बिग बैंग के समय सब कुछ ऊर्जा था | तथा अत्यधिक गर्मी थी | गर्मी और उर्जा आपस मिले हुए थे | धीरे धीरे आपस में मिलकर गुरुत्वाकर्षण बना | यह गुरुत्वाकर्षण गर्मी में ही पला | धीरे धीरे गुरुत्वाकर्षण मौजूद उर्जा का साथ मिलकर पदार्थ बना ( mass) और इसी प्रकार हमारे ब्रह्मांड का निर्माण हुआ ||
Farmula = HE = G इस प्रकार गुरुत्वाकर्षण बना |
GE = M इस प्रकार पदार्थ बना ( mass)
पहले उर्जा और गुरुत्वाकर्षण एक ही थे | अत्यधिक गर्मी मे मिले हुए थे | करोड़ों सालों बाद यह गुरुत्वाकर्षण बना | और उसके बाद पदार्थ का निर्माण हुआ | भले ही गुरुत्वाकर्षण और पदार्थ अब अलग _ अलग है | पर बिग बैंग के समय सब अत्यधिक गर्मी और ऊर्जा थे | हमारे ब्रह्मांड मे सभी ग्रह और पदार्थ गुरुत्वाकर्षण और उर्जा का मिलने स हे अस्तित्व न आए |
पदार्थ और ऊर्जा दोनों एक ही रुप में सिमटे हुऐ है | उसी प्रकार ब्रह्मांड की शुरुआत में उर्जा अत्यधिक गर्मी में सिमटी हुई थी | जो बाद में गुरुत्वाकर्षण और पदार्थ बनी |
बिग बैंग के समय सब कुछ ऊर्जा था | तथा अत्यधिक गर्मी थी | गर्मी और उर्जा आपस मिले हुए थे | धीरे धीरे आपस में मिलकर गुरुत्वाकर्षण बना | यह गुरुत्वाकर्षण गर्मी में ही पला | धीरे धीरे गुरुत्वाकर्षण मौजूद उर्जा का साथ मिलकर पदार्थ बना ( mass) और इसी प्रकार हमारे ब्रह्मांड का निर्माण हुआ ||
Farmula = HE = G इस प्रकार गुरुत्वाकर्षण बना |
GE = M इस प्रकार पदार्थ बना ( mass)
पहले उर्जा और गुरुत्वाकर्षण एक ही थे | अत्यधिक गर्मी मे मिले हुए थे | करोड़ों सालों बाद यह गुरुत्वाकर्षण बना | और उसके बाद पदार्थ का निर्माण हुआ | भले ही गुरुत्वाकर्षण और पदार्थ अब अलग _ अलग है | पर बिग बैंग के समय सब अत्यधिक गर्मी और ऊर्जा थे | हमारे ब्रह्मांड मे सभी ग्रह और पदार्थ गुरुत्वाकर्षण और उर्जा का मिलने स हे अस्तित्व न आए |
पदार्थ और ऊर्जा दोनों एक ही रुप में सिमटे हुऐ है | उसी प्रकार ब्रह्मांड की शुरुआत में उर्जा अत्यधिक गर्मी में सिमटी हुई थी | जो बाद में गुरुत्वाकर्षण और पदार्थ बनी |
हम कह सकते हैं कि हमारे ब्रह्मांड में सभी ग्रह, तारे, और अन्य खगोलीय पिंड गुरुत्वाकर्षण और ऊर्जा के मिश्रण से ही अस्तित्व में आए। पदार्थ और ऊर्जा दोनों मूलतः एक ही आधार से उत्पन्न हुए हैं। ठीक उसी प्रकार, ब्रह्मांड की शुरुआत में ऊर्जा अत्यधिक गर्मी में संकुचित थी। जैसे-जैसे समय बीता और ब्रह्मांड ठंडा होने लगा, यह ऊर्जा गुरुत्वाकर्षण और पदार्थ के रूप में विकसित हुई।
इस तरह, हमारे ब्रह्मांड का निर्माण केवल ऊर्जा, गर्मी, गुरुत्वाकर्षण और पदार्थ के परस्पर संबंध और उनके क्रमिक रूपांतरण का परिणाम है। यह प्रक्रिया करोड़ों वर्षों तक चली और अंततः हमें वह ब्रह्मांड मिला जिसमें हम आज रह रहे हैं।
इस पूरे क्रम में, हम यह भी महसूस कर सकते हैं कि ऊर्जा और गुरुत्वाकर्षण का यह मेल, पदार्थ और जीवन के लिए आवश्यक मूलभूत शक्ति प्रदान करता है। यही कारण है कि ब्रह्मांड केवल अस्तित्व में आया ही नहीं, बल्कि उसने व्यवस्थित संरचना और स्थायित्व भी पाया। प्रारंभिक ऊर्जा और गर्मी का यह जटिल खेल धीरे-धीरे गुरुत्वाकर्षण और पदार्थ में परिवर्तित हुआ और हमें वह ब्रह्मांड मिला जिसमें हम आज रह रहे हैं।