Review - Gadar 2 in Hindi Film Reviews by Manish Sidana books and stories PDF | रिव्यू - गदर 2

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रिव्यू - गदर 2

गदर 2 की जब से घोषणा हुई थी।फिल्म देखने की बहुत इच्छा थी।पहले दिन क्रिटिक्स की जो समीक्षाएं आई,वो नेगेटिव थी।u ट्यूब पर पब्लिक जो रिस्पॉन्स था,को फिल्म को ब्लॉक बस्टर बता रहा था।इसी ऊहापोह में आज गदर 2 देख ली।।पहले बात करते है कहानी की।

स्टोरी - फिल्म की कहानी गदर के प्रथम भाग के कुछ प्रमुख दृश्यों के रीकैप से शुरू होती है,जिसमे बताया जाता है कि जनरल हमीद(मनीष वाधवा ) ,अशरफ अली को तारा सिंह को मदद करने के आरोप में गद्दार साबित कर देता है।अशरफ अली को फांसी की सजा हो जाती है।

इसके बाद कहानी 17 साल आगे बढ़ जाती है।तारा सिंह और सकीना का बेटा जीते (उत्कर्ष शर्मा)बड़ा हो चुका है।तीनो का परिवार हंसी खुशी रह रहा है।तभी ऐसी खबर आती ही कि तारा सिंह को बंदी बनाकर पाकिस्तान ले जाया गया है।

जीते पिता को पाकिस्तान से छुड़ाने के लिए फर्जी पासपोर्ट और वीजा पर पाकिस्तान जाता है।वहां उसकी मुलाकात मुस्कान(सिमरत कौर) से होती है।दोनो में दोस्ती हो जाती है।तारा सिंह की खोज करते करते जीते जनरल हमीद के चंगुल में फंस जाता है।तब उसे छुड़ाने के लिए तारा सिंह और जनरल हमीद में भयंकर लड़ाई होती है।

फिल्म के प्रथम हाफ में गाने ज्यादा है।हालांकि नए गाने दिल झूम झूम जाए और चल फिर इश्क में पड़ जाते है भी सुनने में अच्छे है।

दूसरे हाफ में सनी देयोल के जबरदस्त डायलॉग और एक्शन सीन है।जिस पर जम कर तालियां और सीटियां बजती है।उत्कर्ष ने भी दो तीन जबरदस्त डायलॉग है।जैसे जिसका बाप जिंदा है,वो चिंता क्यों करे? और गदर 1 का आइकॉनिक डायलॉग हिंदुस्तान जिंदाबाद था,जिंदाबाद है,जिंदाबाद रहेगा।


एक्टिंग - कई क्रिटिक्स ने ऐसा कहा कि सब ने ओवरएक्टिंग की है।पर मुझे कही पर भी ऐसा नहीं लगा।इमोशनल सीन में अमीषा भी अच्छी लगी है,हालांकि उनके हिस्से में काम ही दृश्य आए है।उत्कर्ष की एक्टिंग और डांस भी ठीक है।सिमरत कौर ने चलो फिर इश्क में पड़ जाते है में अच्छे स्टेप किए है।मनीष वाधवा ठीक ठाक है।अगर सनी देयोल के सामने कोई और मजबूत विलेन जैसे आशुतोष राणा होता तो उनका किरदार और मजबूत होता।ऐसा मेरा निजी मत है।

गीत संगीत - उड़ जा काले कांवा और मैं निकला गड्डी लेकर पहले ही हिट है।दिल झूम,खैरियत और चल फिर इश्क में पड़ जाते है भी अच्छे है।सभी गीतों के बोल अच्छे है। धुने कर्नप्रियो है।बैकग्राउंड म्यूजिक भी बढ़िया है।

निष्कर्ष -अगर देश से प्रेम है और पाकिस्तान से इंडिया का जीतना देखना अच्छा लगता है तो यकीनन आपको ये फिल्म देखनी चाहिए।कुछ एक्शन सीन लॉजिक से परे है,पर फुल एंटरटेनिंग है।जैसे हैंडपंप वाला सीन,इस बार हैंड पंप उखाड़ा नही जाता पर तब भी वो सीन बहुत बढ़िया है।इस बार उस से बड़ी चीज उखाड़ी गई है।कुल मिला कर फिल्म पैसा वसूल है। सनी देयोल के हथौड़े ने बॉक्स ऑफिस की धज्जियां उड़ा दी है।जो क्रिटिक्स फर्स्ट डे फर्स्ट शो देख फिल्म की धज्जियां उड़ा रहे थे।अब मुंह छिपा कर बैठे है।

लगातार चौथे दिन भी सब शो हाउस फुल है तो गदर 3 के लिए भी तैयार रहिए।

आपने फिल्म देखी या नही..कॉमेंट करके बताए..अगर आपने देखी तो आपको कैसी लगी अवश्य बताएं।


हिन्दुस्तान जिंदाबाद

रेटिंग.. ⭐⭐⭐⭐(4/5)