इस घर में प्यार मना है in Hindi Drama by Sonam Brijwasi books and stories PDF | इस घर में प्यार मना है - 37

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इस घर में प्यार मना है - 37

घर का लिविंग रूम…संशिका और अंशिका अब थोड़ी बड़ी हो गई थीं…दोनों भाग-दौड़ मचा रही थीं 😄 कार्तिक उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहा था —

कार्तिक बोला - 
अरे मेरी परियों… इधर आओ!

दोनों एक साथ चिल्लाईं —

संशिका & अंशिका बोली - 
हम पापा की परियाँ हैं!!! 👸👸

तभी मोहन एंट्री मारता है 😎

मोहन बोला - 
और मैं हूँ… चाचा की गैंग का लीडर 😏

दोनों बच्चियाँ तुरंत उसकी तरफ भागीं —

अंशिका बोली - 
पापा!!!

अब टीम बन गई 😄

👉 पापा की परियाँ — (कार्तिक + संस्कृती 💖)
👉 चाचा की गैंग — (मोहन + दोनों बच्चियाँ 😎)

पारो सिर पकड़कर बैठ गई 😂

पारो बोली - 
हे भगवान… ये घर है या वॉर ज़ोन!

एक दिन…संस्कृति ने फ्रिज में चॉकलेट रखी 🍫

और सख्ती से बोला —
कोई चॉकलेट नहीं खाएगा!

रात को…मोहन धीरे से दोनों बच्चियों को बुलाता है 😏

मोहन (धीरे से) बोला - 
मिशन चॉकलेट शुरू करें?

दोनों की आँखें चमक गईं 😍

संशिका बोली - 
Yes चाचू!!!

अंशिका बोली - 
Ok papa 

तीनों चुपके से किचन में घुसते हैं…मोहन उन्हें ऊपर चढ़ाता है…
अंशिका चॉकलेट निकालती है…अचानक…लाइट ऑन 😳
संस्कृति सामने खड़ी 😡

संस्कृति बोली - 
तो ये चल रहा है यहाँ!

तीनों freeze 😂

मोहन (डरते हुए) बोला - 
भाभी… मैं तो बस बच्चों को… science experiment सिखा रहा था 😅

कार्तिक हँस पड़ा —

कार्तिक बोला - 
Experiment या चोरी? 😄

दोनों बच्चियाँ हँसते-हँसते पकड़ी गईं 😂
एक दिन…घर में बहुत शांति थी…जो कि खतरनाक साइन था 😄
संस्कृति और पारो दौड़कर कमरे में गईं…और जो देखा — 😳
दीवार पर पूरा “आर्ट गैलरी” बना हुआ था 🎨
👉 टेढ़े-मेढ़े फूल 🌸
👉 गोल-मोल चेहरे 😄
👉 और बीच में बड़ा सा लिखा —
“We Love Papa & Chachu” ❤️
संशिका और अंशिका हाथ में रंग लिए खड़ी थीं 😅

संस्कृति (गुस्से में) बोली - 
ये किसने किया??

दोनों उंगली मोहन की तरफ 😆

संशिका बोलीं - 
चाचू ने!!!

अंशिका बोली - 
हां पापा ने !!!

मोहन shock 😳

मोहन बोला- 
अरे! मैं तो बस inspiration दे रहा था 😭

कार्तिक जोर से हँस पड़ा 😂 फिर उसने दोनों बच्चियों को गोद में उठा लिया —

कार्तिक बोला - 
मेरी परियाँ तो आर्टिस्ट निकली 😄

संस्कृति भी हँसी रोक नहीं पाई 💖 अब उस घर में हर दिन 👉 शरारत 👉 हँसी 👉 और प्यार का धमाल चलता रहता था 💛
“पापा की परियाँ 🆚 चाचा की गैंग”
= सबसे क्यूट वॉर 😎💖

सुबह-सुबह घर में हड़कंप मचा हुआ था…संस्कृति और पारो दोनों भाग-दौड़ कर रही थीं 😄

संस्कृति बोली - 
जल्दी करो! बस आने वाली है!

पारो बोली - 
अरे इनके रिबन तो बाँधने दो पहले!

संशिका और अंशिका नई यूनिफॉर्म में…छोटे-छोटे बैग लेकर तैयार 😍 लेकिन…दोनों का मुँह बना हुआ 😒

अंशिका (रोने वाली आवाज में) बोली - 
मम्मा… स्कूल नहीं जाना…

पारो बोली - 
जाना तो पड़ेगा बेटा mumma कुछ नहीं कर सकतीं।

संशिका संस्कृति से बोली - 
Mumma हम घर पर ही पढ़ लेंगे 😢

संस्कृति बोली - 
घर पे पढ़ाई नहीं होती...school में ही होती है जाना तो पड़ेगा।
हम भी जाते थे बचपन में।

तभी मोहन एंट्री 😎

मोहन बोला - 
कोई नहीं जाएगा! चाचा की गैंग छुट्टी पर है आज!

संस्कृति ने घूरा 😡

संस्कृति बोली - 
मोहन!!!

पारो बोली - 
पहले दिन ही छुट्टी करा दीजिए आप...

कार्तिक ने बच्चों को गोद में लिया —

कार्तिक (प्यार से) बोला - 
बस आज पहला दिन है… फिर मज़ा आएगा।

आखिरकार…रोते-रोते दोनों बस में बैठ गईं 😢बस जाते ही…
दोनों मम्मियाँ थककर सोफे पर गिर गईं 😩

पारो बोली - 
इतना थक गई जैसे हम ही स्कूल जा रहे थे 😭

शाम को…दोनों बच्चियाँ घर आईं…पूरा दिन मस्ती करके 😄
संस्कृति ने बैग खोला…

संस्कृति बोली - 
चलो होमवर्क निकालो।

दोनों ने एक-दूसरे को देखा 😏 फिर धीरे से मोहन के पास भागीं —

संशिका बोली - 
चाचू… बचाओ!!! 😭

अंशिका बोली - पापा please help 

मोहन छाती चौड़ी करके —

मोहन बोला - 
डरो मत! चाचा की गैंग है ना 😎

वो कॉपी उठाता है…और खुद ही confused 😳

मोहन बोला - 
ये… ‘A for Apple’ इतना मुश्किल कब से हो गया?
अरे ये पढ़ाई मुझे बचपन से ही पसंद नहीं थी। भैया मार मार के पढ़ते थे। क्यों भैया.....

कार्तिक हँस पड़ा 😂

कार्तिक बोला - 
तू पहले खुद पास हो जा… फिर बच्चों को पढ़ाना 😄

आखिर में…👉 मम्मियाँ पढ़ा रही थीं 😤 👉 पापा समझा रहे थे 😅  और चाचा बस बीच में commentary कर रहा था 😎
अगले दिन…स्कूल से शिकायत आई 😳

टीचर बोलीं - 
आपकी बच्चियाँ क्लास में बहुत शरारत करती हैं…

घर में मीटिंग बैठी 😄

संस्कृति (गुस्से में) बोली - 
ये सब तुम्हारी वजह से है मोहन!

मोहन (सीधा बनकर) बोला - 
भाभी मैं तो बच्चों को good values सिखाता हूँ 😇”

पारो बोली - 
हाँ… चोरी, मस्ती और भागना 😑

कार्तिक बच्चों के पास बैठा —

कार्तिक बोला - 
ऐसा क्यों किया बेटा?

दोनों मासूम बनकर —

संशिका बोली - 
टीचर boring हैं…पापा....

अंशिका बोली - 
इसलिए हम हँसा रहे थे 😄 ताऊ जी उन्हें....

सब हँस पड़े 😂 संस्कृति और पारो ने सिर पकड़ लिया 😩

संस्कृति बोली - 
हे भगवान… ये दोनों हमें पागल कर देंगी!

मोहन गर्व से —

मोहन बोला - 
ये हैं… चाचा की गैंग 😎🔥

कार्तिक मुस्कुराया —

कार्तिक बोला - 
और मेरी… पापा की परियाँ 👸💖

दोनों बच्चियाँ दौड़कर दोनों से लिपट गईं 💛 अब घर का हाल ये था —
👉 मम्मियाँ — परेशान 😩
👉 पापा — इमोशनल 😌
👉 चाचा — ओवरकॉन्फिडेंट 😎
👉 और बच्चियाँ — पूरी शरारती 😄🔥

“पापा की परियाँ 🆚 चाचा गैंग” = घर का सबसे बड़ा कॉमेडी शो 😂💖

शाम का वक्त था…घर में हल्की-हल्की हँसी गूंज रही थी… संशिका और अंशिका फर्श पर बैठकर खेल रही थीं 😄 मोहन उनके साथ फिर कोई “मिशन” बना रहा था 😎 कार्तिक दूर से मुस्कुराते हुए ये सब देख रहा था… और संस्कृति-पारो किचन से झांककर सबको देख रही थीं 💛

संस्कृति धीरे से बोली —
पारो… यही घर था… जहां प्यार करना मना था…।
जहां बस दर्द था...डर था...

पारो की आँखें भर आईं…

पारो बोली - 
हाँ भाभी…जहाँ डर था… दर्द था… और बस आँसू थे…।

दोनों कुछ पल के लिए चुप हो गईं…तभी… संशिका दौड़कर आई और संस्कृति से लिपट गई —

संशिका बोली - 
मम्मा… देखो ना! चाचू cheating कर रहे हैं 😤

सब हँस पड़े 😂 संस्कृति ने उसे गोद में उठा लिया… 

और उसकी आँखों में देखते हुए बोली —
अब इस घर में सिर्फ… प्यार है 💖

कार्तिक पास आया…उसने संस्कृति के कंधे पर हाथ रखा…

कार्तिक बोला - 
और ये सब… तुम्हारी वजह से है…

संस्कृति ने सिर हिलाया —

संस्कृति बोली - 
नहीं… ये सब हम सबकी वजह से है…

मोहन भी पास आया…इस बार बिना मज़ाक के…

मोहन (भावुक होकर) बोला - 
अगर उस दिन आपने हिम्मत ना दिखाई होती भाभी…
तो शायद हम आज भी… उसी अंधेरे में होते…

पारो ने आँसू पोंछे…

पारो बोली - 
आप सिर्फ भाभी नहीं…हमारी ज़िंदगी की सबसे बड़ी ताकत हो…।

संस्कृति बोली - 
पर अगर उस दिन आप सबने मेरा साथ ना दिया होता तो हम अभी भी उसी घर में होते। अगर उस रात मुझे लेके घर से भागे ना होते तो अभी भी सिर्फ आंसु होते।

संस्कृति मुस्कुराई…पर उसकी आँखों में भी आँसू थे 💖
तभी…

अंशिका ने ज़ोर से कहा —
हमारा घर सबसे बेस्ट है!!! 😄

सब एक साथ हँस पड़े 😂 कार्तिक ने दोनों बच्चियों को गोद में उठा लिया…

कार्तिक बोला - 
हाँ… क्योंकि यहाँ…ना कोई डर है… ना कोई रोक…बस… प्यार ही प्यार है 💛

👉 वो जगह जहाँ कभी काली कोठरी थी…अब वहाँ बच्चों की हँसी गूंजती है 😄
👉 वो दिल जो कभी डरे हुए थे…अब खुले आसमान की तरह आज़ाद हैं 💫
👉 और वो लोग…जो कभी टूटे हुए थे…आज एक-दूसरे की ताकत बन चुके हैं 💖

आख़िरी लाइन —

👉 “जिस घर में कभी प्यार मना था…
आज वही घर… प्यार की सबसे खूबसूरत कहानी बन गया…” ✨💛

THE END 💖