devil cute doll in Hindi Love Stories by Sakshi Yadav books and stories PDF | डेविल क्यूट डॉल

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डेविल क्यूट डॉल

अँधेरी रात में सुनसान सड़क पर एक लड़की रोते हुए अपने नन्हें क़दमों से भाग रही थी 

इतने अँधेरे में भी उसका चेहरा चमक रहा था और उसकी गोल मटोल ऑंखे जिसमें मोती जैसे आँसू भरे थे रोने की वजह से उसकी छोटी सी नाक बिलकुल लाल हो गयी थी 

धीरे धीरे भागते हुए वो जंगल की तरफ आ गयी उसने चारो तरफ नज़र घुमाया तो चारो तरफ सिर्फ अंधेरा था उसे बहुत डर लगने लगा 

अचानक ही उसे कुछ आवाज़ सुनाई दी जिससे वो काफ़ी डर गयी और वो जोर से भागने लगी 

जंगल के बीचो बिच एक गुफा जो बाहर से काफ़ी बंजर और अंदर से काफ़ी डरावना 

अंदर एक किंग साइज की कुर्सी पर एक लड़का बैठा हुआ था उसका चेहरा गुस्से से तप रहा था उसकी आंखे एकदम सख्त थी फिर भी वो बहुत हैंडसम लग रहा था की कोई देखे तो देखता ही रह जाए 

पर इस वक्त वहां का माहौल काफ़ी गंभीर और डरावना था चारो तरफ हट्टे कट्टे बॉडीगार्ड्स हाथों में बंदूके लिए खड़े थे सामने जल रही आग उस जगह को और खौफनाक बना रही थी 

सामने एक आदमी अधमरी हालत में पड़ा था उसका चेहरा दर्द से पीला पड़ गया था पुरे शरीर में चोटों के निशान थे 
हां तो mr बंसल बताइये आपकी गलती की आपको क्या सजा दी जाए देखिये छोड़ने वालों में से तो मैं हूँ नहीं अब आप  ही बता दीजिये कौन सी सजा पसंद करेंगे आप 

वो लड़का शांत पर बेहद डरावनी आवाज़ में कहता है 

सामने बैठा आदमी गिड़गिड़ाते हुए कहता है मैं जनता हूँ मैंने बहुत बड़ी गलती की है प्लीज मुझे छोड़ दीजियेगा मैं ऐसा कभी नहीं करूँगा कभी नहीं 

मेरे लिए गलती की सिर्फ एक ही सजा होती है और वो है मौत और अब तुम ऐसी गलती दुबारा नहीं करोगे क्युकी मैं करने ही नहीं दूंगा 

इतना कहकर सामने पड़ी टेबल से वो एक गन उठाता है और  उस आदमी की तरफ निशाना करता है और जैसे ही शूट करने जाता है की वहाँ किसी बच्चे की रोने की आवाज़ आती है 

वो लड़का झट से पीछे मुड़कर देखता है तो वहां एक लड़की लाल कलर के लहंगे में खड़ी थी गोलमटोल सा चेहरा मटर जैसी आंखे छोटी सी नाक छोटा से होंठ वो एकदम आसमान से उतरी परी लग रही थी उतनी ही मासूम बच्चो जैसी 

वो लड़का उस लड़की के पास जाता है और अपनी नरम आवाज़ में कहता है तुम कौन हो और यहाँ कैसे आयी 

वहां खड़े सबलोग तो सदमे में थे की उनका बॉस किसी से इतने आराम से बात कर रहा है 

मुझे बहुत डर लग रहा है वो लड़की सुबकते हुए कहती है 

डरो नहीं ये बताओ तुम कौन हो 

मैं लड़की हूँ 

लड़का आंखे फाड़ के उसे देख रहा था जैसे कोई अजूबा देखा हो और बाकि सब को हसीं आ रही थी पर सब मुँह बंद करके खड़े थे उन्हें पता था उनका बॉस कैसा है 

अरे मेरा मतलब तुम्हारा नाम क्या है और यहाँ कैसे आयी 

मेरा नाम सुबकते हुए सुकून है मैं घर से भाग गयी और फिर रास्ते में खो गयी और यहाँ आ गयी मुझे यहाँ बहुत डर लग रहा है कहीं भूत आ गया और मुझे खा लिया तो और फिर मैं मर जाउंगी फिर मेरी आत्मा भटकेगी 

सबलोग आंखे फाड़े उसकी उट पटाक बाते सुन रहे थे 

क्या चीज है ये एकदम बच्ची अच्छा घर से क्यूँ भागी तुम 

आपको क्यूँ बताऊ पहले आप मुझे चॉकलेट दो फिर बताउंगी 

जितना पूछ रहा हूँ उतना बताओ इस बार थोड़े सख्त लहजे मे बोलता है जिस से सुकून डर जाती है और जोर जोर से रोने लगती है 

नहीं बताउंगी अब तो इत्तु सा भी नहीं बताउंगी आपने मुझ मासूम को डाटा 

अच्छा नहीं डाट रहा सॉरी अब बताओ क्या बात है 

वो कुछ बोलती उससे पहले ही वो गिरने लगती है वो लड़का झट से उसे पकड़ लेता है और सुकून उसकी बाहों में झूल जाती है वो हौले से उसके गालो को थपथपाता है क्या हुआ आँखे खोलो पर सुकून बेहोश हो चुकी थी 

वो लड़का अच्छे से उसे अपने बाहों मे समेट लेता है जैसे वो कोई बहुत कीमती हो और जल्दी से बाहर की तरफ जाने लगता है और थोड़ा रुक कर कहता है 

अभी मेरा जाना जरुरी है इसकी और अच्छी सेवा करो इसका हिसाब कल करूँगा और बड़े क़दमों के साथ वहां से बाहर निकल जाता है