Wrong Decision in Hindi Love Stories by Md Siddiqui books and stories PDF | गलत फैसला

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गलत फैसला

यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। इसका किसी भी व्यक्ति, स्थान या घटना से कोई सीधा संबंध नहीं है। कहानी का उद्देश्य केवल मनोरंजन और एक सामाजिक संदेश देना है।

गाँव छोटा था लेकिन वहाँ की बातें दूर-दूर तक पहुँच जाती थीं। उसी गाँव की एक छोटी-सी किराने की दुकान थी जिसे एक बहुत ही खूबसूरत लड़की चलाती थी। उसका नाम माही था।

माही की खूबसूरती सिर्फ उसके चेहरे में नहीं थी बल्कि उसके स्वभाव में भी थी। वह हमेशा मुस्कुराकर लोगों से बात करती हर ग्राहक की इज़्ज़त करती। यही वजह थी कि पूरे गाँव के लोग उसकी दुकान पर आते थे।
कई लड़के तो सिर्फ उसे देखने के लिए दुकान के चक्कर लगाते थे। गाँव में अक्सर लोग कहते थे —
माही जैसी लड़की पूरे इलाके में नहीं है।
उसी गाँव में राज नाम का एक लड़का रहता था। राज देखने में अच्छा था लंबा-चौड़ा और थोड़ा दबंग किस्म का भी था। गाँव के कई लड़के उससे डरते थे लेकिन राज का दिल बुरा नहीं था।
एक दिन राज भी माही की दुकान पर गया।
एक पैकेट बिस्कुट देना राज ने कहा।
माही ने मुस्कुराते हुए बिस्कुट दिया।
बस उसी दिन से राज का दुकान पर आना शुरू हो गया।
पहले वह सामान लेने आता था फिर धीरे-धीरे बातों का सिलसिला बढ़ गया। कभी मौसम की बात कभी गाँव की कभी जिंदगी की।
समय बीतता गया और दोनों को पता ही नहीं चला कि कब उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई।
अब हाल यह था कि अगर एक दिन भी राज दुकान पर नहीं आता तो माही बेचैन हो जाती। और अगर माही को देखे बिना राज का दिन गुजर जाए तो उसे कुछ अधूरा-सा लगता।
लेकिन प्यार की खबर गाँव में ज्यादा दिन छिपी नहीं रहती।
कुछ ही दिनों में दोनों के घरवालों को इस बारे में पता चल गया।
माही के माता-पिता ने साफ कह दिया 
यह रिश्ता हमें मंजूर नहीं है।
राज के घरवालों ने भी यही कहा 
अभी तुम्हारी उम्र नहीं है शादी की पहले कुछ बनो।
लेकिन प्यार में पड़े दो लोगों को समझाना आसान नहीं होता।
एक रात राज ने माही से कहा 
अगर हम यहाँ रहे तो कभी साथ नहीं रह पाएंगे चलो कहीं दूर चलकर शादी कर लेते हैं।
माही पहले तो डर गई, लेकिन राज के प्यार और वादों पर भरोसा करके वह तैयार हो गई।
एक रात दोनों चुपचाप गाँव छोड़कर दूसरे शहर चले गए।
वहाँ जाकर उन्होंने शादी कर ली।
शुरू-शुरू में उनकी जिंदगी बहुत खुशहाल लगी। उन्हें लगा कि उन्होंने दुनिया जीत ली है।
एक छोटा-सा कमरा किराए पर लिया साथ में खाना बनाया, साथ में सपने देखे।
लेकिन असली जिंदगी की मुश्किलें धीरे-धीरे सामने आने लगीं।
राज के पास कोई पक्का काम नहीं था। पहले-पहले उसने काम ढूँढने की कोशिश की लेकिन उसे अच्छी नौकरी नहीं मिली।
पैसों की तंगी बढ़ने लगी।
धीरे-धीरे राज का स्वभाव बदलने लगा।
वह दोस्तों के साथ बैठकर शराब पीने लगा।
शुरू में कभी-कभी पीता था लेकिन फिर यह आदत रोज की बन गई।
शराब के नशे में वह माही से झगड़ा करने लगा।
कभी-कभी बात इतनी बढ़ जाती कि वह माही पर हाथ भी उठा देता।
जिस प्यार के लिए माही ने अपना घर अपने माँ-बाप और अपना गाँव छोड़ा था वही प्यार अब उसके लिए दर्द बन चुका था।
कई साल ऐसे ही गुजर गए।
आखिरकार दोनों ने सोचा कि वापस गाँव लौट जाना चाहिए।
शायद घरवाले उन्हें माफ कर दें।
जब वे गाँव लौटे तो लोगों की नजरें बदल चुकी थीं।
राज के घरवालों ने कुछ समय बाद उसे घर में जगह दी लेकिन जब उन्हें पता चला कि राज शराब का आदी हो चुका है, तो उन्होंने उसे घर से निकाल दिया।
जिसे अपनी जिंदगी की कद्र नहीं उसे हम अपने घर में नहीं रख सकते।
यह कहकर उन्होंने राज से नाता तोड़ लिया।
अब हालत यह थी कि न तो राज की कोई इज़्ज़त रही न ही कोई उसे पूछता था।
वह दिन भर इधर-उधर भटकता और शराब पीकर अपनी जिंदगी बर्बाद करता रहा।
दूसरी तरफ माही ने हिम्मत नहीं हारी।
वह फिर से अपनी पुरानी दुकान संभालने लगी।
मेहनत और इमानदारी से उसने अपनी जिंदगी को फिर से खड़ा किया।
गाँव के लोग अब भी उसकी इज़्ज़त करते थे क्योंकि उसने हार नहीं मानी थी।
लेकिन जब भी वह राज को शराब के नशे में लड़खड़ाते हुए देखती तो उसकी आँखों में एक दर्द जरूर झलक जाता।
उसे याद आता कि कभी यही राज उसके सपनों का राजकुमार था।
जिसके साथ उसने पूरी जिंदगी बिताने के सपने देखे थे।
लेकिन गलत फैसले और बुरी आदतों ने सब कुछ बदल दिया।


कहानी का संदेश:
कभी-कभी बिना सोचे-समझे माँ-बाप की इजाज़त के बिना घर से भागकर शादी करना सही नहीं होता।
प्यार सिर्फ साथ रहने का नाम नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का भी नाम है।
अगर इंसान अपनी जिम्मेदारी से भाग जाए तो सबसे खूबसूरत रिश्ता भी टूट जाता है।