अब तक....!
राशि फौरन उसका हाथ पकड़ कर बोली- नहीं हमें कुछ ठीक नहीं लग रहा। आप बाहर ना जाएं।
आद्वैत ने अपने हाथ को देखा जिसे राशि ने शायद पहली बार अपनी मर्जी से पकड़ा था।राशि की भी नजर दोनों के हाथ पर गई उसने फौरन हाथ छोड़कर कहा- बाहर खतरा हो सकता है।
अद्वैत जो उसके तरफ़ स्नेह से देख रहा था चिढ़कर बोला- आपको हमारी चिंता करने की जरूरत नहीं है। बस आप कार से मत निकालना कहकर वो उतर गया।
आगे...!
उसने बाहर निकल कर उस आदमी को देखा जो जमिन पर पड़ा था। वो आगे बढ़ा। अभी वो कुछ कदम दूर ही था उसकी उसकी नज़र चमकती हुई चाकू पर गई जो उस आदमी के कमर में खोंसी हुई थी।
वो सर्तक हो गया वो फॉरन पिछे मुडकर जाने को हुआ तभी सात आठ हथियार से लैस आदमियों ने उसे घेर लिया।
अद्वैत पिछे मुड़ा तो वो आदमी भी अब उठ चुका था। अद्वैत ने उन सबको देखा और शांति से बोला- तुम्हें जो चाहिए वो लो और मुझे जाने दो।
अद्वैत जानता था की ये सब लोग गिरोह में लोगों को बेवकूफ बनाकर लूटते थे। वो उन्हें पैसे देने को तैयार था।बस वो राशि या उसे कोई नुक्सान ना पहुंचाएं।।
उसने एक नज़र राशि को देखा और आंखों से अंदर ही रहने की वॉरनिंग दी।
अद्वैत की बात सुनकर एक आदमी ने कहा- देख लड़के गलती तेरी है ना जाने तूने किस्से दुश्मनी मोल ली है। हमें तुझे मारने की सुपारी मिली है। तो तुझे तो हम जाने नहीं दे सकते।।
अद्वैत की भवें एकठ्ठा हो गई। तभी दो आदमी उसके तरफ़ बढ़े उसने एक का हाथ पकड़ कर मोड़ दिया और दूसरे के पेट में एक लात मारी।
तभी उसे पिछे कुछ हलचल महसूस हुई उसने फॉरन अपनी कोहनी पिछे वाले आदमी के पेट में मारी। राशि अपनी घबराई नजरों से सब देर रही थी। वो बाहर निकलना चाहती थी मगर उसे हर बार अद्वैत की आंखें रोक दे रही थी।
अचानक उसके होंठों से एक घुटी- घुटी सी चिख निकली जब उसने एक आदमी को अद्वैत के सर पर रोड से मारते हुए देखा। बिना एक पल गंवाए उसने गाड़ी का दरवाजा खोला और अपने बैग में हाथ डालकर कुछ ढुंढ ने लगी। वो चिज़ मिलते ही वो तेज़ी से आगे बढ़ी।
सारे आदमी घायल जमिन पर थे। बस दो आदमी खड़े थे। एक जिसने अद्वैत पर हमला किया था और दूसरा जो इस वक़्त चाकू लिए उसके तरफ बढ़ रहा था।
राशि ने तेज़ी से आगे बढ़ी और रोड पकड़े आदमी के कंधे पर टैप किया वो आदमी पल्टा तभी राशि ने उसकी आंखों में चिली स्प्रे डाल दिया। वो आदमी दर्द से चिखने लगा। राशि ने फॉरन अपने हाथ में वो रोड पकड़ा और उस आदमी के सर पर मारा जो अभी ही दूसरे वाले की चिख सुनकर मुड़ा था।
उसे दो चार रोड मारने के बाद राशि ने उसकी आंखों में भी चिली स्प्रे कर दिया फिर वह फौरन अद्वैत के पास भागी। उसने जमिन पर देखा जहां खून फैला हुआ था। अद्वैत की आंखें लगभग बंद हो चली थी।
राशि जल्दी से उसका सर अपने गोद में रखते हुए बोली उसके चेहरे को थपथपाते हुए बोली- अद्वै, अद्वै आंखें खोलिए। हमसे बात करिए अद्वै आप हमें सुन रहे हैं।
राशि ने इधर उधर देखा सड़क पूरी तरह सुनसान था।
यूजवली ये राश्ता ज्यादा यूज नहीं होता था। राशि ने हड़बड़ाहट में अपने गले से स्कार्फ निकाला और अद्वैत के सिर में बंध दिया। फिर किसी तरह उसे उठाकर कार में बैठाया और कार वापस घूमा ली और हॉस्पिटल की तरफ निकल गई।
अगली सुबह,
बनारस,
सुबह के दस बजे श्रुति की निंद सूरज की शरारत से खुली जिसकी कीरणें पर्दे के उड़ने की वजह से कभी श्रुति के चेहरे पर तो कभी आंखों पर आकर उसे तंग कर रही थी।
थोड़ी देर के आलस के बाद श्रुति ने धीरे आंखें खोली तो पाए की वो स्केचिंग करते हुए सोफे पर ही सो गई थी। उसके सिने पर स्केच बुक रखा था।
श्रुति की नजर टाइम पर गई तो उसका मुंह बन गया। उसने अपना सारा सामान आलस करते हुए किसी तरह समेटा और अपने कपड़े लेकर वॉशरूम में घुस गई।
कुछ देर बाद वो बाहर आई और मिरर के सामने रेडी होने लगी। उसने एक स्लिवलेस वाइट टॉप के साथ डार्क ब्लू लॉन्ग स्कर्ट पहनी थी जिसपर पिंक बटरफ्लाई बने हुए थे।
उसने अपने गले में स्कार्फ लटकाया और अपने बालों को रोज की तरह क्लिप लगाकर खुला छोड़ दिया। अपने होंठों पर हल्का लिप बाम लगाने के अलावा उसने सिर्फ काजल लगाया था। इससे ज्यादा का ना ही उसे शौख था ना ही जरूरत।।
बाहर जाने से पहले उसने अपने कंधे पर एक पर्श टांगा और गले में एक कैमरा।। थोड़ी देर बाद होटल से निकल कर बनारस की संकरी गलियों में गुम हो गई।
यहां दूसरी तरफ इशान एक चाय की टपरी पर बैठा था। उसके ठीक बगल में दो आदमी बैठे हुए थे।
ईशान के चेहरे के सामने न्यूजपेपर था कोई उसका चेहरा नहीं देख पा रहा था।
एक बोला - मालिक ने जल्दी से जल्दी उस जमिन के नकली पेपर रेडी कराने को कहा है। ताकी उसका मालिक उनका कुछ बिगड़ा ना पाएं।
दूसरा बोला- तुम्हें क्या लगता है मालिक कामयाब होंगे?
पहला वाला कुछ सोच कर बोला- शायद क्योंकि अभी तक उस आदमी के तरफ़ से कोई कदम नहीं हुआ है। वो भी मुझे नहीं लगता कि इंडिया में उसकी पकड़ मालिक के आधी भी होगी।
दूसरे ने उठते हुए कहा- चलो भाई मैं चलता हूं मालिक ने बुलाया है। वो चला गया। दूसरा आदमी भी चला गया।
उनके जाते ही ईशान ने पेपर फोल्ड कर साइड में रख उठते हुए कहा- हुंह! ईशान मलिक के अपने तरिके हैं। सब काम अपने भाड़े के टटू से करवाने वाला गिदड नहीं है ईशान मलिक..! मैं वो शेर हूं जो अकेला तुझ जैसे बहुतों पर भारी हुं। 👿
उसने अपने स्पेक्स एडजस्ट किए और फेस पर मास्क लगाकर अस्सी घाट की तरफ़ बढ़ गया।।
यहां श्रुति आस पास की फोटो खिंचते हुए आगे बढ़ रही थी की किसी के धक्के की वजह के उसका कैमरा गिर गया। आग उगलती नजरों से उसने सामने देखा तो सामने सिर्फ भिड़ थी।
वो मुड़कर अपना कैमरा उठाने को हुई तभी किसी ने उसे उठा लिया। श्रुति ने थैंक यू बोलते सामने देखा तो ईशान को देखते ही चिढ़ गई।
वो मुंह बनाकर बोली - अरे! क्या तुम मेरा पिछा कर रहे हो? पहले फ्लाइट, फिस होटल और अब यहां?
ईशान भी उसे देखकर चिढ़़ गया वो दांत पिसकर बोला- मैं इतना भी फ्री नहीं हुं की तुम जैसी बद्तमीज़,बेवकूफ,नकचढी और बद्दिमाग, पर अपना टाइम वेस्ट करुं कहकर आगे चला गया।
श्रुति की आंखें लगभग बारह आ गई। उसने आगे बढ़कर उसे झटके से अपनी तरफ पलटी और उसके कॉलर पकड़ कर गुस्से से बोली- How did you dare to say that..haan? (तुम्हारी वो कहने की हिम्मत कैसे हुई?)
To be continued.....
क्या होगा अद्वैत का हाल?
क्या करने वाला है ईशान रावत के साथ?
करता होगा श्रुति के इस कदम का अंजाम?
जानने के पढ़ते रहिए- Devil you are mine.
प्लिज अच्छे रेटिंग और रिव्यू दें।