Two Graves - Web Series Review in Hindi Film Reviews by Dr Sandip Awasthi books and stories PDF | टू ग्रेव्स - वेब सीरीज रिव्यू

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टू ग्रेव्स - वेब सीरीज रिव्यू

फिल्म नहीं न्याय और अन्याय का द्वंद है। "टू ग्रेव्स"

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किस तरह परिवार की लड़कियां ध्यान नहीं देने से अपनी मनमानी करती हैं और फिर मुसीबत में पड़ जाती हैं। 

दो सत्रह अठारह साल की चुलबुली,सपने देखने वाली लड़कियां ।जिन्हें जिंदगी से कोई शिकायत नहीं,मस्ती से जीवन गुजर रहा।पार्टी,दोस्ती संग घूमना। वेरोनिका और मार्था की कहानी से बात शुरू होती है। वेरोनिका की मम्मी तलाक ले उसके शॉप ऑनर पिता से अलग हो गईं।उसकी दादी ,इजाबेल जो उसे और उसकी छोटी बहन को बहुत प्यार करती है,पालती हैं।

       दादी एक दिन दो हरे इयरिंग्स प्रिय पोती वेरोनिका को देती, कहती हैं, " मुझे अच्छे लगे तो तुम्हारे और मेरे लिए ले आई।'

   वह इयररिंग लेकर रख लेती है।अगले दिन अपनी सहेली मार्था के साथ एक पार्टी में जाती है। और फिर देर रात तक वापस नहीं आती।

 दो दिन बाद मार्था की लाश स्थानीय नदी से मिलती है पर वेरोनिका की लाश भी नहीं मिलती।

  पूरा घर टूट जाता है। पुलिस जांच करती है पर कोई सुराग नहीं मिलता। दादी जो संगीत की शिक्षिका रही हैं, सदमे में हैं। फिर एक सुराग मिलता है वह डिलीवरी बॉय जिससे उन्होंने लिफ्ट ली थी उस रात। पर वह भी इतना ही बताता है कि दोनों लड़कियों को उसने एक सुनसान जगह उतार दिया था। और वेरोनिका ने इयरिंग्स पहने थे। जो उसे खराब लगे तो वह बोली मेरी दादी ने प्यार से दिए हैं तो पहनूंगी।

  इसके आगे कोई सुराग नहीं मिलता।पुलिस तफ्तीश बंद कर देती है। दो साल बीत जाते हैं।पर दादी को चैन नहीं आता। छोटी बहन को भी वह प्यार करती हैं पर वह अपने में मस्त रहती है। पिता अपनी दुकान में व्यस्त हो जाते हैं।जिंदगी धीरे धीरे चल रही है।

किस तरह पुलिस के हार मानने के बाद इंसाफ होगा?

किस तरह सत्तर साल की दादी अपनी पोती के हत्यारे को ढूंढ पाएगी या खुद खत्म हो जाएगी? और सबसे बड़ा सवाल जब जांच उस आखिरी लड़के डिलीवरी बॉय पर खत्म कर दी पुलिस ने तो फिर आगे क्या?या कोई और ही कातिल है?

 

बेहद रोमांचक पर मानवीय भूलों की कहानी

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  यह कहानी है मात्र तीन एपिसोड की वेब सीरीज टू ग्रेव्स की । पटकथा ,संवाद और पात्रों का अभिनय आउटस्टैंडिंग। न्यूनतम शब्दों के संवाद और तेज ,रोमांचक घटनाक्रम।

 किस तरह कोई राह नहीं होने पर भी प्रकृति अपने छोटे छोटे इशारों से हमें बार बार सही राह दिखाती है,यह बहुत खूबसूरती से दिखाया है। बूढ़ी, लाचार दादी अपनी पोती के इंसाफ के लिए ढाई साल तक चुप और बेचैन रहने के बाद तड़पकर खड़ी होती है तो किस तरह अच्छे अच्छे हिल जाते हैं यह सीरीज दिखाती है।लेकिन उसका पिता कोई प्रतिक्रिया नहीं देता।

     कहानी की बंद कड़ी खुलती है जब दादी का संगीत विद्यार्थी दादी के इयरिंग्स देख कहता है वेरोनिका के भी इयरिंग्स ऐसे ही थे।

 दादी चौंकती है क्योंकि उस दिन उसने पहली बार इयरिंग्स पहने थे।यह बात पूर्व गवाह बता चुका है। फिर दादी उसे बेहोश कर कैसे राज पूछती है यह रोमांचक है। 

आगे मार्था के डैडी,यह चुनौतीपूर्ण रोल बहुत बेहतरीन अभिनेता ने बेहद संजीदा ढंग से निभाया है।वह गैंगस्टर भी है और एक बेटी का पिता भी,जिसकी लाश मिल चुकी है।वह भी अपनी बेटी के हत्यारे को ढूंढना चाहता है।

  दादी सोचती हैं और अपनी मिली जानकारी को वह उससे साझा करती है।वह आगे की जानकारी दूसरे व्यक्ति को जो एक टीवी शो होस्ट करता है,से निकलवाने के लिए उसे उठवा लेता है। वह होस्ट जो कहता है वह आज की सच्चाई है। वह कहता है ऐसी बड़ी पार्टियों में लड़कियां अपनी मर्जी से आती हैं।उन्हें पैसे मिलते है। वह कहता है कि उसने दोनों के साथ संबंध बनाए।

 सोचे एक गैंगस्टर पिता को कैसा लगा होगा यह सुनकर अपनी बेटी के बारे में। पर वह बार बार कहता है कि लड़कियों को उसने बाहर जाते देखा। एक तीसरी लड़की ,जिसके माथे पर चोट का निशान है,के साथ। अब मुझे जाने दो।

पर एक पिता,जो कहता है," काश थोड़ा और वक्त मैंने बेटी को दिया होता। " उस एंकर को मार देता है,दादी के सामने ही।

      दादी सहम जाती है पर उसे भी अपनी बेटी का कातिल चाहिए। वह लड़कियों के स्कूल जाकर उस लड़की का नाम निकालती है।

 गैंगस्टर को देती है वह कहता है मेरे आदमी पता निकाल लेंगे। 

    दादी घर पर अलग ट्रॉमा से जूझती है। छोटी पोती को किसी ने लीक वीडियो भेज दिया है जिसमें वेरोनिका की अश्लील तस्वीर है।वह मरने की कोशिश करती है। पिता अलग परेशान है, दबाब में है। दादी कहती है उस लड़की का पता मिल गया है वह मोरक्को में है।

  कहानी यहां से आहिस्ता आहिस्ता अलग ही दिशा में मुड़ने लगती है। पिता अचानक से गुस्सा करता है। क्यों ? क्यों तुम इतनी कुछ कर रही हो मां? जब पुलिच केस बंद कर चुकी फिर?

  दादी कहती है," मुझे मेरी पोती को इंसाफ दिलाना है। वह ऐसे कैसे मार डाली गई? किसने मारा?

    यहां बेटा जो कहता है उससे पूरी कहानी एक सौ अस्सी डिग्री पर घूम जाती है। वह कहता है," वेरोनिका जिंदा है। और दूर मोरक्को में रह रही है। उसने घटना की रात मुझे सब बताया था। दादी कहती है, "तुमने मुझे क्यों नहीं बताया मेरे बेटे? मैं तुम्हारी मां हूं।"

यहां संबंधो को नया आयाम सामने आता है कि युवा मां अपने बेटे को छोड़ हिप्पियों के संग चली गई थी। बेटा कहता है मैं कैसे आप पर भरोसा करूं?

अब वह जहां भी है सुरक्षित है।

    फिर वह एक और रहस्य बताता है कि,मार्था दरअसल वेरोनिका के धक्का देने से मरी थी। उसका कत्ल नहीं बल्कि दुर्घटनावश मौत हुई थी। फिर बेटी को बचाने के लिए मैंने उसकी लाश दूर समुद्र में बहा दी।

दादी सन्न रह जाती है। 

एक तरफ पोती के जिंदा होने की खुशी दूसरी तरफ यह रहस्य की गैंगस्टर की बेटी उसकी पोती के हाथों ही मारी गई।

उस गैंगस्टर के साथ मिलकर ही तो वह सारा रहस्य सुलझा रही थी।दो लोग मर चुके थे,जिनमें विद्यार्थी को खुद दादी ने मारा था।

उसकी फोन से लोकेशन तलाशती पुलिस भी घर आ चुकी थी।

दादी ने कल ही गैंगस्टर राफेल को बताया था उस चोट के निशान वाली लड़की का नाम। तभी फोन आता है इजाबेल ,दादी के पास।

राफेल कहता है, " मुझे उस लड़की का पता मिल गया है।यह पता है और कल मैं उससे मिलने जाऊंगा।"

दादी की आधी जान निकल जाती है। एक बेहद खतरनाक गैंगस्टर और एक दुखी पिता को यदि सारी सच्चाई पता चल गई तो वह क्या करेगा?

दोनों को,उसकी पोती वेरोनिका और उसके बेटे को जिंदा नहीं छोड़ेगा।वह लाचार,बेबस दादी कुछ सोचती है।यहां निर्देशन,संवाद से ऊपर अभिनय जो किया है पात्रों ने वह दर्शनीय है।शानदार है।कहीं भी राफेल ओवर रिएक्ट नहीं करता। न ही दादी कोई सुपर वूमेन बनती है। 

     

  क्लाइमेक्स बेहद रोमांचक और मानवीय वाला

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दादी बेटे को पुलिस के पास भेजती है कि टीवी एंकर की हत्या में राफेल का हाथ है। जिससे पुलिस उसे कल पकड़े और वह उस लड़की से नहीं मिल पाए।

दादी तुरंत अपनी गाड़ी लेकर मोरक्को , जो मात्र पांच घंटे की दूरी पर है,निकल पड़ती है।

गैंगस्टर को पुलिस पूछताछ के लिए पकड़ती है। पर आधे घंटे में ही उसका वकील आ जाता है।

दादी उस लड़की के घर पहुंच कर किसी बहाने से उससे बात करती है। कॉफी में नींद की गोलियां उसे देकर बेहोश कर देती है। फिर चाकू से उसका गला काटने की तैयारी करती है पर उसके हाथ कांपते हैं।आंखे इनकार करती है। इस पल इजाबेल जो भाव और बेबसी चेहरे पर लाई हम वह आप भूल नहीं सकते। ऐसा अन्तर्द्वंद यदि लड़की नहीं मारी जाएगी तो राफेल उसकी पोती और बेटे को मार डालेगा।

और लड़की उसकी पोती की सहेली और उसकी तरह ही कम उम्र है।

 तभी वह सामने दीवार पर कुछ फोटो देख चौंक जाती है। वह फोटो और यहां? वह उसकी पोती के साथ लड़की के फोटो थे। दोनों बचपन की दोस्त थीं।

   दादी चाकू फेंक देती है। तभी बाहर से किसी की आवाज आती है। दादी चुपचाप खड़ी है।

 तभी वेरोनिका उसकी पोती उसके सामने होती है। उसे देख आंखों में आंसू आ जाते हैं। वह भी दादी को देख चौंकती है फिर दादी से लिपट जाती है। दादी पोती के मिलने के बाद वह सहेली भी उनसे जुड़ जाती है।

उधर राफेल का वकील उसे पुलिस स्टेशन से छुड़वा लेता है। राफेल कुछ घंटे देरी से रवाना होता है मोरक्को की तरफ।

दादी दोनों लड़कियों को लेकर वहां से छिपती हुई निकलती है।

      खतरा और नजदीक आ रहा होता है।जो दोषी था वह निर्दोष और जिस मासूम के हत्यारे को ढूंढना था,वह जिंदा थी और गैंगस्टर की बेटी की मौत की जिम्मेदार थी।

  अब जो साथ दे रहा था उससे सच छुपाना असंभव था। उसे देर सवेर पता चलना ही था।

    इस बीच दर्शक (और पाठक) सोचते हैं कि अब क्या और किस ओर कहानी मोड़ लेगी? क्योंकि विकल्प खत्म थे।

      और यह वास्तविक जिंदगी की तरह की कहानी और पात्र हैं।तो ताकतवर गैंगस्टर राफेल, जो खुद पुलिस को धमकी देता रहता है, को रोकना नामुमकिन था।

   यहां पटकथा की खूबी सामने आती है।दादी को उसका फोन आता है। ठहरी हुई सधी आवाज में वह पूछता है, " इजाबेल कहां हो तुम?"

     फिर कुछ देर बाद दादी उसे मिलती है। बताती है कि उस लड़की को उसने ढूंढ लिया है। तुरंत राफेल उससे मिलने की बात कहता है।

 सिनेमेटोग्राफर ने मोरक्को की खूबसूरती,समुद्र,घुमावदार सड़के,पहाड़ी रास्ते बड़ी खूबसूरती से फिल्माए हैं। बिना किसी शोर शराबे के दृश्य खूबसूरती से फ्रेम दर फ्रेम आते जाते हैं।

      कहानी में यहां ठहराव आया है

 मैं प्रारंभ से इसके शीर्षक टू ग्रेव्स को सोच रहा था कि यह कैसे बनेगा? तीसरा और अंतिम भाग भी खत्म हो रहा।

  दादी उसे अपनी गाड़ी में बिठाते हुए उस लड़की से मिलवाने ले चलती है। रास्ते में वह उसे बातों ही बातों में सच्चाई बताती है, "वह एक दुर्घटना थी। उसे अब भूल जाओ। माफ कर दो मेरी पोती और बेटे को "।

राफेल शांति से सुनता है फिर बहुत ढंग से पूछता है, " इजाबेल,तुम्हे कब पता चला यह सब?"

वह पहाड़ी रास्ते पर ड्राइव करती हुई जवाब देती है ,"आज सुबह।"

 राफेल कहता है वह अपनी बेटी की मौत का बदला लेकर रहेगा।

    इजाबेल कुछ सेकंड्स में फैसला ले लेती है और गाड़ी तेजी के साथ ऊंची पहाड़ी सड़क की दीवार तोड़ती हुई नीचे समुद्र में समा जाती है।

                एक मां ने,एक दादी ने बच्चों को जिंदगी देने के लिए खुद को मौत दे दी।

   लेकिन कुछ प्रश्न बेचैन करते हैं क्या गैंगस्टर पिता की बेटी की मौत का इंसाफ नहीं होना ठीक है?

क्या राफेल,जो अपनी बेटी से बेहद प्यार करता था,को बेटी की मौत का इंसाफ नहीं मिलना चाहिए था?

और उसे क्या भरोसे और मानवीयता दिखाने के कारण इजाबेल से धोखा मिला? ऐसा धोखा की उसकी जान भी ले ली गई? क्या यह इंसाफ हुआ या राफेल और उसकी बेटी के साथ और अन्याय?

क्या सही और क्या गलत? क्या नैतिक और क्या अनैतिक के सवालों को उठाती हुई यह वेब सीरीज नब्बे देशों में टॉप टेन सूची में रही है।

इसे नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है।

इजाबेल की भूमिका में किटी मेंवर ने बहुत बढ़िया अवॉर्ड विनिंग अभिनय किया है। जबकि राफेल,गैंगस्टर और एक भावुक पिता के रोल में अल्वेरो कोरटी ने दिखा दिया है कि गैंगस्टर जैसे बेहद सामान्य किरदार को किस तरह बॉडी लेगुएज,बिना चीखे और अतिरिक्त जोर लगाए भी सहजता से निभाया जा सकता है।वह भी ऐसा कि वह किरदार अपराध भी करे तो दर्शकों को न्यायसंगत लगे।जरूरी लगे।बाकी सभी पात्रों का अभिनय बढ़िया और सहज है।पता नहीं हम भारतीय ही क्यों इतने ओवर रिएक्टेड और चीख चीख कर अभिनय करते हैं? हमारे मुख्य धारा के अभिनेता और अभिनेत्री भी,कभी भी किरदार नहीं लगते बल्कि वह अपने आप को ही एक जैसा दोहरा रहे होते हैं । कोफ्त होती है बड़े बड़े सितारों तीनों खान,कुमार, कपूर,सिंह को एक जैसे हर फिल्म में अपने को दोहराते हुए। यह सजा ही है इनकी फिल्मों को देखना ।आर्ट फिल्में पहले श्याम बेनेगल,गोविंद निहलानी,सईद मिर्जा बनाते थे। इनके जाने के बाद तो समांतर सिनेमा खत्म ही हो गया।

अच्छी कहानी पर बनी टू ग्रेव्स नैतिकता,मूल्यों और सही गलत के कई सवाल हमारे मध्य छोड़ती जाती है। इसे देखें और विचार करें कि सही का साथ दें या मौका पड़ने पर संबंधों को अहमियत दी जाए?

 

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(डॉ.संदीप अवस्थी, जाने माने फिल्म आलोचक और लेखक हैं।मुंबई और राजस्थान दोनों जगह सम भाव से रहते हैं।

संपर्क :-7737407061)