जादुई भेड़ियाँ को हारने ने बाद रुद्र काफी थक चुका और घायल भी था। इसीलिए गाँव जाने से पहले रुद्र कुछ देर आराम करना चाहता था।
कुछ घंटे के बाद रुद्र वपास गांव आते ही गांव का मुखियाँ से मिलने चला गया और जादुई भेड़ियाँ और अपने बीच हुआ लड़ाई के बारे में बता हुआ अपने इनाम का 500 सोने के सिक्के ले लेता।
रुद्र काफी भोला था, इसीलिए उस खूंखार जादुई से लड़ने के लिए 500 सोने के सिक्के में मान गया। असलियत में जादुई भेड़ियाँ B grade लेवल का जानवर था, जो काफी ज्यादा ताकतवर था। भला रुद्र ये सब जानता भी कैसे बच्चपन से अकेला ही रहा और अपनी लाइफ कभी कोई लड़की को नही देखा था। इसीलिए रुद्र बता नही सकता कि लड़की कैसी दिखती।
रुद्र गांव के मुखियाँ से बात कर ही रहा था.... की सामने से खूबसूरत लड़की जिसकी स्किन का रंग लाइट डार्क थी, सामने से चलकर आ रही और हवा से उसकी खुली बाल लहराई रही थी। रुद्र का न ही चेहरा और न ही उसके खुले बाल पड़ था। बल्कि उसका नज़र उस लड़की की बड़े बड़े वक्ष पर था जो इतना बड़ा था कि कपड़ो के बाहर भी आ रहा था।
ऐसी खूबसूरती को देखकर रुद्र कही खो सा गया था और खुद म खुद उस लड़की की तरफ जाने लगा।
रुद्र अपना चेहरा उस लड़की वक्ष पर टिकाया हुआ ठीक उसके सामने जाकर खड़ा होगया। उस लड़की को कुछ समझ नही आया लेकिन फिर भी अपने इतने करीब खड़े हैंडसम लड़के को देख दिल मे कुछ हलचल हुआ। पर अगले ही रुद्र ने जो किया उससे.. नाराज होकर रुद्र को एक चाँटा मार दी और रुद्र को बेशर्म बोलती आगे चली गयी।
रुद्र अपने गाल पर हाथ रखा हुआ उसने चाँटा क्यों मारी उसी के बारे में सोच रहा था। तभी सामने से एक chubby लकड़ी आती हुई नजर आयी। रुद्र तुरंत उछाल कर उसके पास पहुँच गया। इस चुबबय गर्ल की वक्ष की साइज पहले वाली लड़की से भी बड़ा था। लेकिन खुद को पूरे कपड़ों में ढ़की हुई थी।
लेकिन उससे रुद्र का कोई मतलब नही बस उससे जिज्ञासा था कि हमारा छाती इतना दबा हुआ इन लोगो का छाती इतना निकला हुआ कैसे??? उसके बाद भी वे लोग देखने मे काफी खूबसूरत लगते कैसे??
रुद्र फिर से उस chubby लड़की का वक्ष को दबाता हुआ पूछना चाहा.... उसी पल लड़की बोल पड़ी उई माँ..!!! रुद्र थोड़ा कंफ्यूज और इसबार थोड़ा जोर से दबाया... इसबार लड़की बोली दर्द हो रहा मुझे छोड़ो..!!! रुद्र को फिर अलग जवाब मिला तो एकबार दबाना चाहा लेकिन उससे पहले उस लड़की का मर्द जो बिल्कुल अपनी पत्नी के पीछे ही खड़ा सबकुछ देख कर गुस्से से लाल पिला हो रहा... और उसी गुस्से से एक ज़ोरदार घुसा रुद्र का चेहरे पर दे मारा और इसबार रुद्र का मुँह से निकलना हाथ है या हथौड़ा मेरा नाक तोड़ दिया।
अपने नाक को पकड़ रुद्र बेचारों की तरह दोनों वहां से जाते हुए देख रहा था। और रुद्र के साथ जो भी हो रहा था सामने खड़ा गांव का मुखियाँ भी देख रहा था और ज़ोर ज़ोर से हँसे भी जा रहा था।
नाक को पकड़ा हुआ रुद्र सामने से सबसे अलग लड़की को गांव के तरफ आते देख रहा था। क्योंकि वो लड़की गांव की लड़कियों की तरह गांव की कपड़े नही पहनी हुई थी। उस लड़की की कपड़े काफी काफी सुंदर और उस कपड़े में वो लड़की काफी ज्यादा आकर्षण लग रही थी।
रुद्र सोचा उन दोनों ने मुझे कुछ नही बताया और मुझे छोटी सी बात पर मार भी दी... लेकिन सामने आती इंसान मेरे साथ ऐसा नही करने वाला और फिर से रुद्र वहीं ग़लती कर दिया।
रुद्र सीधे उस लड़की के पास गया और पीछे से उस लड़की का वक्ष को पकड़ता हुआ दबाना शुरू कर दिया। इसबार वाली लड़की दर्द से चीखी चिलायी नही बल्कि अपनी गुस्से का शिकार रुद्र को बना डाली और रुद्र को जो लात और घुसे से मारना शुरू की रुद्र का हालात इतना ख़राब की उसका पकड़ा भी जगह जगह से फट चुका था। और रुद्र जमीन पर लेटा उस लड़की को जाते हुए देख रहा था।
अब तक गांव के मुखियाँ के साथ ढाबे वाले भी आ चुका था और रुद्र का ऐसी दशा देखकर दोनो कोई खिल ख़िलाकर हँसने लगे।
रुद्र के पास दोनों आते हुए बोले अगर तुमको वे सब करना था, हमें बोलते!! हम तुमको उस जगह पर ले जाते।
दोनो के बातों सुनकर रुद्र अनसुना कर दिया और दोनो से पूछा क्या तुम दोनो हँस क्यो रहे थे क्या तुम दोनो को पता है... उन लोगो का छाती इतना बड़ा कैसा होता। जब कि मेरा और तुम्हरा अंदर के तरफ दबा हुआ।
रुद्र के ऐसे सवालों पर दोनो रुद्र को देखे और रुद्र से कुछ पूछते हुए.... तब जाकर उन दोनों को पता कि रुद्र आज से पहले कभी लड़की को नही देखा था। उन दोनों ने रुद्र कुछ बेसिक जानकारी दे दिया। और रुद्र से बोला आज शाम को गांव में जश्न है, और ये जश्न सिर्फ तुम्हारे लिए इसीलिए तुमको जश्न में शामिल जरूर होना होगा।
शाम के वक़्त गांव के सभी लोग एक जगह पर इक्कठे खड़े थे और रुद्र बिल्कुल गांव का मुखियाँ के साथ मे खड़ा हुआ था। गांव मुखियाँ सभी रुद्र और उसके किये गए कारनामों कर बारे बताते हुए बोला अब जश्न को शुरू किया जाए।
जश्न का माहौल और रुद्र नशे में चूर धीरे धीरे हिल डोल रहा। और सभी को नाचता हुआ देख रुद्र भी नाचना चाहता था। 19 साल का रुद्र अभी एक बच्चा ही था लेकिन उसका शरीर काफी मरदाना था। सभी के सामने शिव तांडव नाचता हुआ रुद्र का बड़ा बंधा हुआ बाल खुल चुका था। रुद्र और भी ज्यादा हैंडसम लग रहा था। 5 फीट 9 इंच का लंबा छोड़ा रुद्र अपने धुन में नाचा जा रहा था। उसको जऱा भी ख़बर कितने लड़कियों की नज़र सिर्फ उस पर ही टिकी थी।
नाचता नाचता रुद्र का नशा सिर तक चढ़ चुका था। और जैसे ही कुछ लड़कियाँ नाचने के बहाने रुद्र के करीब जाने को हुई अच्चानक से रुद्र जमीन पर गिर गया और एक ग़हरी नींद में सो गया ।
" सुबह होते ही रुद्र गाँव से बाहर चला गया था। रुद्र को कम से कम गांव से माध्यम क्षेत्र में पहुचने में लगभग दो दिन से ज्यादा लग चुका होता है ।
। जब रुद्र माध्यम क्षेत्र के प्रवेश दुवार तक पहुचता तो प्रवेश दुवार में तैनात सैनिक सभी आने वाले व्यक्ति को रोककर उन सभी से आने का कारण पूछे जा रहे थे । ऐसे में रुद्र का भी बारी आया और रुद्र अपना एडमिशन लेटर दुवार पर खड़े तैनात गॉर्ड को दिखाता हुआ बोला मैं विज़ार्ड अकादमी में दाखिला लेने आया हूँ।
गॉर्ड एडमिशन लेटर को देखते ही रुद्र को आगे जाने के लिए क्लेरिफिकेशन दे देता और रुद्र से बिना टैक्स दिए माध्यम के अंदर प्रवेश कर जाता। शहर के अंदर आते रुद्र ने जब शहर को अपने इतने सामने से देखा तो रुद्र का होश कबका ही उड़ चुका था। शहर इतना भव्य था मानो सम्राट ने अपना साम्राज्य का हर एक कोने को खूबसूरत बनाना चाहता । और इतना ही सारे जगह में मॉडर्न टेक्नोलॉजी की मदद से बना हुआ कई सारे चीज़ें माध्यम क्षेत्र का एक मॉडर्न शहर बनाता था। और इसीलिए माध्यम क्षेत्र का दूसरा नाम एडवांस सिटी भी कह जाता। और इस एडवांस सिटी का कर्ताधर्ता और भारत का पांच सबसे ताकतवर में से एक आकाश चंद्रवंशी, जो एडवांस सिटी का साम्राज्य था। रुद्र सबसे पहले अपना अकादमी जाने को सोचाता हुआ किसी व्यक्ति से अकादमी जाने का रास्ता पूछाता और उस व्यति था।
कुछ देर के बाद... रुद्र विज़ार्ड अकादमी के एंट्रेंस गेट पर सभी नए स्टूडेंट्स के साथ ही खड़ा हो जाता। कुछ देर बाद विज़ार्ड अकादमी के अंदर से कोई आता और सभी नए स्टूडेंट्स को अपने साथ चलने को बोलता। सामने से बड़ा जहाँ पर सारे स्टूडेंट्स एक लाइन खड़ा हो गया। और एक इंस्ट्रक्टर सभी को बताता हुआ इस अकादमी में पढ़ने के लिए एक छोटा सा परीक्षा को पास करना होगा और सभी को सामने रखा हुआ दो जादुई पत्थर को दिखता हुआ बोला एक पत्थर जिसमें तुम अपना ताक़त का प्रदर्शन करोगे और पास होने के लिए कम से कम 5000 अंक लाना काफी जरूरी और दूसरा पत्थर जिसमें तुम हाथ रखोगे और पत्थर बताएगा तुम किस जादुई में अच्छे हो सकते और उसी साथ के तुम सभी को अपना एक स्टेटस बॉक्स मिलेगा और योद्धा पहले ही अपना जादुई क्षमता कही दूसरे जादुई सेंटर में करवाया होगा, वो जानते स्टेटस बॉक्स क्या होता??? अब एकक कर आते जाओ... एकक करके सभी जाने लगे और सबने अपना अपना ताक़त का प्रदर्शन किया और लगभग सारे स्टूडेंट्स 6 हजार से लेकर 12 हजार के बीच अपना ताक़त दिखाया था। अब आख़िर में रुद्र बचा हुआ था.. अपना ज़ोरदार घुसा जादुई पत्थर में तो 36 हजार लिखा हुआ दिखाया। जिसको देख इंस्ट्रक्टर हैरान थे... और रुद्र को दूसरे पत्थर पर अपना हाथ रखने को बोला। रुद्र जैसे ही दूसरे पत्थर पर रखा जादुई पत्थर में कोई चमक नही हुआ जिससे इंस्ट्रक्टर नाखुश लग रहे थे और रुद्र को देखते हुए खुद से बोले ये लड़का एक महान योद्धा बन सकता था लेकिन जादुई ताक़त न होने पर काफी मुस्किल होगा। और इंस्ट्रक्टर को भी जाने को बोल दिया।
दअरसल जिस पत्थर में इंस्ट्रक्टर नए स्टूडेंट मारक क्षमता का नाप कर रहा था.. वो पत्थर एक बैल की ताक़त दर्शाता था। जहाँ पर 4 बैल का ताक़त 1 हाथी का ताक़त था। रुद्र अपना अकादमी बैच और अकादमी का गाइड बुक लेता हुआ के पीछे बड़ा सा जंगल की ओर जाने लगा। शाम ढलने के साथ ही जंगलों से जानवर और इंसानों का आवाज़ साफ साफ रुद्र सुनाई देने लगा। और रुद्र सभीके नज़रो से छिपने के लिए हिडिंग स्किल का इस्तिमाल किया हुआ था, जो कि एक बेसिक था क्योंकि लगभग हर योद्धा हिडिंग स्किल को जानता और डिटेक्ट भी कर सकता। रुद्र को काफी ज्यादा भूख लगा हुआ था और एक छोटा खरगोश को अपने सामने से जाता रुद्र एक पत्थर उठाकर अपनी पूरी ताक़त से मारता लेकिन रुद्र का पत्थर बीच हवा में टूट कर चकनाचूर हो गया। जिससे रुद्र हैरान तो था... लेकिन का हैरानी को ओर हैरान करने केलिए वो छोटा सा खरगोश अपनी छोटी मुठि से रुद्र का मुँह पर एक जोरदार घुसा मारता हुआ को आँखें दिखाकर जाने लगा। रुद्र को जऱा भी समझ नही पाया अभी अभी उसके क्या हुआ.... लेकिन जैसे ही रुद्र को खरगोश की चिढ़ाने वाला नज़रो का ख़याल तुरंत उसी दिशा में भाग पड़ा। रुद्र को जरा भी अंदाज़ा नही हुआ कि ख़रगोश उसका हिडिंग स्किल को एक्यूरेट जज कर सकता। पर कैसे??
ख़रगोश का पीछा करते करते जंगलों के औरभी अंदर आ चुका था... इसका अंदाजा तब हुआ जब रुद्र खुद अपने सामने एक ग्रुप को एक बड़ा सा भालू से लड़ते देख रहा था। रुद्र आगे बढ़ते जाता, जब रुद्र सम्मना एक विशाल भालू से होता तो तुरंत अपना त्रिशूल निकालकर भालू के ऊपर चलाने को हुआ लेकिन भालू के सामने से लड़कियों का ग्रुप को हमला करते देख पीछे हट गया और सही मौक़े का इन्तिज़ार करने लगा। भालू देखने में बहुत ज्यादा खतरनाक और खूँखार लग रहा था, उसका हरा आँखें रात की अंधेरी में काफी ज्यादा डरावना लग रहा था और माथे पर लगा हुआ हरा क्रिस्टल जिससे भालू को ऊर्जा मिल रहा था। भालू का ताक़त और माथे पर क्रिस्टल देखकर कोई भी बता सकता। सामने दिख रहा आम या जादुई भालू नही बल्कि एक आध्यात्मिक भालू। जिसका शरीर और शरीर के अंदर से मिलने वाला आध्यात्मिक पत्थर बहुत ही ज्यादा खास होते। उस ग्रुप में सिर्फ लड़कियाँ थी। और सारे लड़कियां का ड्रेस कोड देखकर रुद्र समझ चुका था । सारी लड़कियां विज़ार्ड अकादमी से थी। इसीलिए रुद्र चुप चाप उन लड़कियों लड़ाई देखने लगता ।
भालू के साथ उन लड़कियों के साथ लगभग छे घंटे से ज्यादा देर तक लड़ाई चलता कर रहा। लेकिन परिणाम मिलने पर लड़कियों के ग्रुप्स ने पीछे हटना पड़ा क्योंकि छे मेसे तीन लड़कियाँ भालू के हमला से काफी गंभरी चोट हुआ था और जरूरत पड़ने पर हीलिंग पोशन भी खत्म हो चुका था। जिस कारण लड़कियों का वो ग्रुप न चाहते हुए भी पीछे हटना पड़ा। लड़कियों के साथ लड़ाई में भालू भी काफी घायल था लेकिन अपना अपना कमज़ोरी लड़कियों को नही दिखना चाहता लेकिन जब लकड़ियां पीछे हटने को हुई भालू एक ज़ोरदार दहार्ड लगाकर और भी ज्यादा डराता हुआ। धीरे धीरे भालू भी जंगलों के गहराइ में जाने लगा और रुद्र भी उसका पीछे पीछे चल दिया। कुछ दूर चलने के बाद भालू अच्चानक से ज़मीन पर गिर गया और इसी पल मौका उठाता हुआ रुद्र अपना त्रिशूल सीधे भालू का छाती में घोप दिया और बिना चीखें ही भालू दम तोड़ दिया। भालू के मरते ही रुद्र को नोटिफिकेशन मिला और रुद्र जल्दी से भालू का शरीर से आध्यात्मिक पत्थर निकल लिया और हरे रंग का क्रिस्टल भी माथे निकल कर भालू के साथ सभी को अपना डायमेंशनल स्टोरेज में रख दिया। और छोटा सा मीट एक टुकड़ा काटकर वहाँ से कुछ दूर जाकर आग में पकाते हुए खाने लगा। पेट भर लेने के बाद रुद्र खुद को साफ़ करने को सोचा वपास से हिडिंग स्किल का इस्तिमाल करते हुए नदी की तलाश करते चलने लगा। कुछ देर चलने के बाद रुद्र को पानी बहने की आवाज़ आता सुन उधर चल दिया। जैसे जैसे रुद्र झरने के करीब जाता गया... रुद्र को एक खूबसूरत सिल्वर बालों वाली लड़की झरने में नहाती दिखी... लेकिन इसके बाद रुद्र पीछे नही हटा और धीरे धीरे कदमो से रुद्र उस लड़की की और करीब जाने लगा क्योंकि रुद्र उस छुवन को भूल नही पा रहा था और ऐसे में सामने एक नंग लड़की को देख रुद्र अपने होश में था ही नही... और जैसे ही रुद्र उस लड़की का वक्ष को पकड़ने को हुआ। उस लड़की को सिल्वर रंग का अच्चानक लहराने लगी और जैसी रुद्र का उस लड़की की सिल्वर आंखों पर गया। रुद्र समझ चुका.. बिना देरी किये वहाँ से झट से भाग गया। नोट योद्धाओं का पावर लेवल का स्टेज कुछ इस टाइप का होता है - बेसिक लेवल (0 -20) 20वां लेवल पर आने से एक योद्धा का पावर 5 हजार आम हाथी के बराबर का ताक़त होता। बेगगिनेर लेवल(21-30) 30वां लेवल में बढ़कर 20 हजार हो जाता। इंटरमीडिएट लेवल {grade D(31-45), grade C(46-99)} 99 वां लेवल में 50 हजार तक हो जाता। एक्सपर्ट(100-120) 120 वां लेवल में 1 लाख हो जाता, लेकिन ये सब नॉर्मल योद्धा के साथ होता और जो योद्धा प्रतिभाशाली होता वो अपना ताक़त इससे कई अधिक तक लेजा सकता। एडवांस(120 से 150) 150 वां एक योद्धा का ताक़त 4 लाख हाथियों का ताक़त का बारबार होता हैं । और एडवांस से भी आगे भी लेवल होता है ।
" सिल्वर बालों वाली लड़की कोई ओर नही बल्कि एडवांस किंगडम की राजकुमारी चंद्रलेखा चंद्रवंशी थी। जो कोई भी चंद्रलेखा से इस सिटी में पंगा नही लेता... चाहे सामने वाला कितना भी ताक़तवर क्यों ना... क्योंकि सभी को पता आकाश चंद्रवंशी कौंन ओर कितने खरतनाक हो सकते.है ।
. पर इन सबसे अलग चंद्रलेखा को काफी लड़के पसंद भी करते और चंद्रलेखा को प्रोटेक्ट करने लिए किसी का जान ले भी सकते और अपना जान दे भी सकते... और करते भी क्यों नही... भारत राज्य में पांच साम्राज्य है.... फायर किंगडम(आज का राजस्थान से होते हुए पूरा पाकिस्तान तक), एडवांस किंगडम(भारत मे मध्य क्षेत्र में पड़ने वाला सारा राज्य), किसिकिन्धा किंगडम(उत्तरप्रदेश से होता पूरा कोलकाता तक), प्रगज्योतिशा किंगडम(असम से होता हुआ पूरा अरुणाचल तक) और मुरुगन किंगडम(भारत का पूरा साउथ एरिया)। लेकिन इन सभी किंगडम के अंदर छोटे छोटे राज्य है.... जो की किंगडम के अंदर होने के बाद वो राज्य लेकिन वो राज्य स्वंत्र अपना अच्छा बुरा सोचना।
चंद्रलेखा कुछ कर पाती उसे पहले ही रुद्र वहाँ इतना फुर्ती से भाग की चंद्रलेखा के अंगरक्षक भी घेर नही सके।
चंद्रलेखा इतने गुस्से में थी.... गुस्सा को शांत रखने के लिए चंद्रलेखा पूरा रात झील में ही रह कर बिताई।
अगली सुबह चंद्रलेखा के अंगरक्षक विज़ार्ड्स अकादमी से बाहर शहर में रुद्र को खोज रहे थे, लेकिन रुद्र तो कैंपस में ही था.... जहाँ पर चंद्रलेखा भी पड़ती। और ऐसे में दोनो एक दूसरे के आमने सामने आने का चांस अधिकतर बनता।
रुद्र warrior Division का स्टूडेंट के रूप में छूना गया था। और विज़ार्ड अकादमी में तीन डिवीज़न पहला मैजिक डिवीज़न, दूसरा वारियर डिवीज़न और जो कि बहुत ही स्पेशल क्योंकि इस डिवीज़न में पड़ने वाले बच्चे दोनो कलाओं में माहिर होते और इसीलिए डिवीज़न का नाम दोनो डिवीज़न को जोड़कर रखा गया .. जो कि मैजिक वॉरियर डिवीज़न। और इस साल मैजिक वॉरियर का बेस्ट स्टूडेंट्स खुद चंद्रलेखा।
रुद्र अपने डिवीज़न के क्लासेज की ओर बढ़ रहा था... और वही दूसरी तरफ चंद्रलेखा अपनी हाथ मे देर सारा जादुई और लड़ने का किताब लिए हुए आ रही थी।
अच्चानक से एक मोड़ पर एकदूसरे से तकराजाते... और खुद पर काबू नही रख पायी चंद्रलेखा पीछे की गिर पड़ी और उसी के साथ किताबों का पहाड़ भी उसी पर गिर गया। चंद्रलेखा खुदी से बोली मेरा किस्मत इतना कैसे हो सकता और जैसे ही उठने को हुई पीछे से आते हुए स्टूडेंट्स रुद्र को देख नही सके और रुद्र को धक्का दे दिया। जिस रुद्र उठती हुई चंद्रलेखा की ऊपर ही गिर गया.... दोनो की होंठो छूने ही वाले थे कि चंद्रलेखा!!! रुद्र के दोनो कंधे को पकड़कर सहारा देती। लेकिन जैसे ही चंद्रलेखा!!! रुद्र को पहचान लेती.. तो तुरंत ही रुद्र को छोड़ देती और जिस कारण रुद्र सीधे चंद्रलेखा के ऊपर गिर जाता। और जो नही होना चाहिए वही हो जाता। दोनो के होठ एक दूसरे के होंठ से सट चुके थे। चंद्रलेखा की आँख हैरानी और गुस्से से लाल हो रही थी। किसी तरह खुद को संभालते हुए उठी और रुद्र को एक ज़ोरदार चाँटा लगा दी। और सामने खड़े लड़को को देखकर बोली ये सब तुम लोगो के कारण हुआ.... अगर तुम चाहते मैं तुम सबको कुछ न करूँ... तो मेरे तुम सब ... इस लड़के को इस अकादमी से मैं बाहर देखना चाहती हूँ और तुम लोग कैसे करोगे मुझे नही पता बस हमेशा के लिए बाहर..
ऐसा बोलकर चंद्रलेखा जाने लगी... तो रुद्र पीछे से बोल पड़ा कल से ज्यादा तुम आज काफी खूबसूरत लगी और तुम्हारा गुस्सा कइयों लड़को का जान लेना, लेकिन तुम फिक्र मत करो तुम्हरा ये दीवाना कभी तुम से दूर नही जाएगा।
रुद्र का बात पूरा ही था... की विशाल नाम लड़का रुद्र का मुँह पर ज़ोरदार घुसा मारा और उस घुसे की ताकत इतना था, की रुद्र सामने के दीवाल से टकराते ही दीवाल टूट चुका था, और रुद्र उसी मलबे से ढक चुका था।
ऐसा देख कर चंद्रलेखा रुद्र के बातों को सुनकर रुकी हुई थी... सरकास्टली रुद्र के ऊपर हँसती हुई बोली... पहले को बचा लो... फिर मेरे ख़ुवाब देखना और चली गयी।
फिर वहाँ विशाल के साथ खड़े चार ओर लड़के ने रुद्र को मिलकर मारने लगा। मलबे के कारण रुद्र का पैर फ़स चुका था... और रुद्र अपने बचाव के लिए सिर्फ अपना दोनो हाथ से सीर को ढक रखा था।
कहाँ से अकादमी का ट्रेनर वहां पर आता हुआ लड़को को अलग करता हुआ बोला तुम सब क्या कर रहे हो... अगर तुम लोगो लड़ना ही है..... तो बैटल एरीना में जाकर लड़ो और लड़ने पर तुम लोगो को कुछ पॉइंट भी मिलेंगे जीतने पर.... यू कैंपस के अंदर लड़ते आगे से कोई ओर भी देखा... उसको अकादमी से निकाला जाएगा।
ट्रेनर रविंदर का बात सुनकर विशाल बोला ट्रेनर रविंदर हम भी यही चाहते... पर वो चाहेगा तब ना और रुद्र के तरफ उँगली कर दिया।
रुद्र अब तक मलबे से बाहर चुका कपड़ों लगा हुआ धूल को झाड़ रहा था... इन पांचों मिलकर मारने के बाद भी रुद्र शरीर मे चोट का एक भी निशान नही था। रुद्र जवाब देता हुआ बोला... ट्रेनर मुझे भी यही लगता कि इस महाशय का तम्मना पूरा कर देना चाहिए... और इसीलिए मैं आज ही इस महाशय से लड़ना चाहता हूँ।
विशाल को देखता हुआ ट्रेनर विशाल से बोला तुमने खुदी अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम किया...
विशाल का बात को समझ नही पाया... और कुछी देर सभी लोग बैटल एरीना में पहुँच चुके थे।
रुद्र और विशाल बैटल रिंग के अंदर जाते ही ऊर्जा से बना हुआ जादुई ढाल रिंग को ढक लिया।
विशाल एक एअर्थ जादूगर और तलवार कला भी जानता था।
मुक़ाबला शुरू होते ही विशाल पूरी तरह रिंग में बढ़त बनते हुए मीठी का योद्धा बना दिया और किसी के हाथ मे मीठी के भाले तो किसी हाथ मे मीठी का गोला था।
विशाल का जादुई ताक़त देख एरीना में हुआ स्टूडेंट और ट्रेनर हैरान तो थे.. लेकिन का ट्रेनर विनोद... अपने स्टूडेंट्स का ताक़त प्रदर्शन को देख खुद पर गर्व महसूस कर रहा... और साथी ट्रेनर भी ट्रेनर विनोद को सम्मान की नजरों से देख रहा था।
रुद्र चुपचाप खड़ा विशाल का पहले हमला करने का इन्तिज़ार कर रहा था... ताकि विशाल थोड़ा जल्दी तोड़ सके... लेकिन विशाल है कि हमला करना छोड़ अपनी ताकत का प्रदर्शन करने लगा और ऐसे रुद्र कुछ किया... क्योंकि...!!!
रुद्र से बोलता हुआ क्योंकि... जिसका घमंड जितने ऊँचाई में होगा... उसको तोड़ने में उतना ही मजा आता है। ।
" आखिर घमंड, और अकड़ तभी थोड़ा जब समाने वाला आपने आप को ऊंचा समझने लगे ।
रुद्र का कपड़ा काफी पुराना था, जिसका रंग भी फीका हो चुका और जब रुद्र अपना त्रिशूल निकलना वो भी देखने मे आम त्रिशूल लग रहा था। और जिसको देख लगभग सभी स्टूडेंट्स जोर जोर से रुद्र का उपहास करने लगे और रुद्र से कहने लगे काफी बढ़िया कॉम्बिनेशन जैसा कपड़े वैसा ही हथियार भी... अरे कपड़े सही पहने तो कोई बात नही कम से कम हथियार तो अच्छा रखना था। और लड़ने इस अकादमी के टॉप 15 में रैंक बनाया वाला योद्धा से अरे.. कम से कम लड़ने पहले ये तो जान लिया। तुम जिससे लड़ने जा रहे हो वो ट्रेनर विनोद पांचवा बेहतर स्टूडेंट्स। और तुम खुद को देखो न ही तुम्हारे पास अच्छा सा हथियार और न ही तुम्हारे पास जादुई ऊर्जा फिर तुमने इतना साहस कर लिया। अभी वक़्त पहले ही हार मान लो, तो विशाल भाई तुमको छोड़ देंगे... क्योंकि तुम्हरा औकात नही योद्धा बनने का... !!!
सभी स्टूडेंट के बातों को सुनकर विशाल भी कहाँ पीछे हटने वाला था, रुद्र को देखता हुआ और तंजकस्ता हुआ बोला... जाओ पहले कोई ढंग का हथियार खरीद लो... और हथियार ख़रीदने का पैसे न हो तो... किसी और से माँगने की जरूरत नही, मैं ही दे दूंगा.. लेकिन उससे पहले तुमको मुझे माफी मांगना होगा।
और जैसे ही ट्रेनर मुक़ाबला शुरू करने को बोला रुद्र बिना देरी किए.... त्रिशूल को अधिकतम गति के साथ विशाल के तरफ उछाल दिया।
त्रिशूल का गति इतना तीव्र था, विशाल का बनाया हुआ जितना भी मीठी का पुतला और खुद के ढाल बनाया था। सब का सब टूटकर बिखरगया और सीधे त्रिशूल विशाल की आंखों को छूने वाला था, की विशाल चिलाकर बोला मैं हार मानता हूँ, लेकिन मुझे नही मारो।
इतना सुनते ही रुद्र अपना त्रिशूल को बीच हवा में ही रोक दिया और वपास आने को कमांड दिया।
रुद्र को एडवांस सूत्रों को इस्तिमाल करते देख सभी हैरान थे और इधर रुद्र त्रिशूल को वपास रखता हुआ विशाल का पास गया और ज़ोरदार घुसा मुँह में मरता हुआ बोला अगर मैं चाहता, मैं तुम अपने हथियार के बिना भी हरा सकता था लेकिन तेरा ये घमंड मुझे जो तोड़ना था। आइंदा आज से मेरा रास्ता में आया तो न ही तुम रहोगे और न ही तुम्हारा ये घमंड।
और रुद्र बैटल एरीना से जाने लगा...!!
एरीना में सारे स्टूडेंट्स हककबक्का रह गया.. अभी भी विश्वास नही कर पा रहे थे।
इधर जैसे ही रुद्र एरीना से बाहर निकलना सामने एक लड़की रुद्र की रास्ता रोकती हुई बोली तुम हमारे ही अकादमी से हो मुझे नही पता और अगर पता होता तो अच्छे से खातेदारी करती।
सामने वही लड़की थी, जो रुद्र को विलेज में मिली और जो रुद्र को जमकर पिटाई की थी।
श्रेया हाथ आगे बढ़ती हुई बोली मेरा नाम श्रेया और तुम्हारा?? रुद्र को अजीब लगा, लेकिन फिर भी जवाब देता हुआ बोला रुद्रा और वहां से जाने लगा।
तभी श्रेया पीछे से आवाज़ देती हुई बोली क्या मेरे जादुई जंगल चलोगे, वो क्या है ना तुम अच्छे लड़ते हो और मुझे एक साथी की जरूरत।
ध्यान से देखता हुआ बोला तुम किसी औरको चुन लो.... मेरे पास वक़्त नही और वहां से चला गया।
रुद्र को जाते देख तुरंत श्रेया.."चंद्रलेखा से टेलीपैथी बात करती हुई बोली वो हाथ से निकल गया, तुम बोलो आगे क्या होगा।"
चंद्रलेखा दूर से ही रुद्र को देखते हुई बोली "कुछ मत करो ... मैं खुद ही उसको देख लुंगी।" श्रेया बोली जैसी तुम चाहो राजकुमारी।
विज़ार्ड अकादमी एडवांस सिटी के कैपिटल के अंदर बना होने से यहाँ पर मार्केट का भी बड़ा साधन और लगभग वो हर चीज़ मिल जाता। जो एक योद्धा को चाहिए होता.. जैसे कि बॉडी आरमोर, तरह तरह के हथियार और कुछ हथियार ऐसे होते को सिर्फ कैपिटल में ही मिलता था। जैसे कि ऊर्जा वाले बन्धूके और वो भी कई सारे हथियार उस दुकान में मिला करता था
रुद्र सिटी की कैपिटल में पहुँच चुका और चारो तरफ बड़ा बड़ा इमारत देखा तो देखता ही रह गया था।
उन इमारतो को देखता हुआ रुद्र कपड़ो का दुकान चला गया... लेकिन जैसे ही अंदर गया तो बाहर और अंदर का तापमान में ज़मीन आसमान का फर्क था। जिस कपड़ा को रुद्र देखकर अंदर आया था उसका कपड़े का दम देखकर अंदर से हिल गया। 20 हजार सोने का सिक्का रुद्र का पैरों से जमीन नही निकल गया और कोई रुद्र के पास आता उससे पहले ही रुद्र वहां से निकल गया। और निकलने के बाद रुद्र सभी अच्छे दिखने वाले दुकान को दूर से ही देख रहा था लेकिन अंदर जाने का हिम्मत नही कर रहा। रुद्र कैपिटल की रहीस इलक्का देख रुद्र काफी निराश था। क्योंकि उसके पास उतना सोने सिक्के नही...
रुद्र का मूड खराब हो चुका था और सुबह से शाम भी चुका था। शाम होते ही कैपिटल रोशनी से जगमगाया गया था। लेकिन हमारा हीरो.. जो अभी अपने पहचान से अनजान, युही भूखे पेट कैपिटल की सड़कों में घूम रहा था।
रुद्र अपने जेब मे देखता हुआ जिसमें कुल 300 सोने सिक्के ही बचा हुआ था.. वो देखता हुआ रुद्र कैपिटल से बाहर जाने लगा।
जब वपास जाने के पर जहाँ कुछ घंटों पहले एका दूगी दुकान देखा था। वहां पर मेला लगा हुआ देखा रुद्र हैरान हो गया। और इतना ही सड़कों पर कई दुकानदार अपने समान बेच रहे, साथ ही साथी फ़ूड इंस्टॉल भी लगा हुआ। इंस्टाल के बगल में खाने का नाम और उसका दम भी लिखा था। जो कि 50 सोने सिक्के के अंदर ढेर सारा खाना खाया जा सकता।
ये देखकर रुद्र कहाँ रुकने वाला था... अगले ही पल उस ठेला के पास जाकर पेट भर खाना खाया और खाते खाते ही रुद्र एक दुकान को देख रहा था।
अपना पेट भरने के बाद रुद्र सीधा उसी जगह पर चला गया और दुकानदार से बोला मेरा पास भी बड़ा सा भालू है.... और बोलते हुए ही भालू को बाहर निकलता हुआ बोला देखा उच्च कोटि का जानवर है।
इसका क्या दम दोगे क्योंकि मैंने कल ही इसका शिकार किया और मेरा दम दस हजार है। दुकानदार एकबार रुद्र को देखता हुआ तुरंत दस हज़ार सोने की सिक्के की थैली देता हुआ बोला अगर जादुई जानवर लाओगे तो तुमको और भी सिक्के मिल सकते।
रुद्र पूछा एक जादुई ख़रगोश का शरीर कितने में खरीदों गए।
दुकानदार खुश होता हुआ बोला तुम्हारे पास है क्या..?? रुद्र जवाब देता हुआ नही लेकिन मैं ला सकता हूँ... पर सही दम मिलने पर.... तो बताओ कितना दोगे??
दुकानदार बोला 5 हजार सोने के सिक्के मिलेंगे लेकिन इससे ज्यादा और मत मांगना मुझे भी कमाई करना।
इतना सुनकर रुद्र वहाँ से निकल गया.... और इधर दुकानदार बोलाता हुआ... अरे...ठीक है 500 और बढ़ा देता हूँ!!!
लेकिन रुद्र रुका नही..!
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