कुछ ज्ञान की बातें 3
प्लूटो एक लुप्त प्लेनेट
नोट - इस आलेख में कुछ ऐसी प्राकृतिक बातों पर प्रकाश डालने ला प्रयत्न किया गया है जिसे हम अक्सर देखते हैं और उसके बारे में और जानने की जिज्ञासा होती है , इस लेख में प्लूटो ग्रह के बारे में पढ़ें …
खगोलशास्त्र ( astrology ) के अनुसार 24 अगस्त 2006 के पहले नौ ग्रह या प्लैनेट्स होते थे . उस दिन तात्कालिक एक नए ग्रह प्लूटो को अल्पायु में रिटायर कर दिया गया यानी वह ग्रह नहीं रहा और उसे एक “ बौना ग्रह “ ( dwarf planet ) भी कहा .
प्लेनेट या ग्रह क्या है - अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ( IAU ) के अनुसार ग्रह एक खगोलीय पिंड है जो तीन विशेषताएं रखता है - 1 .सूर्य की परिक्रमा करता है 2 अपने गुरुत्वाकर्षण के कारण लगभग गोलाकार ( spherical ) होता है और 3 .अपनी कक्षा के आसपास के क्षेत्र को साफ कर चुका होता है यानी अपने शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण ( gravitation ) बल के चलते अपनी कक्षा में अन्य किसी आकाशीय पिंड को नहीं रहने देता है हमारे सौर मंडल में आठ मान्यता प्राप्त ग्रह बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस ( अरुण ) और नेपच्यून ( वरुण ) हैं .
प्लूटो कब और कहाँ मिला - अमेरिका के एरिज़ोना प्रांत के उत्तर में 7000 ऊंचे पहाड़ पर एक शहर है फ्लैगस्टाफ्फ . यह शहर अपने मशहूर ‘ लोवेल वेधशाला ‘ के लिए जाना जाता है . इसी वेधशाला में 1930 में कार्यरत अमेरिकी खगोलशास्त्री क्लाइड टॉमबॉग ने प्लूटो ग्रह की खोज की थी . हालांकि 1916 में ही लोवेल को इस मायावी पिंड की जानकारी थी पर वे दुनिया के सामने इसे पेश नहीं कर सके थे .टॉमबॉग ने एक उपकरण “ ब्लिंक कॉम्पेरेटर “ ( The Blink Comparator ) के उपयोग से 1930 में उस रहस्यमय पिंड को खोज निकाला . इस तकनीक से वे शाम के आकाश की दो-दो तस्वीरें लेते और फिर एक विशेष व्यूअर का उपयोग करके दोनों तस्वीरों के बीच सूक्ष्म अध्ययन करते थे . महीनों के प्रयास के बाद अंततः 18 फरवरी 1930 में उन्होंने एक खगोलीय वस्तु देखी जो दो तस्वीरों के बीच हिलती रहती थी अमेरिकन फिजिकल सोसाइटी ने इस पिंड को प्लूटो ग्रह कहा .
हिंदी में प्लूटो को यम ( Yama) यानी मृत्यु और न्याय के देवता के नाम से जाना जाता है . ज्योतिष इसे वृश्चिक राशि (Scorpio) और अष्टम भाव से संबंधित मानते हैं , जो जीवन के गहरे रहस्यों और आध्यात्मिक विकास का द्योतक है .आधुनिक वैदिक ज्योतिष में इसे "छाया ग्रह" या धीमी गति से चलने वाला प्रभाव माना जाता है, जो अक्सर वृश्चिक राशि से जुड़ा होता है . ग्रीक भाषा में प्लूटो का अर्थ पाताल लोक का देवता ( Greek God of the underworld ) होता है .
प्लूटो का रिटायरमेंट या डिमोशन ( demotion = पदावनत करना ) - प्लूटो के रिटायरमेंट की बात कुछ अजीब लगती है पर यह सत्य है . बेचारा प्लूटो हमेशा से ही विषम स्थिति में रहा है . इस बौने ग्रह ( dwarf planet ) का व्यास मात्र 2375 है जो पृथ्वी के व्यास का केवल 20 % हिस्सा है . प्लूटो बहुत धीमी गति से चलते हुए करीब 248 वर्षों में एक बार सूर्य की परिक्रमा करता है .
चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में 24 अगस्त 2006 को अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU के सदस्यों की महासभा हुई थी . इस में ग्रहों की परिभाषा प्रस्ताव पर मतदान हुआ था . इसमें निर्णय हुआ कि प्लूटो को सौर मंडल के नौवें और सबसे बाहरी ग्रह के दर्जे से हटा दिया जाय और इसे एक अलग बौने ग्रह की श्रेणी में रख दिया गया . इसे ग्रहों की श्रेणी से हटाने का मुख्य कारण - इसका अपने आसपास के अन्य पिंडों की कक्षीय स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव न होना था ( उपरोक्त लिखी विशेषता नंबर 3 )
हमारे सौर मंडल के सबसे छोटे ग्रह की संक्षिप्त जीवन की कथा 75 साल की आयु में समाप्त हो गयी जो आज के एक मानव जीवन काल से भी छोटा प्रतीत होता है .
टॉमबॉग का निधन 1997 में हो गया था . उन्हें यह कभी पता नहीं चला कि उनके द्वारा खोजे गए ग्रह को पदावनत ( demote ) कर दिया गया था.
क्रमशः
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