Zero Code in Hindi Detective stories by Md Siddiqui books and stories PDF | शून्य कोड

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शून्य कोड


शहर मुंबई


जहाँ हर दिन लाखों लोग जीते हैं
और कुछ लोग चुपचाप खेल खेलते हैं मौत का
एक सुबह शहर के सबसे बड़े बैंक का सर्वर क्रैश हो जाता है और 500 करोड़ रुपये गायब हो जाते हैं ना कोई हैकर ट्रेस होता है ना कोई ब्रेक-इन सब कुछ सिस्टम के अंदर से हुआ था पुलिस जांच शुरू करती है लेकिन हर बार सिस्टम उन्हें गलत दिशा में ले जाता है जैसे कोई हर कदम पहले से जानता हो कि पुलिस क्या करने वाली है इसी बीच एक और घटना होती है एक बड़े बिजनेसमैन की कार चलते-चलते ब्लास्ट हो जाती है, लेकिन कोई सबूत नहीं मिलता कि बम कहाँ से लगाया गया अब मामला सिर्फ चोरी नहीं रहा ये एक खतरनाक खेल बन चुका था मीडिया इसे नाम देता है शून्य गिरोह क्योंकि ये लोग आते हैं काम करते हैं और बिना कोई निशान छोड़े गायब हो जाते हैं
पुलिस कमिश्नर हर कोशिश कर लेता है, लेकिन हर बार गिरोह उससे 2 कदम आगे रहता है।
अब सरकार दबाव में आती है और एक ऐसे इंसान को बुलाया जाता है जिसे लोग सिर्फ एक नाम से जानते हैं 
आर्यन द डिटेक्टिव
आर्यन कोई आम इंसान नहीं था वो केस नहीं सुलझाता था
 वो दिमाग पढ़ता था


उसकी एंट्री के साथ ही कहानी का गेम बदल जाता है आर्यन सबसे पहले पुराने सारे केस एक साथ जोड़ता है और एक पैटर्न ढूंढता है
उसे पता चलता है कि ये गिरोह सिर्फ पैसे के लिए काम नहीं करता ये हर वार के पीछे एक बड़ा प्लान छुपा रहा है इसी बीच तीसरा हमला होता है एक सरकारी डेटा सेंटर हैक हो जाता है और देश की कई गोपनीय फाइलें लीक हो जाती हैं अब मामला देश की सुरक्षा तक पहुंच चुका था


आर्यन समझ जाता है कि ये गिरोह टेक्नोलॉजी साइकोलॉजी और टाइमिंग तीनों में मास्टर है
वो एक अजीब बात नोटिस करता है हर हमले के बीच ठीक 9 दिन का गैप होता है जैसे कोई काउंटडाउन चल रहा हो आर्यन कहता है ये चोरी नहीं ये तैयारी है पुलिस को कुछ समझ नहीं आता लेकिन आर्यन चुपचाप अपना जाल बिछाना शुरू कर देता है वो जानबूझकर एक फेक जानकारी सिस्टम में डालता है कि एक खास दिन देश का सबसे बड़ा ट्रांजैक्शन होने वाला है और ठीक उसी दिन सिस्टम फिर से हैक हो जाता है लेकिन इस बार आर्यन तैयार होता है वो एक छुपा हुआ कोड ट्रैक करता है और पहली बार गिरोह का एक छोटा सदस्य पकड़ में आता है पूछताछ में वो कुछ नहीं बोलता बस एक लाइन कहता है हम दिखते नहीं क्योंकि हम हर जगह हैं आर्यन को अब यकीन हो जाता है कि ये गिरोह बाहर से नहीं, सिस्टम के अंदर से ऑपरेट कर रहा है जांच में पता चलता है कि गिरोह के कुछ लोग सरकारी सिस्टम बैंक और मीडिया तक में घुसे हुए हैं यानी दुश्मन सामने नहीं अंदर बैठा है अब आर्यन एक खतरनाक प्लान बनाता है वो खुद को गिरोह के सामने लाने का फैसला करता है वो जानबूझकर एक कोड भेजता है जिससे गिरोह को लगता है कि आर्यन उनकी असली पहचान तक पहुंच गया है और यही होता है गिरोह खुद उसे खत्म करने निकल पड़ता है
एक रात
अंधेरी सड़क
बारिश
और अचानक गोलियों की आवाज़ 


आर्यन पर हमला होता है लेकिन वो बच जाता है और पहली बार गिरोह का असली चेहरा देखता है
 ये कोई गैंग नहीं
 ये एक खुफिया नेटवर्क है जिसका नाम है
 Zero Code


इस नेटवर्क का लीडर कोई बाहर का दुश्मन नहीं बल्कि देश का ही एक बड़ा अधिकारी होता है
जिसने सिस्टम की कमजोरी को देखा और उसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया उसका मकसद सिर्फ पैसा नहीं था वो सिस्टम को कंट्रोल करना चाहता था  आर्यन पुलिस और स्पेशल फोर्स के साथ मिलकर एक आखिरी ऑपरेशन प्लान करता है लोकेशन एक अंडरग्राउंड डेटा सेंटर जहाँ Zero Code का पूरा नेटवर्क चलता है
गोलियां
ब्लास्ट
हैकिंग
हर सेकंड मौत सामने खड़ी होती है


लेकिन आखिरकार आर्यन लीडर तक पहुंच जाता है दोनों आमने-सामने लीडर मुस्कुराता है तुम जीत नहीं सकते क्योंकि सिस्टम मेरा है आर्यन जवाब देता है सिस्टम तुम्हारा हो सकता है लेकिन सच नहीं और फिर पूरा नेटवर्क क्रैश कर दिया जाता है पुलिस अंदर घुसती है और एक-एक करके पूरा गिरोह गिरफ्तार हो जाता है

जब अपराध दिमाग से खेला जाता है
तो उसे हराने के लिए ताकत नहीं
एक खतरनाक दिमाग चाहिए



यह कहानी पूर्ण रूप से काल्पनिक है और इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन करना है
कहानी में दिखाए गए सभी पात्र स्थान घटनाएं और संस्थाएं लेखक की कल्पना पर आधारित हैं।
यदि इसका किसी भी वास्तविक व्यक्ति घटना या स्थान से कोई संबंध या समानता पाई जाती है तो इसे मात्र एक संयोग समझा जाए
इस कहानी का किसी भी अवैध गतिविधि अपराध या गलत कार्य को बढ़ावा देने का कोई उद्देश्य नहीं है