*इश्क़ तेरा मेरा*अभि और प्रज्ञा की लव मैरिज हुई है। उनका प्यार बहुत ही मीठा और नोक-झोंक वाला था। तीन साल के रिलेशनशिप के बाद आज उनकी शादी की पहली रात थी। प्रज्ञा मेहमानों के जाने के बाद कमरे में आती है तो थोड़ी चौंक जाती है। अभि उसे देखकर गुस्सा कर रहा होता है उसकी आंखें एकदम लाल सी दिखाई पड़ती हैं। इधर प्रज्ञा लाल साड़ी में बहुत ही सुंदर लग रही होती है उसके घने काले बाल जो उसकी कमर तक आ रहे थे। हाथों में चूड़ियां, बिन्दी, पायल सब में वह बहुत ही प्यारी लग रही थी फिर भी अभि को उस पर गुस्सा आ रहा था क्यों? वो अभि से पूछती है क्या हुआ? लेकिन वो उससे कोई बात नहीं करता है? प्रज्ञा के मन में कई सवाल थे कि आखिर शादी की पहली ही रात को उसने ऐसा क्या कर दिया कि अभि को उस पर इतना गुस्सा आ रहा था। फिर अभि शॉवर लेने चला जाता है। प्रज्ञा भी अपने नाईट सूट में आ जाती है और अभि के पास जाकर बैठ जाती है और उसके कंधे पर सिर रख देती है। कुछ देर तक सब खामोश हो जाता है।फिर अभि उससे पूछता है कि क्या तुम सिंघानिया मेंशन गई थी? ये सुनकर प्रज्ञा हैरान हो जाती है कि आखिर अभि उसे सिंघानिया मेंशन जाने से क्यों रोकता है? वह अभि से पूछती है लेकिन वो उसे कहता है ठीक है सब कुछ भूल जाओ बस आज के बाद किसी भी काम से वहां मत जाना। प्रज्ञा को बचपन से रात में नॉवेल पढ़ने की आदत थी वो बेड पर लेट अपनी नॉवेल पढ़ रही थी। अभि उसे घूरने लगता है। मजाकियां अंदाज में वो कहती बेशर्म कहीं के खा जाओगे क्या मुझे? अभि उसके कान में कहता है you are so sexy तो वो कहती है लगता है तुम तो बरसों से भूखे हो। उन दोनों के बीच ये मज़ाकियां अंदाज बहुत ही आम बात थी और दोनों प्यार में एक-दूसरे के लिए बहुत loyal थे। अभि जवाब में कहता है क्या करूं मेरी पत्नी मुझे बहुत तरसाती है। मैं तो दिन-रात तैयार हूं उसके लिए पर वो बड़ी खतरनाक है। फिर प्रज्ञा जोर से हंसने लगती है और कहती चलो आओ तुम्हें प्यार किया जाए। मछली पानी के बिना तड़प रही है ऐसा लग रहा है। चलो तुम पे थोड़ी दया कि जाए फिर दोनों एक-दूसरे को कसकर गले लगा लेते हैं। और एक-दूसरे को किस करने लगते हैं। अभि प्रज्ञा के पूरे बदन को चूमने लगता है और उसकी आंखों के साथ खो जाने लगता है। प्रज्ञा अपना पूरा होश खो चुकी होती है और अभि को अपनी बांहों में लेकर उसे मानों दुनिया भर का सुकून मिल गया था। सारी रात दोनों एक-दूसरे की बांहों में बिस्तर पर अपनी लड़ाई लड़ रहे थे। कभी अभि जबरदस्ती से उसे अपने ऊपर लेटा लेता तो कभी प्रज्ञा उसे अपने पांवों के बीच दबाती। इस तरह दो प्रेमी आज एक-दूसरे के हो गये। और उनकी जिंदगी की एक नई शुरुआत हो जाती है। जो आज तक सिर्फ़ love couple's थे वो अब पति - पत्नी भी हो गये। फिर वो एक-दूसरे को बांहों में भरकर सो गये। फिर अभि प्रज्ञा को चिढ़ाने के लिए लास्ट में कहता है तुम तो बहुत पावरफुल हो तब वो कहती है। तुमसे तो मैं सुबह निपटूंगी अभी सोने दो मुझे।--