपर गिर गया था। और बूढ़े तांत्रिक उल्लू के उनके ऊपर गिरने केेे बाद दोनोंं जंगली कुत्ते भोंकते हुुए वहां से गली के अंदर भाग गए थे। और दोनों कुत्ते गली में बैैठकर मेरा और बिल्ला का पेड़ से उतरने का इंतजार करने लगे थे। मै और मेरा बिल्ला जैसे ही पुराने बरगद के पेड़ से नीचे उतरेे तो वह दोनों जंगली कुत्ते हमें जान से मारने के लिए हमारे पीछेेेे पड़ गए थे। और बिल्ला् उन कुत्तों से अपनी जान बचाते हुए मोहल्ले से बाहर भाग गया था और उस दिन से मुझे मेरा बिल्ला आज तक नहींं मिला।"

बुढ़िया बिल्ली कि सारी बात सुनने के बाद काली बिल्ली और उसका बच्चा बुढ़िया बिल्ली से कहता है कि "गांव सेेे बाहर एक शराब का ठेका है और इस ठेके के साथ ही से एक जंगल शुरू होता है, उस शराब के ठेके पर शराब पीने वाले लोग शराब पीने के बाद वहांं से चले जाते हैं, तो एक बूढ़ा उल्लू और बूढ़ा बिल्ला उनके गिलासों में से बची कुची शराब पीने आते हैं। और बूढ़ा उल्लू रोज शराब पीने के बाद बिल्ला को समझाता है कि एक ना एक दिन तेरी बिल्ली तुझे जरूर मिलेगी। और जब उल्लू को ज्यादा नशा हो जाता है तो वह बूढ़े बिल्ला से झगड़ा करते हुए कहता है कि जा तेरी बिल्ली तुझे कभी नहीं मिलेगी।

काली बिल्ली और उसका बच्चा बुढ़िया बिल्ली को बताते हैं कि "यह दोनों का रोज का नाटक है।"

और दूसरे दिन काली बिल्ली और उसका बच्चा बुढ़िया बिल्ली को उस शराब के ठेके पर लेकर जाते हैं। अपने बिल्ला को देखकर बुढ़िया बिल्ली खुशी से नाचना लगती है और बिल्ला के गले लेकर बहुत खुश होती है। इन दोनों के मिलन के बाद बूढ़ा उल्लू भी अपने पर फड़फड़ा कर खूब नाचत है। और उस दिन के बाद सब मिलजुल कर प्यार से साथ रहने लगते हैं।

किसी से इतनी नफरत नहीं करनी चाहिए जिससे कि उसका पूरा जीवन ही बर्बाद हो जाए कुत्तों की बिल्ली और बिल्ला की नफरत की वजह से उनका आधा जीवन दुख और जुदाई में बीता।