ट्रेलर
यह कहानी है हमारे ब्रह्मांड R3G7 की... एक ऐसा ब्रह्मांड जो अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था। तबाही का समय निकट था, लेकिन पृथ्वी के लोग अभी भी अनजान थे।
पृथ्वी पर सात राज्य थे, जिनमें सबसे शक्तिशाली और आधुनिक तकनीकों से लैस राज्य था— 'मंदार' (Mandar)। गगनचुंबी इमारतें, उड़ने वाली ट्रेनें और नैनो-टेक्नोलॉजी यहाँ आम बात थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से इस हाई-टेक शहर में कुदरत का अजीब खेल चल रहा था।
मंदार के एक छोटे से शहर में, भीड़भाड़ से बहुत दूर एक वीरान इलाके में, एक टूटी-फूटी झोपड़ी थी। बाहर से यह कबाड़खाना लगती थी, लेकिन अंदर यह किसी नासा की लैब से कम नहीं थी।
यहाँ रहता था हमारा हीरो— डॉ. आरव।
आरव एक खगोलीय वैज्ञानिक (Astrophysicist) तो था ही, साथ ही वह एक जीनियस 'गैजेट मेकर' भी था। उसके कमरे में चारों तरफ कॉफी के खाली मग और उलझे हुए तार बिखरे रहते थे। उसे कॉफी की लत थी और विज्ञान का नशा।
उसका बस एक ही सपना था— 'टाइम मशीन' बनाना। वह दिन-रात एक ऐसे 'कोड' (Source Code) को बनाने में लगा था, जिससे समय यात्रा के लिए ज़रूरी ऊर्जा मिल सके। उसने कई गैजेट्स बनाए थे—जैसे अंतरिक्ष की सूक्ष्म गतियों को नापने वाला रडार और एक ऐसा विशेष यंत्र जो "भविष्य से आने वाले सिग्नलों" को पकड़ सके। लेकिन वह यंत्र आज तक एक बार भी नहीं बजा था।
खतरे की आहट:
मंदार राज्य में हाहाकार मचा हुआ था।
आसमान में पक्षी दिशा भूलकर गोल-गोल घूम रहे थे, जैसे कोई अदृश्य शक्ति उन्हें नचा रही हो। कुछ शहरों में अचानक ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण) खत्म हो जाती—लोग और गाड़ियाँ हवा में तैरने लगते, और फिर धड़ाम से नीचे गिर जाते।
सबसे डरावनी बात तो 'वक़्त' के साथ हो रही थी। कुछ जगहों पर घड़ियाँ उल्टी चलने लगती थीं। दिन के उजाले में अचानक घोर अन्धेरी रात हो जाती थी। विज्ञान के सारे नियम फेल हो रहे थे।
इसी सिलसिले में मंदार के सुप्रीम लीडर ने देश के टॉप वैज्ञानिकों की एक आपातकालीन सभा बुलाई।
बड़े-बड़े वैज्ञानिक, जो सूट-बूट में थे, अपनी थ्योरी दे रहे थे।
"माननीय सुप्रीम," एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा, "हमें लगता है कि पृथ्वी के नीचे की टेक्टोनिक प्लेट्स खिसक रही हैं। यह भूगर्भीय हलचल है। कुछ दिन में सब ठीक हो जाएगा।"
सुप्रीम ने राहत की सांस ली। सबकी सहमति बन गई।
लेकिन उस भीड़ में एक कोने में खड़ा डॉ. आरव चुप था। उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं। वह जानता था कि यह ज़मीन के नीचे की गड़बड़ी नहीं, बल्कि आसमान के ऊपर... ब्रह्मांड के ताने-बाने (Fabric of Space) में आई कोई दिक्कत है। पर उसने कुछ नहीं कहा, क्योंकि वहां उसकी सुनने वाला कोई नहीं था।
ब्रह्मांडीय धमाका:
सभा खत्म होते ही आरव अपनी मोटरसाइकिल उठाकर तेज़ी से अपनी लैब (उस वीरान झोपड़ी) की तरफ निकल गया।
घर पहुँचकर उसने एक कड़क कॉफी बनाई और खिड़की के पास खड़ा हो गया। उसकी नज़र अपने दोस्त की खाली कुर्सी पर पड़ी।
"कहाँ हो तुम दोस्त? एक महीना हो गया..."
विशेष सूचना (Important Update):
"नमस्ते दोस्तों! कुछ तकनीकी कारणों और कहानी के नए विज़न की वजह से मैंने इस नॉवेल का कवर फोटो बदल दिया है। लेकिन घबराइए नहीं, इस नई फोटो के पीछे वही रोमांचक और खूंखार कहानी छिपी है जो आपको 'VORTX' की दुनिया में ले जाएगी।"
"इस कहानी के अगले रोमांचक भाग बहुत जल्द (कल या परसों तक) आपको सीधे मेरी प्रोफाइल पर पढ़ने को मिलेंगे। आगे की अपडेट्स और ब्लॉकबस्टर चैप्टर्स के लिए मुझे फॉलो करना न भूलें!"
आपका लेखक ✍🏻 ✍🏻
सुरेश सौंधिया [ S C U ]
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