BEWAFA - 4 in Hindi Love Stories by Mehul Pasaya books and stories PDF | बेवफा - 4

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बेवफा - 4

नरेन टीचर = ' ओके स्टंडेट्स सुनो सब लोग. जैसे की कल बताया गया था. की आज नए दो स्टूडेंट्स आने वाले है. सो ये वो दोनो है. सो प्लीज इन सब का वेलकम कीजिए.

ऑल स्टूडेंट्स आर वेलकम्ड ऑफ न्यू स्टूडेंट्स = ' वेलकम मिस समीरा एंड राहुल वेलकम. हम उम्मीद करते है. की आप भी हमारी तरह इस कॉलेज मन लगा कर पढ़ाई करो. और आगे बढ़ो अपने जीवन में. ' 

राहुल = ' थैंक यू थैंक यू सो मच गायज़. आई एम सो हैप्पी. बिकॉज यू ऑल फॉर में प्रे ऑफ माय लाइफ. एंड माय रिप्लाई फॉर सेम टू यू. आप लोग भी अपनी जिंदगी में पढ़ाई कर के कामयाबी हासिल करो ऐसी कामना करते है. ' 

समीरा = ' हमारी तरफ से भी बहुत बहुत धन्यवाद. आप सब लोग ने हमारे इतनी अच्छे तरीके से बात बोलने के लिए. हम भी आप लोगो से कहना चाहते है. की आप लोग भी खूब पढ़ाई करो और आगे बढ़ो. ' 

ऑल स्टूडेंट्स आर से = थैंक यू सो मच. और आप बस खुश रहो. क्यू जिंदगी में ना सबसे मुश्किल काम कोई है. तो वो है खुश रहना इस लिए खुश रहना. ' 

विजय = ' अरे अब इन लोगो का वेलकम भी करना पड़ेगा हद है यार. '

बंटी = ' भाई यहा पर तो ऐसा ही होता है. कोई भी नया पर्सन इस कॉलेज में आता है. उसका रहे दिल से स्वागत किया जाता है. '

विजय = ' लेकिन मेरा तो ऐसे स्वागत नही किया था. मेरे में क्या बुराई थी यार. ये बड़ी ना इंसाफी है. ' 

बंटी = ' यार विजय भाई तुम इतनी अजीब सी बाते कर कैसे लेते हो. में तो बड़ा शौक में रहता हु. तुम्हारी इन सारी इस तरह की बातो से. और तुम्हारा स्वागत इस लिए नही किया गया था. क्यू की तब ये नरेन सर नही थे. '

विजय = ' ओह अच्छा ऐसा है. चलो कोई बात नही. जाने दो और बताओ और कोई प्लान है.

नरेन टीचर = ' प्लीज विजय एंड बंटी आवाज मत कीजिए. शांति बनाई रखे. पढ़ाई करनी हो तो ही यही पर रहे. वरना दरवाजा वो रहा आप लोग जा सकते है. '

विजय और बंटी = ' ओके सर फिर से ऐसा नहीं होगा. इसका हम ध्यान रखेंगे. हम बाहर नही जाना चाहते प्लीज सर आई एम रियली सॉरी. '

कुछ देर बाद. . .

योगेश = ' अरे सौम्या सुनो ना हमे कॉलेज से बंक करते हुए काफी वक्त हो गया है. सो हमे अब निकल ना चाहिए. वरना दिक्कत हो जायेगी. चलो अब चलते है ठीक है. '

सौम्या = ' लेकिन अभी जायेंगे कहा पर. घर जायेंगे तो घर वाले कहेंगे की क्यू चले आए. और कॉलेज अब जायेंगे तो वहा कोई ना कोई तो जरूर सुनाएगा. माना की कॉलेज है ज्यादा कुछ नहीं कहते सर लोग पर दूसरे अपने दोस्त लोग सुनाएंगे. '

योगेश = ' हा ये भी सही है. कोई बात नही मेरे पास प्लान बी पड़ा है. डोंट वरी और प्लान बी ये है की. हम ना ही कॉलेज जायेंगे और ना ही घर जायेंगे. हम सीधा जायेंगे. आवारा फिल्म थिएटर में मूवी देखने के लिए. टाइम पास का टाइम पास हो जायेगा. और इस के चलते हुए ना ही तो कॉलेज वालो पता लगेगा और ना ही घर वालो को पता लगेगा. '

सौम्या = ' क्या बात है ये अच्छा आइडिया है. चलो ऐसा ही करते है. ये आइडिया मुझे क्यू नही आया. में तो कबसे कोई बेहतरीन आइडिया सोच रही थी. पर मेरे दिमाग में ये आइडिया नही आया. कोई नी चलो चलते है. '

                                                    पढ़ना जारी रखे. . .