Ishkiya (Pehla Pyar) - 3 in Hindi Short Stories by Anchal Gupta books and stories PDF | इश्कियां (पहला प्यार) - 3

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इश्कियां (पहला प्यार) - 3


......
कुछ दूर जाकर राज को वो ऑटो दिखाई देता है, राज जल्दी से गाड़ी से उतरता है और उस ऑटो के पास जाते हुए बोला, " लिसन! मुझे आपसे बात... बोलते हुए उसकी नजर ऑटो के अंदर जाती है और उसकी आंखे बड़ी हो जाती है क्युकी ऑटो खाली था।

तभी ऑटो वाला राज को देखते हुए पूछता है, " क्या हुआ भाया! किसे ढूंढ रहे हो? तनिक हमको बताओ, हम कुछ मदत कर दे। "

" वो इसमें एक लड़की बैठी थी, जिसके हाथ में R नाम का ब्रेसलेट था, आपने देखा क्या उनको इसी ऑटो में बैठी थी।" राज बिना सास लिए बोला।

" ऊ तो हमको नाही पता बाबुशाहेब! पर हा दो लडकियां बैठी तो थी हमारी ऑटो में, अभी पीछे गली में उतर गई है। आप वहां जाकर ढूंढिए। पर हुआ का है बाबुशाहेब..?? " ऑटो ड्राइवर जवाब देता है।

थैंक यू ! इतना बोलकर राज उसकी बात का बिना कोई जवाब दिए वहा से भाग जाता है।

का हुआ शाहब! और वो ऑटो ड्राइवर चिल्लाता रहा।

थोड़ी देर बाद , राज उस गली में पहुंचता है और अपने घुटनो पर हाथ रखे लंबी लंबी सांसे लेने लगता है।

" द राज ग्रोवर! किसी लड़की के पीछे भाग रहा है, पर क्यू यार!! " राज खुद से बात करने लगा।

और सामने दो गलियां देख कर उसका दिमाग खराब हो गया।

" इतना भागा और अब यहां भी दो रास्ते,, ओह गॉड! प्लीज़ हेल्प! " राज आंशमन में देखते हुए बोला।

और फिर कुछ सोचते हुए उसके चेहरे पर स्माइल आ गई। वो अपनी फिंगर बारी बारी बारी दोनो गलियों पर प्वाइंट करते हुए बोला , " अक्कड़ बक्कड़ बांबे बो, अस्सी नब्बे पूरे सौ।😅 करते हुए उसकी उंगली राइट वाले रास्ते पर रुकती है। " आज ये भी तरीका देख लेते है कितना सही है। " बोलते हुए राज उस रास्ते की तरफ बढ़ जाता है।

राज उस गली में कुछ दूर ही चला था तभी उसके कानो में किसी के गाने की आवाज पड़ती है। और वो उस आवाज की तरफ बढ़ जाता है। कुछ दूर चलकर उसे एक घर दिखाई देता है जिसपर बड़े बड़े अक्षरों में राहा’ स अकादमी लिखा हुआ था।

राज उस बोर्ड को कुछ पल देखता है और फिर उस घर की तरफ बढ़ जाता है। राज दरवाजे तक ही पहुंच था तभी उसकी नजर सामने रहा पर जाती है। वो बस एक टक राहा को देखने लगता है। उसके चेहरे पर आते रेशमी बाल ,जिन्हे वो बार बार अपने कान के पीछे कर रही थी। गुलाब होठ और उसकी वो नशीली आंखे। कोई देखे तो देखता रह जाए।

सामने राहा जमीन पर बैठी हुई थी और उसके पास बोहोत सारे बच्चे बैठे हुए थे जिनके साथ राहा हस्ते हुए बाते कर रही थी।

अच्छा बच्चो चलो अब बोहोत मस्ती करली... अब थोड़ा रियाज किया जाए... सब मेरा साथ सुर में गाना जैसे मैं गाऊंगी।

सारे बच्चे एक सुर में बोलते है... ओके दीदी..

राहा अपना गला साफ करती है और अपनी आंखे बंद करके अपना एक हाथ हवा में लहराने लगती है और धीरे से गुनगुनाते है... सा.... रे... गा... मा..... पा..... धा.... नी.... सा.... , गाने के बाद रहा अपनी आंखे खोलती है और उन बच्चो को देखते हुए बोली... बच्चो ये सुर होते है.. सिंगिंग सीखने के लिए पहले इन सुरो का अभ्यास करना बोहोत जरूरी होता है...
चलो सब एक साथ सुर में गाओ वो बोल ही रही थी की एक हवा का झोका आता है और उस हवा के साथ आती है एक खुशबू.... किसी इत्र की... राहा उस हवा को बस महसूस करने लगती है।

संजू कोई आया है क्या यहां पर... राहा संजू को आवाज लगाते हुए बोली।
संजू कन्फ्यूजन से राहा को देखते हुए बोली... आ.. नही तो तुझे ऐसा क्यों लगा? बस मुझे ऐसा लगा... तू देख न एक बार.. राहा संजू को इंसिस्ट करते हुए बोली।
रुक देखती हु.. बोलते हुए संजू उठ जाती है और दरवाजे की तरफ बढ़ जाती है जहा इतनी देर से राज खड़ा बस राहा को ही देख रहा था। वो राहा को देखने में बिजी था की तभी संजू उसके सामने आकर खड़ी हो जाती है... और उसे देखते ही संजू खुशी से मानो उछल पड़ती है।

आप.. यहां.. कहीं मैं सपने तो नही देख रही बोलते हुए संजू खुद को पिंच करती है और उसके मुंह से हल्की सी चीख निकल जाती है।
उसके आवाज और राज होश में आता है और संजू को देखते ही वो थोड़ा सपकपा जाता है और इधर उधर देखने लगता है...
संजू उसे गले लगाते हुए बोली.. ओह माय गॉड! ओह माय गॉड! इतने बड़े सिंगर हमारे यहां आए है... वाओ अगर राहा को पता चलेगा वो बोहोत खुश हो जाएगी।
आ... मेरी बात सुनिए.. राज उसे खुद से दूर करते हुए बोली। संजू उससे खुश होते हुए दूर होती है... और अपने बाल कान के पीछे करते हुए बोली.. सॉरी थोड़ी जायदा एक्साइटमेंट हो गई थी।
राज मुस्कुराते हुए बोला.. आ इट्स ओके।
पर आप यहां कैसे? संजू राज से पूछते हुए बोली।
वो कल कॉन्सर्ट में उन्होंने गाना गया था न वो सच में बोहोत अच्छा गाती है.. इसीलिए मैं उनसे मिलने आया था और कुछ बात भी करनी थी.. राज थोड़ा हिचकिचाते हुए बोला।
ओह अच्छा ये बात है आइए न! संजू खुश होते हुए उसे अंदर बुलाती है। एक बात बताइए आपकी दोस्त का क्या नाम है.. राज धीमे से बोलते हुए इधर उधर देखने लगता है।
संजू के चेहरे पर सरारती मुस्कान आ जाती है.. वो हस्ते हुए बोली... वो मेरी बेस्ट फ्रेंड है.. उसका नाम राहा है... बोहोत प्यारी है वो!
उसकी बात सुन राज धीमे से मुस्कुराते हुए बोला... राहा.. बोहोत प्यार नाम है।
आइए मैं मिलती हु आपको राहा से.. संजू बोलते हुए राज को खींचते हुए अंदर ले जाती है।

संजू खुशी से चिल्लाते हुए बोली.... राहा देखो तुमसे कोन मिलने आया है.. द ग्रेट सिंगर.. मिस्टर राज ग्रोवर उर्फ RJ.
उसकी बात सुर राहा के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और वो खुशी और कन्फ्यूजन के मिले जुले भाव से बोली... RJ वो यहां सच में!

तभी राज राहा की तरफ हाथ बढ़ाते हुए बोला... हाय... I'm राज उर्फ RJ
पर रहा उससे हाथ नही मिलती और वो संजू को आवाज लगाते हुए बोली... संजू उठने में हेल्प कर न और कहां खड़े है ये बता तो ....
उसकी बात सुन संजू उसे उठने में हेल्प करती है.. पर राज कन्फ्यूजन से बोला.... कुछ हुआ है इन्हे?
उसकी बात सुन संजू का चेहरा उतर जाता है और वो धीमे स्वर में बोली... राहा देख नही सकती?
उसकी बात सुन राज को जैसे झटका सा लगा और वो अपना हाथ पीछे खींच लेता है।
हाय आईएम राहा कौर... राहा अपना हाथ बढ़ाते हुए बोली। पर राज उसकी बात का बिना कोई जवाब दिए वहा से निकल जाता है।
अरे क्या हुआ सुनिए तो... संजू राज को रोकते हुए बोली पर राज ने उसकी बात का कोई जवाब नही दिया।
उसका ऐसा बर्ताव देख राहा की आंखों में ना चाहते हुए भी आंसु आ जाते है।

क्या होगा अब आगे? क्या राज
ये जानने के बाद भी राहा से दोबारा मुलाकात करेगा? क्या होगा आगे.. क्या इनका रिश्ता कभी बन पाएगा... जानने के लिए पढ़ते रहिए... इश्किया

कंटिन्यू❤️❤️....