Mafiya Boss - 14 in Hindi Love Stories by PAYAL PARDHI books and stories PDF | Mafiya Boss - 14

Featured Books
  • बलं धेहि

    ऋगुवेद सूक्ति--(61) की व्याख्या "बलं धेहि"ऋगुवेद --4/9/6भाव-...

  • अन्तर्निहित - 49

    [49]“दो दिन पूर्व मेरे कार्यालय में सपन और निहारिका के साथ क...

  • खिचड़ी की राम कथा

    काव्य संग्रह : 'खिचड़ी' की राम कथा खिचड़ी केवल भोजन...

  • Muhabbat Ek Sabaq - 11

    शहरयार नें भी उसे देख लिया था वह गाड़ी वहीं रोक कर बाहर निकल...

  • मेरी सबसे बड़ी गलती

    मेरी सबसे बड़ी गलती ये थी कि मैंने अपने सपनों से समझौता कर ल...

Categories
Share

Mafiya Boss - 14

वीर प्रताप मेंशन के लिए अपनी कार निकलता है, लेकिन उसका ध्यान बार-बार इस घटना को याद कर रहा था जब उसने रेशमा को किस किया था ।मैंने यह क्या कर दिया और मुझे इतना अजीब फिल क्यों हो रहा है ,मैंने आज तक किसी लड़की की तरफ देखा भी नहीं है और ना ही किसी के इतने पास गया हूं ।

यह कैसा अजीब सा  महसूस कर रहा हूं मैं इस वक्त? दूसरी तरफ रेशमा का भी कुछ यही हालत था, नेहा अपने घर पर पहुंचती है और अपने बेड पर लेट जाती है ।

मैं बार-बार उस लड़के के बारे में क्यों सोच रही हूं? कितना बदतमीज और अजीब लड़का है वह ,पर उसकी आंखें कितनी गहरी है मैं बस उसकी आंखों को ही देखे जा रही थी और बार-बार मै उसे याद ही कर रही हूं ।नेहा को पता चलेगा तो क्या सोचेगी कि मेरे बारे में कि मैंने किसी को फर्स्ट टाइम किस किया है।नहीं! नहीं रेशमा तू ऐसा नहीं सोच सकती यह बस एक एक्सीडेंट था इसमें किसी की गलती नहीं है मुझे ज्यादा उसके बारे में नहीं सोचना चाहिए।

1 मिनट  नेहा अभी तक क्यों नहीं आई लगता है कुछ ज्यादा ही सामान डिलीवर करने के लिए भेज दिया है। मैं ऐसा करती हूं आज का खाना मैं बना लेती हूं ,नेहा तो आज  थकी हारी आएगी ।हां ठीक है चलो  खाना बनाते हैं। 

 रुद्र प्रताप इंडस्ट्री


अनुराग अपने केबिन में बैठा होता है लेकिन आज उसका दिल दर्द से  भरा हुआ होता है ऐसा लगता है कि जैसे उसके सीने पर पहाड़ जैसा भार रख दिया हो ।लेकिन अनुराग के पास ऐसा कोई भी नहीं है जिसे वह खुलकर बता सके इसलिए अपने कैबिन में बैठे वह बस अपने बेटे की बातों को याद करके उदास बैठा था और उसकी आंखों में नमी साफ नजर आ रही थी।वह बार-बार युवी की उन बातों को याद कर रहा था..... पापा मुझे ममा से मिलना है ,मुझे ममा के पास जाना है !पापा आपने तो कहा था कि आप मुझे ले चलोगे, पापा कहां है मेरी ममा!इन सभी बातों को याद करके अनुराग की आंखों से आंसू गिरते हैं ,तभी पर्सनल सेक्रेटरी आता है और केबिन का डोर नोक करता है ।अनुराग अपने ख्यालों से बाहर आता है और अपनी आंखों मे आई नमी को साफ करके कमिंग कहता है ।सर !आपकी जो आज मीटिंग थी वह आज कैंसल कर दी गई है इसलिए आज आपके पास कोई मीटिंग नहीं है ,आप चाहे तो घर जा सकते हैं ?

नहीं!  मैं घर नहीं जाना चाहता । mr.  खुराना क्या आप मेरे लिए ड्रिंक ला सकते हैं मुझे आज उसकी बहुत जरूरत है।सर यह आप क्या कह रहे हैं?

आप तो ऑफिस में कभी ऐसे....ठीक है सर आप जैसा चाहे मैं अभी भिजवा देता हूं ।थोड़ी देर बाद अनुराग की केबिन में ड्रिंक लाई जाती है, अनुराग एक-एक करके सारे ड्रिंक पीता जाता है। उसे तो बस अपनी मां की और अपने बेटे की बातें ही याद आ रही थी।मैं एक अच्छा पिता नहीं हूं मैं अपने बच्चे को खुश नहीं रख पाया ,क्या मां का कहना मुझे मान जाना चाहिए, क्या मैं सच में दूसरी शादी करूं ? लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता ।मैं अपनी निहारिका को छोड़कर किसी और से शादी कैसे कर सकता हूं ,वह मेरे पास नहीं है तो क्या हुआ उसकी यादें काफी है मेरे लिए । ऐसी कई सारी बातें होती हैं जिसे सोचकर अनुराग खुद को संभाल नहीं पता है और बहुत सारा ड्रिंक करता है ।

सर आप ठीक तो है ना? क्या मैं आपके घर ड्रॉप कर दूं ?आपको घर जाना चाहिए नहीं मिस्टर खुराना ।मैं चला जाऊंगा  सर आप इसकी चिंता मत कीजिए, लेकिन सर आप इस हालत में नहीं लग रहे हैं....नहीं मिस्टर खुराना मैं ठीक हूं और मैं जा सकता हूं आप इसकी चिंता मत कीजिए ।अनुराग अपनी ब्लैक कार निकालता है और अपने घर जाने के लिए निकलता है ।

other side 

नेहा -  हे भगवान ये ऑर्डर तो खत्म ही नहीं हो रहे हैं मैंने क्यों इतना सारा आर्डर ले लिया अभी भी कुछ सामान बाकी है डिलीवरी करने के लिए। लेकिन मैंने अंकल से प्रॉमिस किया है तो मुझे करना ही होगा सारा सामान मुझे सही पते पर पहुंचा कर घर जाना है ।चलो थोड़े ही सामान बाकी है.... नेहा का फोन रिंग होता है !हेलो!!!!हेलो नेहा !यार कहां है तू , अब तक घर क्यों नहीं आई क्या तुम्हारा काम खत्म नहीं हुआ अब तक।नहीं रेशमा! मुझे कुछ समय  लगेगा बस दो-चार सामान और है उसके बाद में आ जाऊंगी ।तुम्हें ज्यादा समय लगने वाला है ? तुम पहले कॉफी शॉप जाओगी वहां से स्कूटी ड्रॉप करोगी उसके बाद ऑटो लेकर यहां आओगी तो काफी समय लग जाएगा ना।

नहीं !अंकल ने कहा है कि मैं सीधा घर ही चली जाऊं काफी समय हो गया है इसलिए उन्होंने आज स्कूटी को मेरे पास ही रखने को कहा है ,कल सुबह हम दोनों स्कूटी पर ही कॉफी शॉप जाएंगे।

अच्छा ठीक है नेहा अपना ध्यान रखना मैंने खाना बना लिया है तुम जल्दी आ जाओ।हां यार मैं आ रही हूं बस कुछ ऑर्डर बाकी है। ठीक है मैं फोन रखती हूं। नेहा को आर्डर देते काफी समय हो जाता है इसलिए वह अपना सारा आर्डर कंपलीट करती है और अपने घर के लिए निकलती है।और वहीं दूसरी तरफ अनुराग अपनी ब्लैक कार को इतनी स्पीड में चल रहा था कि  कार हवा से बातें कर रही थी ।आज अनुराग के दिल में अजीब सी बेचैनी हो रही थी और हो भी क्यों ना इतना बड़ा बिजनेस इतना  पैसे होने के बाद भी वह अपने बच्चे को वह खुशी नहीं दे पा रहा है जो एक बच्चे को अपने पिता से चाहिए ।और अनुराग आज काफी ड्रिंक भी कर रखा था इसलिए उसे कार चलाने में थोड़ी दिक्कत हो रहा था।

अनुराग अपनी कार की स्पीड को और बढ़ा देता है।वहीं दूसरी तरफ नेहा भी अपनी स्कूटी से आ रही होती है नेहा को सामने आ रही कार को देखकर काफी अजीब फिल हो रहा था क्योंकि वह इतनी फास्ट आ रही थी इसलिए नेहा ने अपनी स्कूटी की स्पीड थोड़ी कम करना शुरू कर दिया ।वहीं दूसरी तरफ अनुराग अभी भी अपनी  कार को फास्ट चल रहा था अचानक अनुराग ने देखा कि सामने से ही स्कूटी आ रही है तो उसने ब्रेक लगाना चाहा लेकिन कुछ समय के लिए कंफ्यूज हो गया क्योंकि नशा उसे चढ़ने लगा ।नेहा पूरी तरह से घबरा गई क्योंकि कार की स्पीड तो कम होने का नाम ही नहीं ले रही थी ।

यह कार वाला क्या नशे में है क्या? यह कैसी कार चला रहा है ,मैं साइड से गुजर जाती हूं  लेकिन यह कैसी तेडा़  -मेडा़   कार चला रहा है और इतनी फास्ट क्यों चला रहा है? कहीं ऐसा ना हो कि आज यमराज मुझसे मिल ना जाए ।इस कार वाले की तो ......नेहा काफी कोशिश करती है कि वह अपनी स्कूटी को साइड से निकाल ले लेकिन अनुराग कार कभी इधर चला रहा था तो कभी उधर चला रहा था और रास्ता काफी सुनसान जगह थी इसलिए काफी कम ही लोग आते हैं ।उधर दोनों एक दूसरे के बहुत नजदीक आ जाते हैं तभी नेहा अपनी स्कूटी बीच में ही स्टॉप कर देती, उधर अनुराग को होश में आता है और देखता है कि सामने कोई खड़ा है तो इतना जोर से ब्रेक मारता है कि कार तो रुक जाती है पर कार का सामने वाला हिस्सा नेहा की स्कूटी से टकरा जाता है ।

(क्या  जाने क्या होगा आगे ?क्या यह स्टोरी नया मोड़ लेगी जब अनुराग की नजर नेहा पर पड़ेगी, जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरी स्टोरी" माफिया बॉस"।)