नहीं...नहीं, भईया जी .... मुझसे गलती हो गई ।
ऐसा नहीं कहना चाहिए था मुझे ।
मुझे माफ कर दीजिए भईया जी ...!!
नहीं , अब तो तू गया बेटा , बहुत जुबान चलने लगी है तेरी । तुम्हारी हिम्मत तो देखो मुझे भईया जी को रोकने चला था । भईया जी उस आदमी के हाथ में रिवॉल्वर था अपनी ओर इंगित करते हुए बोल रहा था।
तू भूल गया क्या ?
मैं कौन हूं ...???
रिवॉल्वर को अपने हाथ से रगड़ कर फुक मार कर साफ करते हुए,
"लगता है आज मेरी दिलरुबा को एक शिकार हाथ लगेगा"
बोलते हुए एक टेढ़ी मुस्कान के साथ मुस्कुराया।
अपने सामने गिड़गिड़ाते व्यक्ति के माथे पर रिवॉल्वर तान दी।
" बोल कालिया तेरा क्या होगा ??"
मेरी कदमों में गिरेगा या भगवान को प्यारा होगा ...
जल्दी कर मेरे पास वक्त नहीं है, फैसला तुझे करना है।
सामने खड़ा व्यक्ति भईया जी के पैरों में गिर गया।
मुझे माफ कर दीजिए भईया जी,
गुस्ताखी माफ भईया जी...आगे से बोलने की गलती नहीं होगी सच्ची ।
अपना सर भईया जी के पैरों पर रखते हुए कहा ।
चल चल अब अपनी पैरों पर खड़ा हो ,
आखिरी और पहली गलती समझ कर माफ कर रहा हूं।
नया नया तजुर्बा मिला है तुझे गांठ बांध लो कि.....
कि भईया जी के सामने अपना मुंह बंद रखना है।
सामने खड़ा व्यक्ति हां में अपना सर हिलाता है।
तभी वहां एक नौजवान लड़का दौड़ते हुए आया ,
भईया जी...
भईया जी ...
अभी अभी मैने उस लड़,,,,, मेरा मतलब भाभी को देखा।
किसी लड़के के साथ घूम रही थी।
भइया जी उस नौजवान लड़के के तरफ मुड़ा,
कौन है बे संजू जो तुम्हारी होने वाले भाभी के ऊपर नजरे गड़ाए बैठा है??
म... मेरा मतलब हाथों में हाथ डालकर पूरा शहर घूम रहा है।
वो भी मेरे होते हुए भी ।
वो ... वो तो नहीं पता भईया जी संजू हांफते हुए बोला ।
" करेजा का टुकड़ा है वो मेरी , जरा पता तो लगाना नमन अपने दाई तरफ मुड़ते हुए बोला ।
कौन है वो शहजादा.... जो मुझ जैसा हैंडसम मुंडा को छोड़ कर हमारी गुलाबों कौन से गंदगी पर मक्खी की तरह भनभना रही है सोचते हुए भईया जी बोले।।।
गुलाब सिंह मैंशन....
राजबीर मेरा बेटा है , ऐसा हो नहीं सकता है कि मैं उसे कोई काम दूं और वो अधूरा छोड़ दे ।
पूरा ट्रक का माल शहर से बाहर पहुंच चुका होगा ।
आप फिकर नहीं कीजिए मित्तल साहब।
समय से पहले आपका ऑर्डर आपके अड्डे पर पहुंच जाएगा।
एक बनारसी बाबू का वादा है आपसे ।
गुलाब सिंह जी किसी से फोन पर बातें कर रहे थे ।
" गौतम मित्तल " मैं इंतजार कर रहा हूं और हां आपके पैसे आपको समय पर मिल जाएगा जैसे ही ऑर्डर मेरे अड्डे पर पहुंच जाए । दूसरी तरफ से फोन रख दिया जाता है ।
दूसरी तरफ वो लड़की जिसके पीछे राजबीर नाम का गुंडा पड़ा था ।
रंग गेहूंआ, तीखे नाक , बड़े बड़े उसकी रेडिश ब्राउन आँखें , कमर से नीचे लटकते उसके काले घने बाल । जिसे वो हमेशा चोटी में रखा करती थी।
सादगी में लिपटा शिव्या बेहद आकर्षक और खूबसूरत लग रही थी ।
देख भाई आज तुम मेरे शहर में आए हो,तो मेरा हक बनता है न तुम्हे अपने पैसों से ट्रीट दूं।
" शिव्या " मैं तेरा भाई कब से बन गया, उसके साथ में सामने बैठा लड़का हैरानी से देखते हुए बोला।
हां तो ... तू कहना क्या चाहता है ??
तू मेरी बहन नहीं है और मैं तेरा भाई नहीं हूं पागल लड़की... हम दोनों बचपन के दोस्त हैं।
कॉलेज चेंज होने से हमारा रिश्ता नहीं बदल सकता है।
चल अब ऑर्डर कर .... मुझे बहुत भूख लगी है मेरी मां।
हां..हां शौर्य मैं अभी करती हूं ।
बोल तू पहले आइसक्रीम खायेगा। शिव्या शौर्य के तरफ देखते हुए पूछी ।
कर दे ...मुझे तो बस खाने से मतलब है , अब जल्दी कर वरना मेरे पेट से चूहे बाहर निकल आयेंगे शौर्य मजाकिया अंदाज में बोला। तो शिव्या हंस पड़ी ।
तू बिल्कुल नहीं बदला है शौर्य.... शिव्या फिर मेन्यू कार्ड पढ़ने लगी ।
मैं तो तुम्हारे लिए कभी नहीं बदलना चाहता हूं शिव्या..
हमेशा तुम्हारे साथ और तुम्हारे पास रहना चाहता हूं।
पता नहीं तुम्हे खोने से अब क्यों डरने लगा हूं ??
इसी डर से मैं तुम्हे आज तक नहीं बता पाया मेरे दिल में तुम्हारे लिए क्या है??
मैं ...मैं तुम्हे अपनी बाहों में भरना चाहता हूं।
" मेरी आंखों में तुम्हारे लिए मोहब्बत है,
तुम्हे समझ नहीं आता क्या ...??
देख तो वर्षों से तेरे दिल में आवारा घूम रहा हूं,
तुम भी मुझे खोने से डरती क्या ...???
जल्द ही मैं तुम्हारे साथ तुम्हारे कॉलेज में साथ नजर आऊंगा।
और यह सरप्राइज़ तुम्हे तुम्हारे बर्थडे पर दूंगा ।
कहां खो गए शौर्य...???
आइस्क्रीम खाओ .... वरना पिघल कर समुंदर बन जाएगी जिसमें तुमको नहाना पड़ेगा शिव्या हंसते हुए बोली।।।
शौर्य होश में आते हुए शिव्या को हंसता देख वो भी हंसने लगा । कही उसकी चोरी पकड़ी न जाए ।
भईया जी वो रही होने वाली भाभी जी ....संजू राजवीर को शिव्या और शौर्य के तरफ इशारा करते हुए बोला ।
इसकी इतनी हिम्मत ..... जो मेरे शिव्या के साथ आइसक्रीम खा रहा है ।
कौन है ये .....???
नमन जरा इसकी जन्म कुंडली निकालना।
जी....जी भईया जी।।।
शाम तक जन्म कुंडली आपके हाथ में होगा ।
शौर्य शिव्या को इशारा किया आइस्क्रीम उसके होठ के साइड में लगा है । खाने में मग्न शिव्या समझ नहीं पा रही थी या यूं कहूं ध्यान नहीं दे रही थी...!!
इसीलिए शौर्य टिशू पेपर निकाल कर लगी आइस्क्रीम साफ कर दिया।
यह नजारा देख कर राजवीर का गुस्सा सर चढ़ चुका था ।
बिना कुछ सोचे राजवीर शिव्या ओर शौर्य के बीच जाकर बैठ गया । शिव्या को घूरने लगा ।
नमन और संजू रोकने की कोशिश किए पर असफल रहे ।
भईया जी भी न .... पता नहीं क्या दिखता है उनको इस लड़की में जो इसके पीछे पागल हुए पड़े हैं।
लगता है मालकिन को बताना पड़ेगा ....
बिल्कुल ठीक कह रहा है संजू , पर जान से जायेंगे अगर मालिक या मालकिन को बताएंगे।
" शौर्य " क्या बतमीजी है??
और तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ? हम दोनों के बीच आकर बैठने की ।
राजवीर शिव्या को बस देखा जा रहा था ।
शौर्य गुस्से में अपनी जगह से खड़ा हो गया।।।
शिव्या का हाथ पकड़ अपनी ओर खींचते हुए ।
तुम्हारे लिए यही अच्छा होगा तुम यहां से उठ जाओ ....??
नहीं उठ रहा मैं तो .... क्या करोगे तुम ???
बोलो राजवीर शौर्य के तरफ देखते हुए बोला ।
शिव्या घबराई हुई थी... शौर्य हम यहां से चलते हैं ।
यह आदमी ठीक नहीं है ।।
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