VORTX - 5 in Hindi Science-Fiction by Suresh sondhiya books and stories PDF | VORTX - 5

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VORTX - 5


 VORTX: वर्महोल का प्रलय (एपिसोड 5)

किरदार: डॉ. आरव, रोबोट अंकल (इंसान), सिया और अम्ब्रा (काली परछाई)

दृश्य 1: मौत की पहली मुस्कान

(स्थान: 'द ग्रेट नथिंग' का वीरान ग्रह)

हवा में जमी हुई धूल के बीच से एक साया उभरा। 15 फुट ऊंची वह खौफनाक परछाई जब ज़मीन पर उतरी, तो पत्थर बर्फ की तरह ठंडे पड़ गए। उसके चेहरे पर कोई मांस-पेशी नहीं थी, फिर भी एक सर्द और शैतानी मुस्कान साफ देखी जा सकती थी।

सिया: (दाँत पीसते हुए) "बहुत मुस्कुरा लिए तुम... अब इस ब्रह्मांड की धूल में मिलने के लिए तैयार हो जाओ!"

सिया ने अपनी मुट्ठियां भींची। उसके शरीर से नीली बिजलियां फूटने लगीं। उसने अपनी पूरी जीवमणि की ऊर्जा एक बिंदु पर केंद्रित की और चिल्लाया— "लाइटनिंग स्ट्राइक!"

एक विशाल बिजली की बीम सीधे उस परछाई की तरफ लपकी। धमाका इतना तेज़ था कि पूरा ग्रह कांप उठा। लेकिन धुआं छटते ही सिया की आँखें फटी रह गईं। विलेन ने महज़ अपनी एक उंगली से उस विनाशकारी बीम को हवा में ही रोक रखा था।

अम्ब्रा: (गूंजती हुई, भारी आवाज़ में) "बिजली से खेलते हो? मैं उस अंधकार से बना हूँ जहाँ रोशनी का अस्तित्व ही नहीं है।"

दृश्य 2: अजेय शक्ति - 'अम्ब्रा'

सिया हार मानने वालों में से नहीं था। वह बिजली की रफ़्तार से अम्ब्रा की ओर बढ़ा और हवा में 20 फीट ऊपर उछल गया। उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर अम्ब्रा के सीने पर प्रहार किया।

सिया: "यह मुक्का तुम्हें तुम्हारी औकात बताएगा!"

धड़ाम! प्रहार इतना ज़ोरदार था कि उसकी शॉकवेव से आसपास की चट्टानें टूटकर गिर गईं। पर अम्ब्रा अपनी जगह से एक इंच भी नहीं हिला।

अम्ब्रा: (सिया का गला हवा में ही पकड़ते हुए) "बस इतनी ही ताकत है तुम्हारे पास? तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, बच्चे!"

अम्ब्रा ने हवा में हाथ लहराया। एक अदृश्य ऊर्जा ने सिया को किसी खिलौने की तरह 10 फीट ऊपर उछाला और ज़मीन पर पटक दिया। सिया के मुंह से खून की धार निकल पड़ी।

डॉ. आरव: (दूर से चिल्लाते हुए) "सिया! पीछे हटो! यह हमारे बस की बात नहीं है। अंकल, हमें यहाँ से तुरंत निकलना होगा!"

आरव और रोबोट अंकल तेज़ी से स्पेसशिप की ओर भागे। सिया दर्द से कराह रहा था, पर उसकी नज़रें अम्ब्रा पर थीं। वह डगमगाते हुए खड़ा हुआ।

सिया: (अपने खून को पोंछते हुए) "आरव... भागो! मैं इसे... इसे उलझाए रखता हूँ!"

दृश्य 3: रोबोट अंकल का पलटवार

जैसे ही आरव और रोबोट अंकल स्पेसशिप के अंदर पहुँचे, आरव ने इंजन स्टार्ट करने की कोशिश की। लेकिन रोबोट अंकल ने अचानक हथियारों का पैनल अपनी ओर खींच लिया।

रोबोट अंकल: "सिर्फ भागने से बात नहीं बनेगी डॉक्टर। इसे याद दिलाना होगा कि इंसानी दिमाग क्या कर सकता है। होल्ड ऑन!"

रोबोट अंकल ने बटन दबाया। स्पेसशिप के नीचे से दो हेवी मिसाइल लॉन्चर बाहर निकले।

बूम! बूम! बूम!

लगातार 12 मिसाइलों ने अम्ब्रा को घेर लिया। आग का एक बवंडर बन गया। अम्ब्रा को कोई घाव तो नहीं हुआ, लेकिन धमाकों के प्रचंड वेग (Pressure) ने उसे पीछे धकेल दिया... वह सीधा उस प्राचीन 'वर्महोल दरवाज़े' के खंभों से जा टकराया।

दृश्य 4: टूटा हुआ आयाम और वर्महोल

अम्ब्रा अब गुस्से से पागल हो चुका था। उसकी आँखों से लाल डार्क मैटर निकलने लगा।

अम्ब्रा: "तुम कीड़ों की यह हिम्मत? अब इस दरवाज़े के साथ तुम्हारा वजूद भी खत्म होगा!"

उसने दहाड़ते हुए उस विशालकाय पोर्टल के एक भारी पत्थर के खंभे को जड़ से उखाड़ लिया। उसकी ताकत अकल्पनीय थी। उसने वह खंभा किसी भाले की तरह स्पेसशिप की ओर फेंक दिया।

सिया: "नहीं!"

सिया बिजली की गति से उड़ते हुए स्पेसशिप के अंदर घुसा, ताकि वह अंकल और आरव को बचा सके। खंभा स्पेसशिप से तो नहीं टकराया, लेकिन उसके उखड़ने से पोर्टल का संतुलन बिगड़ गया।

कड़कड़ाने की आवाज़ आई... और अचानक अंतरिक्ष का पर्दा फट गया। एक विशाल 'वर्महोल' (Wormhole) नीले और काले रंगों में जलने लगा।

डॉ. आरव: "ग्रेविटी फेल हो रही है! यह वर्महोल हमें निगल रहा है!"

एक भयानक खिंचाव हुआ। स्पेसशिप, सिया और खुद अम्ब्रा... सब कुछ उस वर्महोल के पेट में समा गए। वे एक ब्रह्मांड से मिटकर समय और स्थान की सीमाओं को पार कर रहे थे।

दृश्य 5: नई दुनिया की दहलीज

वर्महोल के अंदर का दबाव किसी भी आम इंसान के शरीर के चिथड़े उड़ा सकता था। लेकिन जीवमणि की सुरक्षा के कारण सिया बच गया, और आरव-अंकल को स्पेसशिप की हाई-टेक शील्ड ने बचा लिया।

मल्टीवर्स के इस सफर ने अम्ब्रा जैसे ताकतवर विलेन को भी हिलाकर रख दिया। जैसे ही वे दूसरे ब्रह्मांड की सीमा में गिरे, अम्ब्रा झटके बर्दाश्त नहीं कर पाया और अंतरिक्ष के मलबे के साथ दूर गिरकर बेहोश हो गया।

स्पेसशिप के अंदर अलार्म बज रहे थे। सिया रेंगते हुए कंट्रोल रूम तक पहुँचा।

सिया: "अंकल! आरव! क्या सब ठीक है?"

उसने देखा रोबोट अंकल का शरीर नीला पड़ रहा था। उनके इंटरनल सिस्टम फेल हो रहे थे। बेहोश होने से ठीक पहले अंकल की कांपती उंगलियों ने एक आखिरी कमांड दी थी।

नेविगेशन स्क्रीन: "Destination Set: Earth (Main Timeline). Landing Initiated."

स्पेसशिप अब तेज़ गति से एक सुंदर नीले ग्रह—पृथ्वी की ओर बढ़ रहा था।

दृश्य 6: उपसंहार (अम्ब्रा की शायरी)

पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय स्पेसशिप आग के गोले में बदल रहा था। दूर, अंतरिक्ष के सन्नाटे में अम्ब्रा की आँखें धीरे से खुलीं। उसने अपने सामने उस नई पृथ्वी को देखा और उसके मन में विनाश की एक कविता जागी:

"मिट्टी की खुशबू में अब ज़हर घुलेगा,

अम्ब्रा के आने से मौत का मंज़र खुलेगा।

न मणि बचेगी, न सूरज की कोई किरण,

अब हर साँस पर अंधेरे का खंजर चलेगा!"

लेखक: सुरेश सौंधिया [ S C U ]